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मंत्री ही हमारी सुनो
Updated Sat, 09 Sep 2017 08:27 PM IST
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बरेली। शहर के उद्यमियों ने भी शनिवार को सर्किट हाउस पहुंचकर जिले के प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने प्रभारी मंत्री को बताया कि अफसरशाही उनकी उपेक्षा कर रही है। नतीजा यह है कि जिले के तीनों प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बदहाल हो चुके हैं। संबंधित विभाग उनकी समस्याएं हल करने में कोई दिलचस्पी नहीं लेते। उद्यमियों ने जीएसटी की खामियां हल न होने पर भी असंतोष जताया।
शनिवार सुबह प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक से मिलने पहुंचे उद्यमियों ने उनसे आग्रह किया कि जिला योजना की बैठक और कार्यक्रमों में उद्यमी संगठन भी आमंत्रित किए जाएं ताकि कारोबारी अपनी समस्याएं रख सकें। उद्यमियों ने बताया कि जिले के परसाखेड़ा, सीबीगंज और भोजीपुरा समेत तीनों प्रमुख इंडस्ट्रियल एरिया में जन सुविधाएं तक मुहैया नहीं हैं, जिस वजह से श्रमिक तक परेशान हैं। सड़क नहीं बन रही हैं, नाले चोक पड़े हुए हैं। बारिश में आवागमन ठप हो जाता है, जहां-तहां अतिक्रमण की भी भरमार है। उद्यमियों ने बताया कि इन तीनों इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित फैक्ट्रियाें से भरपूर टैक्स जमा होता है। नगर निगम और जिला पंचायत भी टैक्स लेता है लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। चैंबर आफ कामर्स के सचिव बिमल रेवाड़ी ने बताया कि संगठन ने समस्याएं रख दी हैं। प्रभारी मंत्री ने अगली बार बरेली आने पर उनके संगठनों के साथ बैठक करने को कहा है।
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शनिवार सुबह प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक से मिलने पहुंचे उद्यमियों ने उनसे आग्रह किया कि जिला योजना की बैठक और कार्यक्रमों में उद्यमी संगठन भी आमंत्रित किए जाएं ताकि कारोबारी अपनी समस्याएं रख सकें। उद्यमियों ने बताया कि जिले के परसाखेड़ा, सीबीगंज और भोजीपुरा समेत तीनों प्रमुख इंडस्ट्रियल एरिया में जन सुविधाएं तक मुहैया नहीं हैं, जिस वजह से श्रमिक तक परेशान हैं। सड़क नहीं बन रही हैं, नाले चोक पड़े हुए हैं। बारिश में आवागमन ठप हो जाता है, जहां-तहां अतिक्रमण की भी भरमार है। उद्यमियों ने बताया कि इन तीनों इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित फैक्ट्रियाें से भरपूर टैक्स जमा होता है। नगर निगम और जिला पंचायत भी टैक्स लेता है लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। चैंबर आफ कामर्स के सचिव बिमल रेवाड़ी ने बताया कि संगठन ने समस्याएं रख दी हैं। प्रभारी मंत्री ने अगली बार बरेली आने पर उनके संगठनों के साथ बैठक करने को कहा है।
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