{"_id":"5ba7fb13867a557f67734acb","slug":"61537735443-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेज हवा और बारिश से धान को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेज हवा और बारिश से धान को नुकसान
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मानसून के उतार में आसमान से बारिश के नाम पर आफत बरसने से किसान अपनी धान और गन्ने की फसल खेत में लोटपोट होने से एक बार फिर मायूस हुए हैं। बिथरी, भोजीपुरा, बहेड़ी, नवाबगंज, आंवला, मीरगंज, शाही, शेरगढ़, शीशगढ़, विशारतगंज के ग्रामीण इलाकों में धान और गन्ना के अलावा सब्जी की हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गईं। जिन खेतों में पानी भरा है, उनमें सब्जी सड़ने के आसार बन गए हैं।
सर्वाधिक नुकसान धान की फसल का हुआ है। भारी बारिश के बीच तेज हवाएं चलने से धान खेतों में लोटपोट होने से उत्पादन पर 40 से 50 फीसदी तक असर पड़ सकता है। अगर बारिश होती और तेज हवा न चलती तो धान को खास नुकसान नहीं होता। धान में बाली आने से ज्यादा नुकसान की आशंका है। गन्ना, सरसों, उड़द, मूंग के अलावा सब्जियों में आलू, टमाटर, लौकी, तोरई, भिंडी, बैंगन, प्याज आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। आईवीआरआई कृषि विशेषज्ञ डा. रनजीत सिंह का कहना है कि दो दिनों में 40 से 50 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। धान की फसल में बाली नहीं आई है, उसमें तो फायदा होगा। जिसमें बाली आ चुकी है या जो धान पकने जा रहा है, उसे नुकसान होगा।
सब्जी को भी नुकसान
डा. रनजीत सिंह के मुताबिक सब्जियों में अगैती फसल मूली, पालक, शलजम, मटर, चुकंदर, धनिया, सेम, आलू आदि को नुकसान हो सकता है। निचले खेतों में पानी भरने से सब्जियों के सड़ने का खतरा है। इस बार यह फसलें बारिश की वजह से देर से बोई जाएंगी। इससे बाजार में सब्जियों के भाव कुछ समय के लिए बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वाधिक नुकसान धान की फसल का हुआ है। भारी बारिश के बीच तेज हवाएं चलने से धान खेतों में लोटपोट होने से उत्पादन पर 40 से 50 फीसदी तक असर पड़ सकता है। अगर बारिश होती और तेज हवा न चलती तो धान को खास नुकसान नहीं होता। धान में बाली आने से ज्यादा नुकसान की आशंका है। गन्ना, सरसों, उड़द, मूंग के अलावा सब्जियों में आलू, टमाटर, लौकी, तोरई, भिंडी, बैंगन, प्याज आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। आईवीआरआई कृषि विशेषज्ञ डा. रनजीत सिंह का कहना है कि दो दिनों में 40 से 50 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। धान की फसल में बाली नहीं आई है, उसमें तो फायदा होगा। जिसमें बाली आ चुकी है या जो धान पकने जा रहा है, उसे नुकसान होगा।
विज्ञापन
सब्जी को भी नुकसान
डा. रनजीत सिंह के मुताबिक सब्जियों में अगैती फसल मूली, पालक, शलजम, मटर, चुकंदर, धनिया, सेम, आलू आदि को नुकसान हो सकता है। निचले खेतों में पानी भरने से सब्जियों के सड़ने का खतरा है। इस बार यह फसलें बारिश की वजह से देर से बोई जाएंगी। इससे बाजार में सब्जियों के भाव कुछ समय के लिए बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन