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नहीं घटाई जाएंगी एमफिल की सीटें, 15 सीटों पर ही होंगे प्रवेश
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:23 AM IST
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग में एमफिल की सीटें नहीं घटाई जाएंगी। 15 सीटों पर ही प्रवेश होंगे। कुलपति ने स्पष्ट कह दिया कि सीटें घटाने-बढ़ाने का अधिकार विभाग को नहीं है। कुलपति ने विभागाध्यक्ष को भी तलब किया।
दरअसल, प्राचीन इतिहास विभाग में पिछले दिनों एंट्रेंस क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से मना कर दिया गया। पहली सूची में उनका नाम था, लेकिन दूसरी सूची से गायब कर दिया गया। जब अभ्यर्थियों ने विभाग में बात की तो कह दिया गया कि शिक्षक कम होने के कारण एमफिल की पांच सीटें घटा दी गई हैं। छात्रनेता शिव प्रताप सिंह यादव पीड़ित छात्रा पूजा यादव को लेकर कुलपति से मिले। पूरा मामला बताया तो कुलपति चौंक गए। बोले, सीटें विभाग कैसे कम कर सकता है। अगर शिक्षकों की कमी है तो विभाग को अवगत कराना चाहिए। उन्होंने विभागाध्यक्ष को भी बुला लिया।
विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिव प्रताप का कहना था कि विश्वविद्यालय मनमानी कर रहा है। पिछड़े वर्ग के छात्रों को और पीछे धकेल रहा है। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने कहा कि एमफिल में प्रवेश पंद्रह सीटों पर ही होंगे। प्रवेश समिति के अलावा कोई अन्य सीटें नहीं घटा सकता। वहीं पीड़ित छात्रा पूजा रानी का कहना है कि उसको बोला गया कि मॉडर्न हिस्ट्री वाले को प्राचीन इतिहास में प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि नोटिफिकेशन में इसका कोई जिक्र नहीं है। कुलपति ने दो दिन बाद छात्रा को बुलाया है।
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दरअसल, प्राचीन इतिहास विभाग में पिछले दिनों एंट्रेंस क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से मना कर दिया गया। पहली सूची में उनका नाम था, लेकिन दूसरी सूची से गायब कर दिया गया। जब अभ्यर्थियों ने विभाग में बात की तो कह दिया गया कि शिक्षक कम होने के कारण एमफिल की पांच सीटें घटा दी गई हैं। छात्रनेता शिव प्रताप सिंह यादव पीड़ित छात्रा पूजा यादव को लेकर कुलपति से मिले। पूरा मामला बताया तो कुलपति चौंक गए। बोले, सीटें विभाग कैसे कम कर सकता है। अगर शिक्षकों की कमी है तो विभाग को अवगत कराना चाहिए। उन्होंने विभागाध्यक्ष को भी बुला लिया।
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विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिव प्रताप का कहना था कि विश्वविद्यालय मनमानी कर रहा है। पिछड़े वर्ग के छात्रों को और पीछे धकेल रहा है। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने कहा कि एमफिल में प्रवेश पंद्रह सीटों पर ही होंगे। प्रवेश समिति के अलावा कोई अन्य सीटें नहीं घटा सकता। वहीं पीड़ित छात्रा पूजा रानी का कहना है कि उसको बोला गया कि मॉडर्न हिस्ट्री वाले को प्राचीन इतिहास में प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि नोटिफिकेशन में इसका कोई जिक्र नहीं है। कुलपति ने दो दिन बाद छात्रा को बुलाया है।
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