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निदा पर फतवा देने वालों को गिरफ्तार करे पुलिस
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निदा खान
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान के खिलाफ दरगाह आला हजरत के दारुल इफ्ता से फतवा देकर उन्हें इस्लाम से खारिज करने और उनकी चोटी काटकर देश से बाहर निकालने पर इनाम का एलान करने के अलग-अलग मामलों में शुक्रवार को अदालत ने काफी सख्त रुख दिखाया। पुलिस की ओर से इन दोनों मामलों में दाखिल चार्जशीट को अदालत ने यह कहकर वापस कर दिया कि अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पेश किया जाए या उन्हें सीआरपीसी की धारा 41 के तहत नोटिस तामील कराया जाए। अदालत के इस आदेश के बाद शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, मुफ्ती अफजाल रजवी, निदा के शौहर शीरान रजा और चोटी काटने पर इनाम का एलान करने वाले अंजुमन फैजाने मदीना के अध्यक्ष मोइन नूरी सिद्दीकी के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
निदा के खिलाफ दारुल इफ्ता से 17 जुलाई 2018 को मुफ्ती अफजाल ने फतवा जारी किया था, जिसका शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर एलान किया था। इस फतवे में निदा को इस्लाम से खारिज करने की बात कही गई थी। इसके बाद 22 जुलाई को मोइन नूरी सिद्दीकी ने निदा और मेरा फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी की चोटी काटकर उन्हें देश से निकालने पर इनाम का एलान कर दिया था। निदा ने इन दोनों मामलों में थाना बारादरी में एफआईआर दर्ज कराई थी। फतवा जारी करने के मामले में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, मुफ्ती अफजाल रजवी, अपने शौहर शीरान रजा और चोटी काटने का एलान करने के मामले में मोइन नूरी सिद्दी और शीरान रजा को नामजद किया गया था।
शुक्रवार को दोनों मामलों में विवेचक की ओर से एसीजेएम सियाराम चौरसिया की अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई तो उन्होंने विवेचक से पूछा कि अभियुक्तों को धारा 41 के तहत नोटिस क्यों नही दिया गया। अगर नोटिस नहीं दिया गया तो उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। विवेचक इस पर कोई जवाब नही दे पाए तो अदालत ने चार्जशीट दोनों मामलों की चार्जशीट वापस कर विवेचक को कानून के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया। अदालत की सख्ती से अभियुक्तों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है।
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निदा के खिलाफ दारुल इफ्ता से 17 जुलाई 2018 को मुफ्ती अफजाल ने फतवा जारी किया था, जिसका शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर एलान किया था। इस फतवे में निदा को इस्लाम से खारिज करने की बात कही गई थी। इसके बाद 22 जुलाई को मोइन नूरी सिद्दीकी ने निदा और मेरा फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी की चोटी काटकर उन्हें देश से निकालने पर इनाम का एलान कर दिया था। निदा ने इन दोनों मामलों में थाना बारादरी में एफआईआर दर्ज कराई थी। फतवा जारी करने के मामले में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, मुफ्ती अफजाल रजवी, अपने शौहर शीरान रजा और चोटी काटने का एलान करने के मामले में मोइन नूरी सिद्दी और शीरान रजा को नामजद किया गया था।
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शुक्रवार को दोनों मामलों में विवेचक की ओर से एसीजेएम सियाराम चौरसिया की अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई तो उन्होंने विवेचक से पूछा कि अभियुक्तों को धारा 41 के तहत नोटिस क्यों नही दिया गया। अगर नोटिस नहीं दिया गया तो उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। विवेचक इस पर कोई जवाब नही दे पाए तो अदालत ने चार्जशीट दोनों मामलों की चार्जशीट वापस कर विवेचक को कानून के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया। अदालत की सख्ती से अभियुक्तों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है।
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