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विद्यार्थियों का भविष्य संवारने को बनाई राह तो मिला पुरस्कार
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:59 AM IST
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बरेली। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर समिति द्वारा संचालित लोकमणि लाल पुरस्कार से बिथरी चैनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय उड़ला जागीर की सहायक शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा शर्मा को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के उन्नयन के कार्यों हेतु उन्हें यह पुरस्कार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने दिया है।
वर्ष 2013 में डॉ. प्रज्ञा बदायूं से ट्रांसफर होकर यहां पहुंची थीं। स्कूल में पता लगा कि पहले वहां काफी बच्चे थे, मगर धीरे-धीरे यह संख्या काफी कम हो गई। साथी शिक्षकों को प्रेरित कर प्रयास शुरू किए और अभिभावकों से संपर्क किया तो बच्चों की संख्या 200 से बढ़कर 362 हो गई। लड़कियों की शिक्षा के लिए घरों में जाकर अभिभावकों को प्रेरित किया तो उसके परिणाम भी सामने आने लगे। स्कूल में अभी स्मार्ट क्लास नहीं शुरू हो सका है, लेकिन डॉ. प्रज्ञा ने बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए अपने संसाधन से लैपटॉप और प्रोजेक्टर आदि खरीदकर बच्चों को सिखाना शुरू कर दिया है। बॉटनी से पीएचडी कर चुकीं डॉ. प्रज्ञा का विषय तो विज्ञान है लेकिन अपनी रुचि के चलते वह गणित भी पढ़ाती हैं। उनके पति प्रमोद कुमार कासगंज में खंड शिक्षा अधिकारी हैं। डॉ. प्रज्ञा शर्मा को पुरस्कार मिलने पर उप्र. जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से उन्हें बधाई दी है।
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वर्ष 2013 में डॉ. प्रज्ञा बदायूं से ट्रांसफर होकर यहां पहुंची थीं। स्कूल में पता लगा कि पहले वहां काफी बच्चे थे, मगर धीरे-धीरे यह संख्या काफी कम हो गई। साथी शिक्षकों को प्रेरित कर प्रयास शुरू किए और अभिभावकों से संपर्क किया तो बच्चों की संख्या 200 से बढ़कर 362 हो गई। लड़कियों की शिक्षा के लिए घरों में जाकर अभिभावकों को प्रेरित किया तो उसके परिणाम भी सामने आने लगे। स्कूल में अभी स्मार्ट क्लास नहीं शुरू हो सका है, लेकिन डॉ. प्रज्ञा ने बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए अपने संसाधन से लैपटॉप और प्रोजेक्टर आदि खरीदकर बच्चों को सिखाना शुरू कर दिया है। बॉटनी से पीएचडी कर चुकीं डॉ. प्रज्ञा का विषय तो विज्ञान है लेकिन अपनी रुचि के चलते वह गणित भी पढ़ाती हैं। उनके पति प्रमोद कुमार कासगंज में खंड शिक्षा अधिकारी हैं। डॉ. प्रज्ञा शर्मा को पुरस्कार मिलने पर उप्र. जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से उन्हें बधाई दी है।
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