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पीसीबी की एनओसी बि ना चालू हो गया ईँट भट्टा
Updated Tue, 20 Feb 2018 10:00 AM IST
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फोटो- टोनी
फ्लैग- तिगरा से 350 मीटर की दूरी पर चलता रहा महीनों काम
अब पीसीबी की एनओसी बिना चालू हो गया ईंट भट्ठा
न नींव खोदने से पहले परमीशन ली, न आग डालने पर
प्रभारी डीएम ने जांच कर एसडीएम सदर से मांगी आख्या
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। शहर से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर एक हजार से ज्यादा आबादी वाले गांव की सीमा में ईंट भट्ठा बनाने का काम महीनोें चलता रहा। सोमवर को भट्ठे का विधिवत उद्घाटन भी हो गया, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ईंट भट्ठा बनने की भनक दो दिन पहले यानी 16 फरवरी को लगी। भट्ठा मालिक ने पीसीबी से न तो नींव खोदने से पहले परमीशन ली, न ही आग डालने पर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने ईंट भट्ठा नियमावली 2012 के विरुद्ध बना होना बताकर जिलाधिकारी को प्रशासनिक स्तर से रोक लगाने के लिए पत्र लिखा है।
तहसील सदर के गांव तिगरा भंडसर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की नियमावली 2012 के नियमों के विपरीत अनधिकृत रूप से कई माह से ईंट भट्ठे का निर्माण कराया जा रहा था। इसी गांव के सरदार निरवैर सिंह ने पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी से अवैध भट्ठा निर्माण की शिकायत की। इस पर भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोता रहा। सात फरवरी को मौके पर जाकर पीसीबी टीम ने जांच की। इसके बाद 16 फरवरी को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि इसरार अहमद मैसर्स सना ब्रिक फील्ड के नाम से ईंट भट्ठा बना रहे हैं। यह जनहित और शासन की नियमावली के विपरीत है। ईंट भट्ठे का निर्माण प्रशासनिक स्तर से रोका जाना आवश्यक है। हालांकि तब तक ईंट भट्ठा बनकर चालू हो चुका था। 19 फरवरी को अवैध ईंट भट्ठे का कुछ राजनीतिज्ञों ने विधिवत उद्घाटन भी कर दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ईंट भट्ठा बनाने को उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के विरुद्ध बताया। कहा, भट्ठा निर्माण से पहले न तो जिला प्रशासन से परमीशन ली गई, न ही बाद में। तिगरा और आसपास गांवों के किसानों ने प्रभारी डीएम सत्येंद्र कुमार से मिलकर अवैध ईंट भट्ठा निर्माण के बनने और उद्घाटन की जानकारी दी। इस पर प्रभारी डीएम ने एसडीएम सदर को जांच सौंपकर आख्या मांगी है।
यह हैं ईंट भट्ठा निर्माण के प्रमुख नियम
- भट्टे के एक किलोमीटर के रेडिएस में गांव नहीं होना चाहिए।
- भट्ठा अगर गांव के नजदीक है तो उसकी आबादी एक हजार से अधिक न हो। तिगरा गांव की आबादी महज 350 मीटर की दूरी पर है।
- ईंट भट्ठा की नींव खोदने से पहले प्रशासन की परमीशन आवश्यक है।
- भट्ठा निर्माण से पहले उस एरिया के चारों ओर 10 मीटर चौड़ाई में पेड़ों की (पौधों की नहीं) बाड़ लगनी चाहिए।
- भट्ठा में आग डालने से पहले प्रशासन की परमीशन आवश्यक है।
- आम के बाग से भट्ठे की एयर डिस्टेंस 800 मीटर हो।
- भट्ठा मुख्य जिला मार्ग से 100 मीटर दायरे के अंदर न हो।
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फ्लैग- तिगरा से 350 मीटर की दूरी पर चलता रहा महीनों काम
अब पीसीबी की एनओसी बिना चालू हो गया ईंट भट्ठा
न नींव खोदने से पहले परमीशन ली, न आग डालने पर
प्रभारी डीएम ने जांच कर एसडीएम सदर से मांगी आख्या
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। शहर से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर एक हजार से ज्यादा आबादी वाले गांव की सीमा में ईंट भट्ठा बनाने का काम महीनोें चलता रहा। सोमवर को भट्ठे का विधिवत उद्घाटन भी हो गया, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ईंट भट्ठा बनने की भनक दो दिन पहले यानी 16 फरवरी को लगी। भट्ठा मालिक ने पीसीबी से न तो नींव खोदने से पहले परमीशन ली, न ही आग डालने पर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने ईंट भट्ठा नियमावली 2012 के विरुद्ध बना होना बताकर जिलाधिकारी को प्रशासनिक स्तर से रोक लगाने के लिए पत्र लिखा है।
तहसील सदर के गांव तिगरा भंडसर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की नियमावली 2012 के नियमों के विपरीत अनधिकृत रूप से कई माह से ईंट भट्ठे का निर्माण कराया जा रहा था। इसी गांव के सरदार निरवैर सिंह ने पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी से अवैध भट्ठा निर्माण की शिकायत की। इस पर भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोता रहा। सात फरवरी को मौके पर जाकर पीसीबी टीम ने जांच की। इसके बाद 16 फरवरी को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि इसरार अहमद मैसर्स सना ब्रिक फील्ड के नाम से ईंट भट्ठा बना रहे हैं। यह जनहित और शासन की नियमावली के विपरीत है। ईंट भट्ठे का निर्माण प्रशासनिक स्तर से रोका जाना आवश्यक है। हालांकि तब तक ईंट भट्ठा बनकर चालू हो चुका था। 19 फरवरी को अवैध ईंट भट्ठे का कुछ राजनीतिज्ञों ने विधिवत उद्घाटन भी कर दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ईंट भट्ठा बनाने को उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के विरुद्ध बताया। कहा, भट्ठा निर्माण से पहले न तो जिला प्रशासन से परमीशन ली गई, न ही बाद में। तिगरा और आसपास गांवों के किसानों ने प्रभारी डीएम सत्येंद्र कुमार से मिलकर अवैध ईंट भट्ठा निर्माण के बनने और उद्घाटन की जानकारी दी। इस पर प्रभारी डीएम ने एसडीएम सदर को जांच सौंपकर आख्या मांगी है।
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यह हैं ईंट भट्ठा निर्माण के प्रमुख नियम
- भट्टे के एक किलोमीटर के रेडिएस में गांव नहीं होना चाहिए।
- भट्ठा अगर गांव के नजदीक है तो उसकी आबादी एक हजार से अधिक न हो। तिगरा गांव की आबादी महज 350 मीटर की दूरी पर है।
- ईंट भट्ठा की नींव खोदने से पहले प्रशासन की परमीशन आवश्यक है।
- भट्ठा निर्माण से पहले उस एरिया के चारों ओर 10 मीटर चौड़ाई में पेड़ों की (पौधों की नहीं) बाड़ लगनी चाहिए।
- भट्ठा में आग डालने से पहले प्रशासन की परमीशन आवश्यक है।
- आम के बाग से भट्ठे की एयर डिस्टेंस 800 मीटर हो।
- भट्ठा मुख्य जिला मार्ग से 100 मीटर दायरे के अंदर न हो।