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शिकवा शिकायत के बीच 48 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर
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बरेली। प्रदेश में पंचायत चुनावों की हलचल शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। बरेली जिला पंचायत के तमाम गांवों और वार्डों में अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। इस बीच चुनाव के परिप्रेक्ष्य में हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई सदस्यों ने अध्यक्ष पर पांच साल में मनमानी कार्यशैली और वार्डों में निष्पक्ष विकास नहीं कराने के आरोप जड़ दिए। कहा- अब वे किस मुंह से वोट मांगने जाएंगे। इसलिए लंबित विकास कार्यों के प्रस्ताव निष्पक्ष तरीके से निस्तारित किए जाएं।
शनिवार शाम करीब छह माह बाद हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई सदस्यों का दर्द सामने आ गया। उन्होंने कहा कि पांच साल से निष्पक्ष विकास कार्य कराने का आग्रह किया जाता रहा लेकिन अध्यक्ष ने अपने चहेतों के वार्डों में ही ज्यादातर काम कराएं हैं। सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता का हमेशा ही अभाव रहा। महिला सदस्य नीलू सागर और ममता गंगवार ज्यादा आक्रामक दिखीं। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में अब निष्पक्षता के साथ बराबर बजट दिया जाए, क्योंकि पंचायत चुनाव सिर पर हैं, जन अपेक्षा के अनुरूप विकास कार्य हुए नहीं हैं, ऐसे में जनता से वोट मांगने जाएंगे तो क्या जवाब देंगे। वोटर उनसे क्षेत्र की उपेक्षा पर सवाल जरूर करेंगे। लिहाजा अध्यक्ष अब अपनी मनमानी कार्यशैली से हटकर विकास कार्य कराएं।
इस पर अध्यक्ष संजय सिंह ने सफाई दी और वादा किया वह निष्पक्षता के साथ मिलजुल कर विकास कार्य कराएंगे। सभी सदस्य गिले शिकवे दूर करें। बता दें, पिछली बैठक में कई विभागों के अफसरों के न आने पर सदस्यों ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई थी। कुछ ही दिन बाद कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन लागू होने के बाद बैठक टलती रही। अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने की आशंका से आनन-फानन में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह ने बैठक बुलाकर सदस्यों से प्रस्ताव लिए। इसलिए इस बार सदस्यों ने बैठक में अध्यक्ष पर सवाल दागे और बाद में आपसी गिले शिकवे दूर किए। इसके बाद एजेंडे को चर्चा के लिए सदन में रखा गया। इस बार भी कई अफसर बैठक से नदारद रहे।
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48 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास
जिला पंचायत बोर्ड बैठक 48 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय वित्त आयोग से 30 करोड़ और राज्य वित्त आयोग से 18 करोड़ के काम स्वीकृत किए गए हैं। अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार के मुताबिक संबंधित विकास कार्यों के लिए अब शासन से बजट मांगा जाएगा। बजट जारी होने के बाद विकास कार्य शुरू होंगे।
एडवाइजरी मिलने पर
होगा कार्य आवंटन
अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार ने 15वें केंद्र और राज्य वित्त से मिलने वाले बजट पर वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना पर चर्चा की। सदस्यों को जानकारी दी कि अब टाइड और अनटाइड फंड मिलेगा, इसके तहत ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत में विकास कार्य होंगे। फंड से कौन से काम जिला पंचायत, क्षेत्र या ग्राम पंचायत को कराने हैं, इसके लिए कार्य विभाजन संबंधी एडवाइजरी अभी नहीं आई है। सदस्यों से विकास कार्य के लिए लिखित प्रस्ताव मांगे गए।
गड्ढामुक्त नहीं हुई सड़क और न पुलिया बनी
नवाबगंज के एक जिला पंचायत सदस्य ने पीडब्ल्यूडी के सड़क को गड्ढा मुक्त न करने की शिकायत की। अन्य सदस्यों ने भी कई सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाया। मझगवां के वार्ड 37 के सदस्य ने शादीनगर और मानपुर के बीच पुलिया के निर्माण का प्रस्ताव कई बार रखने पर भी काम शुरू न होने पर नाराजगी जताई। अध्यक्ष ने शिकायत के निस्तारण का आश्वासन दिया। सदस्यों ने ब्लॉक की बैठक का एजेंडा न मिलने पर भी आपत्ति जताई और तत्काल सुधार करने का आग्रह किया।
कार्य जिन पर खर्च होगा टाइड फंड
- सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, रखरखाव की व्यवस्था।
- सीवर प्रणाली का विकास, रखरखाव, एसटीपी निर्माण।
- पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछाने, रखरखाव, वर्षा जल संचयन।
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से सामुदायिक कंपोस्ट पिट निर्माण।
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, संग्रहण और रीयूज लायक बनाना।
- पंचायत भवनों का निर्माण, रखरखाव, शौचालय निर्माण कार्य।
- बाजार और पशु नखासा में जल निकासी के लिए नाला-नाली का निर्माण आदि कार्य।
- पेयजल आपूर्ति, रेनवाटर हार्वेस्टिग, रीसाइकलिंग, शासकीय भवनों का रखरखाव, मरम्मत के कार्य।
- स्टेट, नेशनल, मेजर ड्रिस्ट्रिक रोड पर पर जन सुविधा केंद्र और उनमें शौचालय, पेयजल, जलपान, वाहन पार्किंग स्थल।
सदस्याें ने अपने गिले-शिकवे रखे। 48 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव स्वीकृत हो गए हैं। नई गाइडलाइन के आधार पर कार्य आवंटन होगा। शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर उनका निस्तारण कराया जाएगा। - संजय सिंह, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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शनिवार शाम करीब छह माह बाद हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई सदस्यों का दर्द सामने आ गया। उन्होंने कहा कि पांच साल से निष्पक्ष विकास कार्य कराने का आग्रह किया जाता रहा लेकिन अध्यक्ष ने अपने चहेतों के वार्डों में ही ज्यादातर काम कराएं हैं। सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता का हमेशा ही अभाव रहा। महिला सदस्य नीलू सागर और ममता गंगवार ज्यादा आक्रामक दिखीं। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में अब निष्पक्षता के साथ बराबर बजट दिया जाए, क्योंकि पंचायत चुनाव सिर पर हैं, जन अपेक्षा के अनुरूप विकास कार्य हुए नहीं हैं, ऐसे में जनता से वोट मांगने जाएंगे तो क्या जवाब देंगे। वोटर उनसे क्षेत्र की उपेक्षा पर सवाल जरूर करेंगे। लिहाजा अध्यक्ष अब अपनी मनमानी कार्यशैली से हटकर विकास कार्य कराएं।
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इस पर अध्यक्ष संजय सिंह ने सफाई दी और वादा किया वह निष्पक्षता के साथ मिलजुल कर विकास कार्य कराएंगे। सभी सदस्य गिले शिकवे दूर करें। बता दें, पिछली बैठक में कई विभागों के अफसरों के न आने पर सदस्यों ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई थी। कुछ ही दिन बाद कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन लागू होने के बाद बैठक टलती रही। अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने की आशंका से आनन-फानन में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह ने बैठक बुलाकर सदस्यों से प्रस्ताव लिए। इसलिए इस बार सदस्यों ने बैठक में अध्यक्ष पर सवाल दागे और बाद में आपसी गिले शिकवे दूर किए। इसके बाद एजेंडे को चर्चा के लिए सदन में रखा गया। इस बार भी कई अफसर बैठक से नदारद रहे।
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48 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास
जिला पंचायत बोर्ड बैठक 48 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय वित्त आयोग से 30 करोड़ और राज्य वित्त आयोग से 18 करोड़ के काम स्वीकृत किए गए हैं। अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार के मुताबिक संबंधित विकास कार्यों के लिए अब शासन से बजट मांगा जाएगा। बजट जारी होने के बाद विकास कार्य शुरू होंगे।
एडवाइजरी मिलने पर
होगा कार्य आवंटन
अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार ने 15वें केंद्र और राज्य वित्त से मिलने वाले बजट पर वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना पर चर्चा की। सदस्यों को जानकारी दी कि अब टाइड और अनटाइड फंड मिलेगा, इसके तहत ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत में विकास कार्य होंगे। फंड से कौन से काम जिला पंचायत, क्षेत्र या ग्राम पंचायत को कराने हैं, इसके लिए कार्य विभाजन संबंधी एडवाइजरी अभी नहीं आई है। सदस्यों से विकास कार्य के लिए लिखित प्रस्ताव मांगे गए।
गड्ढामुक्त नहीं हुई सड़क और न पुलिया बनी
नवाबगंज के एक जिला पंचायत सदस्य ने पीडब्ल्यूडी के सड़क को गड्ढा मुक्त न करने की शिकायत की। अन्य सदस्यों ने भी कई सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाया। मझगवां के वार्ड 37 के सदस्य ने शादीनगर और मानपुर के बीच पुलिया के निर्माण का प्रस्ताव कई बार रखने पर भी काम शुरू न होने पर नाराजगी जताई। अध्यक्ष ने शिकायत के निस्तारण का आश्वासन दिया। सदस्यों ने ब्लॉक की बैठक का एजेंडा न मिलने पर भी आपत्ति जताई और तत्काल सुधार करने का आग्रह किया।
कार्य जिन पर खर्च होगा टाइड फंड
- सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, रखरखाव की व्यवस्था।
- सीवर प्रणाली का विकास, रखरखाव, एसटीपी निर्माण।
- पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछाने, रखरखाव, वर्षा जल संचयन।
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से सामुदायिक कंपोस्ट पिट निर्माण।
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, संग्रहण और रीयूज लायक बनाना।
- पंचायत भवनों का निर्माण, रखरखाव, शौचालय निर्माण कार्य।
- बाजार और पशु नखासा में जल निकासी के लिए नाला-नाली का निर्माण आदि कार्य।
- पेयजल आपूर्ति, रेनवाटर हार्वेस्टिग, रीसाइकलिंग, शासकीय भवनों का रखरखाव, मरम्मत के कार्य।
- स्टेट, नेशनल, मेजर ड्रिस्ट्रिक रोड पर पर जन सुविधा केंद्र और उनमें शौचालय, पेयजल, जलपान, वाहन पार्किंग स्थल।
सदस्याें ने अपने गिले-शिकवे रखे। 48 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव स्वीकृत हो गए हैं। नई गाइडलाइन के आधार पर कार्य आवंटन होगा। शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर उनका निस्तारण कराया जाएगा। - संजय सिंह, अध्यक्ष, जिला पंचायत