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ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए 450 बीघे जमीन फाइनल
बरेली
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:36 AM IST
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बरेली।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अल्टीमेटम और सीएम की सख्ती के बाद नगर निगम ने ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए 450 बीघा जमीन फाइनल कर दी है। नगर निगम का ट्रंचिंग ग्राउंड अब रामगंगा नदी और रुकमपुर, मकरंदपुर पीतमराम और बरूआ हुसैनपुर गांवों की आबादी से चार किलोमीटर दूर होगा। ट्रंचिंग ग्राउंड के चारों ओर 10 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट बनेगी। प्रदूषण रोकने के लिए लीचेड प्लांट भी लगाया जाएगा। ट्रचिंग ग्राउंड की जमीन के ही एक हिस्से में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शिफ्ट करने की भी तैयारी है।
नगर निगम में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए एक लाख की आबादी पर 1.5 हेक्टेयर की जमीन तय की गई है। बरेली की 10 लाख की आबादी के लिए 15 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन चाहिए थी। नगर निगम ने रामगंगा पुल के पार गैर आबादी एरिया में 450 बीघा जमीन खरीद फाइनल कर दी है। जमीन की रजिस्ट्री अगले हफ्ते तक हो जाएगी। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन का एरिया अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन ये ऐसी जगह बनेगा, जहां न तो रामगंगा नदी का किनारा है और न ही आसपास चार किलोमीटर तक कोई आबादी है। ट्रंचिंग ग्राउंड तक शहर का कूड़ा जिस रास्ते से जाएगा, वहां बीच में भी कोई गांव नहीं पड़ेगा। ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन पर ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी शिफ्ट किया जाएगा। प्लांट की शिफ्टिंग में जो भी खर्च आएगा, उसका भार कूड़ा उठाने वाली फर्म हरी भरी वहन करेगी। ट्रंचिंग ग्राउंड से प्रदूषण रोकने के लिए 10 मीटर चौड़ाई में ग्रीन बेल्ट बनाने के साथ ही लीचेड प्लांट लगाया जाएगा। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पॉलीथिन युक्त कूड़ा रामपुर भेजा जाएगा। जहां कूड़े से बिजली बनेगी।
गोबर गैस प्लांट भी लगाएंगे
नगर आयुक्त के अनुसार, ट्रंचिंग ग्राउंड से कुछ दूरी पर वह गोबर गैस प्लांट भी लगाएंगे। इसके लिए फर्म से बात हो चुकी है। गोबर गैस प्लांट को रोजाना कम से कम एक हजार क्विंटल गोबर की जरूरत होगी। फर्म आसपास के ग्रामीणों से गोबर खरीदेगी। इससे ग्रामीणों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अल्टीमेटम और सीएम की सख्ती के बाद नगर निगम ने ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए 450 बीघा जमीन फाइनल कर दी है। नगर निगम का ट्रंचिंग ग्राउंड अब रामगंगा नदी और रुकमपुर, मकरंदपुर पीतमराम और बरूआ हुसैनपुर गांवों की आबादी से चार किलोमीटर दूर होगा। ट्रंचिंग ग्राउंड के चारों ओर 10 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट बनेगी। प्रदूषण रोकने के लिए लीचेड प्लांट भी लगाया जाएगा। ट्रचिंग ग्राउंड की जमीन के ही एक हिस्से में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शिफ्ट करने की भी तैयारी है।
नगर निगम में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए एक लाख की आबादी पर 1.5 हेक्टेयर की जमीन तय की गई है। बरेली की 10 लाख की आबादी के लिए 15 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन चाहिए थी। नगर निगम ने रामगंगा पुल के पार गैर आबादी एरिया में 450 बीघा जमीन खरीद फाइनल कर दी है। जमीन की रजिस्ट्री अगले हफ्ते तक हो जाएगी। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन का एरिया अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन ये ऐसी जगह बनेगा, जहां न तो रामगंगा नदी का किनारा है और न ही आसपास चार किलोमीटर तक कोई आबादी है। ट्रंचिंग ग्राउंड तक शहर का कूड़ा जिस रास्ते से जाएगा, वहां बीच में भी कोई गांव नहीं पड़ेगा। ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन पर ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी शिफ्ट किया जाएगा। प्लांट की शिफ्टिंग में जो भी खर्च आएगा, उसका भार कूड़ा उठाने वाली फर्म हरी भरी वहन करेगी। ट्रंचिंग ग्राउंड से प्रदूषण रोकने के लिए 10 मीटर चौड़ाई में ग्रीन बेल्ट बनाने के साथ ही लीचेड प्लांट लगाया जाएगा। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पॉलीथिन युक्त कूड़ा रामपुर भेजा जाएगा। जहां कूड़े से बिजली बनेगी।
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गोबर गैस प्लांट भी लगाएंगे
नगर आयुक्त के अनुसार, ट्रंचिंग ग्राउंड से कुछ दूरी पर वह गोबर गैस प्लांट भी लगाएंगे। इसके लिए फर्म से बात हो चुकी है। गोबर गैस प्लांट को रोजाना कम से कम एक हजार क्विंटल गोबर की जरूरत होगी। फर्म आसपास के ग्रामीणों से गोबर खरीदेगी। इससे ग्रामीणों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा।
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