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विवि के ‘तुगलकी फरमान’ विरोध में सड़क पर उतरे छात्र
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बरेली। समाजवादी छात्र सभा के बैनर तले बृहस्पतिवार को इंजीनियरिंग के छात्रों ने विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया। फीस अदा न कर पाने वाले छात्रों को परीक्षा देने से रोके जाने के विश्वविद्यालय प्रशासन के तुगलकी फरमान के विरोध में जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन देकर इस फरमान को वापस लेने की मांग की। साथ ही, जिन छात्रों ने तंगहाली में पूरी फीस जमा की है, उसे वापस करने को कहा।
बृहस्पतिवार को करीब तीन दर्जन से अधिक छात्र सड़कों पर उतर आए। छात्र नेता गजेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि कैंपस में एससी/एसटी श्रेणी के छात्र शून्य फीस पर पढ़ते हैं। जो छात्रवृत्ति मिलने पर निर्धारित फीस जमा करते हैं। यह वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया है, जिसमें अब विवि प्रशासन ने बदलाव किया है। जिसके तहत पूरी फीस जमा करने के बाद ही परीक्षा देने की अनुमति का जिक्र है। वहीं, नवंबर तक फीस जमा न होने पर एक हजार रुपये प्रतिमाह जुर्माने के हिसाब से लेट फीस जमा करने की संस्तुति है। जोकि आर्थिक कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं है। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल छात्रों से मिले। उन्होंने जारी किए गए आदेश के बाबत पूछताछ करने और सुधार का आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्र शांत हुए और जल्द निर्णय न होने पर फिर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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बृहस्पतिवार को करीब तीन दर्जन से अधिक छात्र सड़कों पर उतर आए। छात्र नेता गजेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि कैंपस में एससी/एसटी श्रेणी के छात्र शून्य फीस पर पढ़ते हैं। जो छात्रवृत्ति मिलने पर निर्धारित फीस जमा करते हैं। यह वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया है, जिसमें अब विवि प्रशासन ने बदलाव किया है। जिसके तहत पूरी फीस जमा करने के बाद ही परीक्षा देने की अनुमति का जिक्र है। वहीं, नवंबर तक फीस जमा न होने पर एक हजार रुपये प्रतिमाह जुर्माने के हिसाब से लेट फीस जमा करने की संस्तुति है। जोकि आर्थिक कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं है। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल छात्रों से मिले। उन्होंने जारी किए गए आदेश के बाबत पूछताछ करने और सुधार का आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्र शांत हुए और जल्द निर्णय न होने पर फिर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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