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Bareilly News: सड़क किनारे पड़े दो करोड़ के 40 पोर्टा केबिन हो रहे कबाड़
Sat, 29 Aug 2026 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:53 AM IST
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बरेली। शहर को स्वच्छ रखने और कूड़ा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की ओर से दो करोड़ रुपये से खरीदे गए 40 पोर्टा केबिन सड़कों के किनारे पड़े-पड़े कबाड़ हो रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इनका संचालन नहीं हो सका।
वर्ष 2024 में खरीदे गए इन पोर्टा केबिनों को पीलीभीत रोड, राजेंद्रनगर और सेटेलाइट समेत शहर के अन्य प्रमुख हिस्सों में रखा गया था। हर दो वार्डों के बीच इन्हें स्थापित किया जाना था, ताकि नागरिक सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग डाल सकें। खरीद के बाद इन्हें वार्डों में भिजवाने के बजाय सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। काफी समय से धूप और बारिश सह रहे ये केबिन जंग की वजह से नीचे से गलने लगे हैं।
सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि जनता के टैक्स के पैसों से खरीदी गई इन संपत्तियों का उपयोग न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। निगम की बोर्ड बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बावजूद कोई पहल नहीं की गई। नगर निगम के एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि केबिन के संचालन के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
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केबिन का संचालन शुरू हो तो मिले कूड़े से निजात
शहर में कई ऐसे घनी आबादी वाले इलाके और तंग गलियां हैं, जहां डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे क्षेत्रों में लोग मजबूरी में सड़कों और गलियों के किनारों पर कूड़ा फेंक देते हैं। इससे न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि समय रहते इन पोर्टा केबिनों को उनके तय स्थानों पर स्थापित कर दिया जाता तो शहर को कूड़े से निजात मिल जाता।
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वर्ष 2024 में खरीदे गए इन पोर्टा केबिनों को पीलीभीत रोड, राजेंद्रनगर और सेटेलाइट समेत शहर के अन्य प्रमुख हिस्सों में रखा गया था। हर दो वार्डों के बीच इन्हें स्थापित किया जाना था, ताकि नागरिक सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग डाल सकें। खरीद के बाद इन्हें वार्डों में भिजवाने के बजाय सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। काफी समय से धूप और बारिश सह रहे ये केबिन जंग की वजह से नीचे से गलने लगे हैं।
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सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि जनता के टैक्स के पैसों से खरीदी गई इन संपत्तियों का उपयोग न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। निगम की बोर्ड बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बावजूद कोई पहल नहीं की गई। नगर निगम के एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि केबिन के संचालन के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
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केबिन का संचालन शुरू हो तो मिले कूड़े से निजात
शहर में कई ऐसे घनी आबादी वाले इलाके और तंग गलियां हैं, जहां डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे क्षेत्रों में लोग मजबूरी में सड़कों और गलियों के किनारों पर कूड़ा फेंक देते हैं। इससे न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि समय रहते इन पोर्टा केबिनों को उनके तय स्थानों पर स्थापित कर दिया जाता तो शहर को कूड़े से निजात मिल जाता।