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Bareilly News: मंडल में 15 महीने में 3895 सड़क हादसे, 1965 की गई जान
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बरेली। मंडल के चारों जिलों में जनवरी 2024 से मार्च 2025 के बीच 3,895 सड़क हादसे हुए। इनमें 1965 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 3088 लोग घायल हुए। सबसे ज्यादा हादसों की वजह ओवर स्पीडिंग रही। यह जानकारी देते हुए एडीजी रमित शर्मा ने डिजिटल मंच पर ‘परवाह अभियान’ शुरू किया है। हादसे रोकने और यातायात सुगम बनाने के लिए एडीजी का डिजिटल पीआरओ जारविस भी लोगों को जागरूक कर रहा है। वह लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के टिप्स दे रहा है।
15 महीने में हादसों का ब्योरा
बरेली : 1416 हादसे, 608 मौत, 1377 घायल
बदायूं : 774 हादसे, 503 मौत, 572 घायल
शाहजहांपुर : 1125 हादसे, 579 मौत, 703 घायल
पीलीभीत : 580 हादसे, 275 मौत, 436 घायल
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सड़क हादसों की मुख्य वजह
ओवर स्पीडिंग, लापरवाही से वाहन चलाना, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट ड्राइविंग, शराब पीकर वाहन चलाना, यातायात नियमों की अनदेखी।
केयर अभियान की मुख्य बातें
हेलमेट पहनें। सीट बेल्ट लगाएं। शराब पीकर वाहन न चलाएं। तेज रफ्तार से बचें।
पुलिसिंग और तकनीक से कर रहे प्रयास
डिजिटल पीआरओ जारविस एआई और पुलिसिंग का समन्वय है। वह भविष्य में न केवल अपराध नियंत्रण, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। एआई इन्फ्लुएंसर भी सरकारी अभियानों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल नैतिकता के प्रसार में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बेसिक पुलिसिंग के साथ तकनीक के संगम से यातायात सुरक्षा के लिए भी काम किया जा रहा है। - रमित शर्मा, एडीजी जोन
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15 महीने में हादसों का ब्योरा
बरेली : 1416 हादसे, 608 मौत, 1377 घायल
बदायूं : 774 हादसे, 503 मौत, 572 घायल
शाहजहांपुर : 1125 हादसे, 579 मौत, 703 घायल
पीलीभीत : 580 हादसे, 275 मौत, 436 घायल
सड़क हादसों की मुख्य वजह
ओवर स्पीडिंग, लापरवाही से वाहन चलाना, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट ड्राइविंग, शराब पीकर वाहन चलाना, यातायात नियमों की अनदेखी।
केयर अभियान की मुख्य बातें
हेलमेट पहनें। सीट बेल्ट लगाएं। शराब पीकर वाहन न चलाएं। तेज रफ्तार से बचें।
पुलिसिंग और तकनीक से कर रहे प्रयास
डिजिटल पीआरओ जारविस एआई और पुलिसिंग का समन्वय है। वह भविष्य में न केवल अपराध नियंत्रण, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। एआई इन्फ्लुएंसर भी सरकारी अभियानों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल नैतिकता के प्रसार में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बेसिक पुलिसिंग के साथ तकनीक के संगम से यातायात सुरक्षा के लिए भी काम किया जा रहा है। - रमित शर्मा, एडीजी जोन
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