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Bareilly News: डायरिया की चपेट में 35 बच्चे, वार्ड फुल, बढ़ाने पड़े बेड
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बृहस्पतिवार को 13 बच्चे हुए भर्ती, स्वस्थ हुए छह डिस्चार्ज
बरेली। बारिश के दौरान दूषित खानपान से डायरिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। बुधवार को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में 13 बीमार बच्चे भर्ती होने से वार्ड फुल हो गया। बेड कम पड़ने पर एडीएसआईसी के निर्देश पर चार बेड बढ़ाकर बच्चों को भर्ती करना पड़ा।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, बुधवार को ओपीडी में इलाज के लिए करीब डेढ़ सौ बच्चे पहुंचे। करीब 70 फीसदी को पेट में दर्द, ऐंठन, भोजन से दूरी, कमजोरी, दस्त आदि के लक्षण थे। डायरिया की पुष्टि वाले चार बच्चों को भर्ती किया गया।
वहीं, गंभीर हालत में वार्ड में पहुंचे नौ अन्य बच्चे भी रात नौ बजे तक भर्ती हुए। पूर्व में भर्ती रहे छह बच्चों के स्वस्थ होने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया ताकि गंभीर बीमार बच्चों को भर्ती किया जा सके। वहीं, बच्चों की तादाद ज्यादा होने पर चार बेड बढ़ाए ताकि रात में कोई परेशानी न हो। वार्ड में 35 बच्चे भर्ती हैं।
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डॉ. गुप्ता ने अभिभावकों से बच्चों की दूध की बोतल को अच्छे से साफ करने, दूध को दो से तीन घंटे बाद रात में भी गुनगुना करने, दूषित पानी या खुले में काफी देर से रखे खाद्य पदार्थ का सेवन न करने, तबीयत बिगड़ने पर विशेषज्ञ के परामर्श पर ही दवा सेवन का सुझाव दिया है। ब्यूरो
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बरेली। बारिश के दौरान दूषित खानपान से डायरिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। बुधवार को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में 13 बीमार बच्चे भर्ती होने से वार्ड फुल हो गया। बेड कम पड़ने पर एडीएसआईसी के निर्देश पर चार बेड बढ़ाकर बच्चों को भर्ती करना पड़ा।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, बुधवार को ओपीडी में इलाज के लिए करीब डेढ़ सौ बच्चे पहुंचे। करीब 70 फीसदी को पेट में दर्द, ऐंठन, भोजन से दूरी, कमजोरी, दस्त आदि के लक्षण थे। डायरिया की पुष्टि वाले चार बच्चों को भर्ती किया गया।
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वहीं, गंभीर हालत में वार्ड में पहुंचे नौ अन्य बच्चे भी रात नौ बजे तक भर्ती हुए। पूर्व में भर्ती रहे छह बच्चों के स्वस्थ होने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया ताकि गंभीर बीमार बच्चों को भर्ती किया जा सके। वहीं, बच्चों की तादाद ज्यादा होने पर चार बेड बढ़ाए ताकि रात में कोई परेशानी न हो। वार्ड में 35 बच्चे भर्ती हैं।
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डॉ. गुप्ता ने अभिभावकों से बच्चों की दूध की बोतल को अच्छे से साफ करने, दूध को दो से तीन घंटे बाद रात में भी गुनगुना करने, दूषित पानी या खुले में काफी देर से रखे खाद्य पदार्थ का सेवन न करने, तबीयत बिगड़ने पर विशेषज्ञ के परामर्श पर ही दवा सेवन का सुझाव दिया है। ब्यूरो