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उत्तरायणी मेले में लोक कलाकारों की धूम, बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
Mon, 14 Jan 2019 01:27 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 14 Jan 2019 01:27 AM IST
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उत्तरायणी मेला
- फोटो : अमर उजाला
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बरेली। ‘आंख्यू में बरेली का सुरमा, घुटु में पायल..बरेली में झुमका गिरी करिगे घायल’, उत्तराखंड और खासकर कुमाऊं के साथ बरेली के जुड़ाव और अपनेपन का अहसास कराते हुए पूरन सिंह दानू के इसी गीत से रविवार को उत्तरायणी मेले में शहरवासियों का स्वागत किया गया। पहाड़ और मैदान की साझा संस्कृतियों को समेटे इस गीत पर उत्तराखंड के कलाकार थिरके तो कुछ देर के लिए पूरा उत्तरायणी मेला उनके इर्द-गिर्द सिमट आया।
उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित उत्तरायणी मेले का रविवार को डीआईजी राजेश पांडे ने शुभारंभ किया। छुट्टी का दिन था, लिहाजा मेले में सुबह से ही भारी भीड़ थी। पहली बार मेले में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और जागेश्वरधाम के फ्लैक्स लगाकर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां हजारों लोगों ने सेल्फी क्लिक की। मेला परिसर में लगे पहाड़ी औषधियों, कपड़ों, मसालों, बाल मिठाई, अनाज, अचार आदि सामान के सवा सौ स्टालों पर भी भीड़ लगी रही।
दोपहर करीब दो बजे छोलिया नृत्य के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर देर रात तक जारी रहा। इससे पहले गायक, लेखक और मेले के सांस्कृतिक प्रभारी पूरन सिंह ‘दानू’ के बरेली पर केंद्रित गीत लोग जमकर झूमे। दोपहर करीब तीन बजे पहुंचे उत्तराखंड सरकार में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने आयोजन की सराहना की।
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कार्यक्रम के दौरान उत्तरायणी जनकल्याण समिति के अध्यक्ष पीसी पाठक, महामंत्री भुवन पांडे, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, गिरीश पांडे, डॉ. मनोज कांडपाल, अमित पंत, दिनेश रौधाना, केपीएस बिष्ट, एनडी पांडे, रमेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
इन्होंने दीं प्रस्तुतियां
नैनीताल से प्रह्लाद मेहरा के नेतृत्व में आए जनजागृति सांस्कृतिक कला मंच लालकुआं, हल्द्वानी से नंद कि शोर नंदू के नेतृत्व में दिव्य ज्योति लोक कला विकास समिति, देहरादून से हेमंत बडोला के नेतृत्व में संगम सांस्कृतिक कला मंच, अल्मोड़ा से कुंवर राज की घुघुति संस्था के अलावा पिथौरागढ़ से आई छोलिया टीम ने पहाड़ की संस्कृति पर आधार कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
लोक गायकों में ललित मोहन जोशी, दर्शन फरस्वाण, जगदीश आर्या, आनंद रोधियाल, नारायण सिंह दुग्ताल, रेखमा शाह के साथ उत्तराखंड आर्या सांस्कृतिक कला मंच, उत्तरांचल दीप पर्वतीय समाज समिति, सिविल लाइंस सांस्कृतिक कलामंच, सांस्कृतिक कलामंच चंद्रगुप्त पुरम बाईपास, पर्वतीय मंथन सांस्कृतिक रंगमंच समेत सोलह स्थानीय टीमों ने प्रस्त़ुति दी।
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उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित उत्तरायणी मेले का रविवार को डीआईजी राजेश पांडे ने शुभारंभ किया। छुट्टी का दिन था, लिहाजा मेले में सुबह से ही भारी भीड़ थी। पहली बार मेले में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और जागेश्वरधाम के फ्लैक्स लगाकर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां हजारों लोगों ने सेल्फी क्लिक की। मेला परिसर में लगे पहाड़ी औषधियों, कपड़ों, मसालों, बाल मिठाई, अनाज, अचार आदि सामान के सवा सौ स्टालों पर भी भीड़ लगी रही।
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दोपहर करीब दो बजे छोलिया नृत्य के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर देर रात तक जारी रहा। इससे पहले गायक, लेखक और मेले के सांस्कृतिक प्रभारी पूरन सिंह ‘दानू’ के बरेली पर केंद्रित गीत लोग जमकर झूमे। दोपहर करीब तीन बजे पहुंचे उत्तराखंड सरकार में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने आयोजन की सराहना की।
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कार्यक्रम के दौरान उत्तरायणी जनकल्याण समिति के अध्यक्ष पीसी पाठक, महामंत्री भुवन पांडे, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, गिरीश पांडे, डॉ. मनोज कांडपाल, अमित पंत, दिनेश रौधाना, केपीएस बिष्ट, एनडी पांडे, रमेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
इन्होंने दीं प्रस्तुतियां
नैनीताल से प्रह्लाद मेहरा के नेतृत्व में आए जनजागृति सांस्कृतिक कला मंच लालकुआं, हल्द्वानी से नंद कि शोर नंदू के नेतृत्व में दिव्य ज्योति लोक कला विकास समिति, देहरादून से हेमंत बडोला के नेतृत्व में संगम सांस्कृतिक कला मंच, अल्मोड़ा से कुंवर राज की घुघुति संस्था के अलावा पिथौरागढ़ से आई छोलिया टीम ने पहाड़ की संस्कृति पर आधार कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
लोक गायकों में ललित मोहन जोशी, दर्शन फरस्वाण, जगदीश आर्या, आनंद रोधियाल, नारायण सिंह दुग्ताल, रेखमा शाह के साथ उत्तराखंड आर्या सांस्कृतिक कला मंच, उत्तरांचल दीप पर्वतीय समाज समिति, सिविल लाइंस सांस्कृतिक कलामंच, सांस्कृतिक कलामंच चंद्रगुप्त पुरम बाईपास, पर्वतीय मंथन सांस्कृतिक रंगमंच समेत सोलह स्थानीय टीमों ने प्रस्त़ुति दी।