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मर्यादा तोड़ने पर संकट में आता है अस्तित्व

Tue, 08 Jan 2019 01:20 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Tue, 08 Jan 2019 01:20 AM IST
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मर्यादा तोड़ने पर संकट में आता है अस्तित्व
बरेली। जिस उम्र में बच्चे मां-बाप से जिंदगी का ककहरा सीखते हैं, उसमें जया किशोरी राधा कृष्ण की भक्ति के गीत गाने लगीं। किशोर या युवा जब अपने कैरियर के विषय में सोचते हैं, तब जया किशोरी ने भगवान कृष्ण और राधा को अपना आराध्य बना लिया। भक्त उन्हें प्रेम से राधास्वरूपा भी कहते हैं। जब वह मात्र छह साल की थीं, तब जया ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर पहला भजन गाया था। जया कोई साधु संत या साध्वी नहीं हैं, केवल एक साधारण लड़की हैं। मगर, जब वह मंच पर राधा कृष्ण के भजन गाती हैं तो पांडाल में मौजूद भक्त भी उनके भजनों पर झूमने लगते हैं। बरेली के त्रिवटीनाथ मंदिर में उनकी कथा चल रही है। राजस्थान के सुजानगढ़ गांव की रहने वाले नमक कारोबारी शिवशंकर शर्मा और सोनिया शर्मा की दो बेटियों में बड़ी जया किशोरी मात्र 21 साल की हैं। मगर, बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने तक वह श्रीमद्भागवत राधा कृष्ण से जुड़े तमाम ग्रंथ और वेद उपनिषद पढ़कर कथावाचक की ख्याति अर्जित कर चुकी थीं।
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अमर उजाला ने युवाओं की पसंद और ईश्वर भक्ति के द्वंद्व पर उनसे साक्षात्कार किया। हर युवा इस उम्र में कैरियर (जिंदगी) के बारे में सोचता है तो आपके भक्ति मार्ग की तरफ मुड़ने की वजह? जया किशोरी का कहना है कि वह तो राधा-कृष्ण के चरणों में जिंदगी अर्पित कर चुकी हैं। अब यही उनका कैरियर है। युवाओं के भटकाव की वजह? पर बोलीं- निजी जिंदगी मेें युवा समस्याग्रस्त है। वह मूवी देखता है। दोस्त बनाता है। मगर, भजन गाने से परहेज करता है। इसलिए उलझने पैदा होती हैं। माता-पिता को बचपन से ही बच्चों को संस्कार सिखाने चाहिए। मगर, वह प्रारंभ में तो कुछ सिखाते नहीं। जब वह बड़ा हो जाता है, तो उनकी बात नहीं मानता। उनका संदेश है कि माता-पिता से मिली आजादी में युवा कुछ भी करें, लेकिन मर्यादा न लांघें क्योंकि ऐसा करने से खुद उनका, परिवार, समाज और देश का अस्तित्व संकट में पड़ता है। समाज के लिए कोई संदेश? के जवाब में जया का कहना है कि कन्या भ्रूण हत्या, दहेज, रेप और महिलाओं के साथ असमानता जैसी बुराइयों के प्रति जागरूकता आए तो हमारा समाज और देश तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा।
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सबकी खुशी से बने राम मंदिर
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के सवाल पर जया किशोरी ने कहा कि वैसे यह राजनीतिक मुद्दा है। धार्मिक होने की वजह से वह केवल इतना ही कह सकती हैं कि राम मंदिर अवश्य बने, लेकिन किसी के विरोध या हिंसा से नहीं। सब खुश होकर राम मंदिर बनाएं। तभी प्रभु को भी अच्छा लगेगा।
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