फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   अब बरेली में एम्स खोलने का शिगूफा

अब बरेली में एम्स खोलने का शिगूफा

Wed, 07 Mar 2018 10:00 AM IST
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:00 AM IST
विज्ञापन
अब बरेली में एम्स खोलने का शिगूफा
फोटो--
विज्ञापन


अभी तो चुनावी शिगूफा ‘एम्स’
कभी हाउसिंग प्रोजेक्ट तो कभी एसईजेड जैसे तमाम शिगूफे
रबर फैक्ट्री की जमीन नपाई शुरू होते ही हुई लखनऊवाणी
सरकार के पास जमीन नहीं, प्रस्ताव तमाम
इंडस्ट्रियल जोन का प्रस्ताव तैयार करा रही सीएम की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। रबर फैक्ट्री की जमीन पर प्रोजेक्ट की फेहरिस्त रबर की तरह खिंचती जा रही है। 17 साल से तमाम शिगूफे चर्चा में आए हैं। 10 साल पहले एक राजनेता हाउसिंग प्रोजेक्ट और मेगा फूड पार्क लाने की चर्चा फैलवाते रहे, तो कभी वहां दिल्ली से बिल्डर लाकर कॉलोनी बनवाने की बात उड़ाई गई। अबकी ‘लखनऊवाणी’ हुई है कि वहां एम्स (आल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट) लाने को एक राजनेता प्रयास कर रहे हैं। पड़ताल में पता लगा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यसूची में नौ फरवरी को यह मुद्दा जुड़वाया गया था। यानी अभी तो यह मात्र चुनावी शिगूफा ही है।
मंगलवार सुबह अचानक सोशल मीडिया पर बंद रबर फैक्ट्री की जमीन पर ‘एम्स’ खोले जाने की ‘लखनऊवाणी’ हुई। फिर क्या था, समर्थकों ने चर्चा शुरू कर दी। इस मुद्दे को सुर्खियों में लाने के लिए लखनऊ-दिल्ली से फोन घनघनाने लगे। इस मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री संतोष गंगवार और प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल से बातचीत हुई तो दोनों ने हाथ खड़े कर दिए।
विज्ञापन


विधायक ने याचिका समिति में रखा मामला
मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने विधानसभा याचिका समिति में रबर फैक्ट्री की जमीन पर एम्स खोलने के साथ अन्य कई विकास कार्यों के प्रस्ताव रखे थे। वर्मा खुद समिति के सदस्य हैं। याचिका समिति में आने वाले प्रस्ताव विधानसभा में रखे जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंडस्ट्रियल जोन का प्रस्ताव
21-22 फरवरी को लखनऊ में हुए इन्वेस्टर्स समिट में बरेली में निवेश को लेकर टेक्सटाइल पार्क समेत 38 प्रोजेक्ट रखे गए। हथकरघा निदेशक रमारमण ने मौका मुआयना किया तो पता चला कि बीडीए ने कोई काम ही नहीं किया है। तब उन्होंने खाली पड़ी रबर फैक्ट्री की जमीन और रहपुरा जागीर क्षेत्र को मिलाकर इंडस्ट्रियल जोन बनाने के निर्देश दिए थे।

जिम्मेदार बोले--
फोटो- संतोष गंगवार
रबर फैक्ट्री पर एम्स बनाने संबंधी प्रस्ताव की मुझे कोई जानकारी नहीं है। संबंधित मंत्री और विभाग से बात करके ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। - संतोष गंगवार केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

फोटो- राजेश अग्रवाल
बरेली में एम्स खुलेगा। ऐसा कोई प्रस्ताव हमारे सामने नहीं आया, न ही कोई ऐसी चर्चा हुई। जिसने प्रस्ताव दिया है, इस बारे में वही बेहतर बता सकता है। - राजेश अग्रवाल, वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश

फोटो--डीसी वर्मा विधायक
हमने याचिका समिति में मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से संबंधित कई विकास कार्यों के प्रस्ताव रखे हैं। इसमें रबर फैक्ट्री की जमीन पर एम्स बनाने की भी मांग है। स्थानीय लोगों के आग्रह पर प्रस्ताव सौंपे हैं, जो मंगलवार को विधानसभा के पटल पर आ गए हैं। फैसला सरकार को लेना है।
- डीसी वर्मा, विधायक मीरगंज

फोटो- प्रवीण सिंह ऐरन
भाजपा जुमले वाली पार्टी है। चुनाव आते ही कुछ न कुछ शिगूफा छोड़ देते हैं। पिछले 17 साल से बंद पड़ी रबर फैक्ट्री पर कोई काम नहीं हुआ। अब फिर इसका मुद्दा उठाकर भ्रम फैलाया जा रहा है। - प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व सांसद

फैक्ट्री की परिसंपत्तियों से कर्जा वसूलने की तैयारी
- पांच अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
फतेहगंज पश्चिमी। मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर रबर फैक्टरी के 17 साल से बंद पड़े हाईवे से सटे प्लांट, भूमि और कालोनी के भवनों के मूल्यांकन का कार्य मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर डेब्ट रिकवरी ट्रिव्यूनल (डीआरटी) द्वारा नियुक्त रिसीवर एनबी ठक्कर और आईसीआईसीआई बैंक से विधि अधिकारी महेश शाह दूसरे दिन भी मूल्यांकन करने में जुटे रहे। आईसीआईसीआई विधि अधिकारी महेश शाह ने बताया कि फैक्ट्री मालिक ने आईसीआईसीआई समेत 14 बैकों से 283 करोड़ रुपये का लोन लिया था। कर्ज की भरपाई फैक्ट्री की परिसंपत्तियों से करने का पूरा कानूनी हक है और वह इन्हीं तैयारियों में जुटे हैं।


फोटो-- डीएम
नीलाम नहीं होने देंगे जमीन: डीएम
जिला प्रशासन की दलील है कि 1370 एकड़ जमीन फैक्ट्री चलाने के लिए 3.20 लाख रुपये में लीज पर दी गई थी। लिखित करार हुआ था कि फैक्ट्री बंद होने या उत्पादन ठप होने पर जमीन सरकार को वापस हो जाएगी और 3.20 लाख रुपये फैक्ट्री मालिकान को लौटा दिए जाएंगे। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शासन को पूरे प्रकरण की जानकारी भेजी जा रही है। पांच अप्रैल को सुनवाई से पहले ही मुंबई हाईकोर्ट में यूपी सरकार की ओर से लिखित जवाब दाखिल किया जाएगा और जमीन को किसी भी हाल में नीलाम नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed