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Bareilly News: पीपीपी मॉडल पर होगा 300 बेड अस्पताल का संचालन
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बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 300 बेड अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की कवायद शुरू हुई है। अफसरों ने पीपीपी मॉडल पर संचालन की सहमति जताई है। जल्द प्रस्ताव मांगे जाएंगे।
सोमवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक हुई। बताया कि पिछले माह शहर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने 300 बेड अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा था। साथ ही, अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित कराने के निर्देश दिए थे। मंडलायुक्त ने अन्य जिलों में पीपीपी मॉडल पर संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की तर्ज पर तीन सौ बेड अस्पताल के संचालन का सुझाव दिया। साथ ही, दूसरे जिले में इसके लिए नियम और शर्तों की जानकारी करने के लिए कहा।
आईएमए प्रतिनिधि डॉ. एसके सिंह ने उत्तराखंड में सीएचसी, पीएचसी के पीपीपी मॉडल पर संचालन की जानकारी दी। मंडलायुक्त ने उत्तराखंड से भी नियम-शर्तों की प्रति मंगाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए। साथ ही, नियमानुसार आईएमए से भी प्रस्ताव लिए जाने की बात कही। ब्यूरो
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अस्पताल, मेडिकल कॉलेज संचालक समेत एनजीओ भी दे सकते हैं प्रस्ताव
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, फिलहाल आईएमए से प्रस्ताव मांगा गया है। निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज संचालकों समेत एनजीओ भी तीन सौ बेड अस्पताल के संचालन संबंधी प्रस्ताव दे सकते हैं। बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए., सीडीओ देवयानी, एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा व अन्य अफसर मौजूद रहे।
धूल फांक रहे जीवनरक्षक उपकरण
300 बेड अस्पताल का संचालन कोरोना महामारी के दौरान हुआ था। पीएम केयर फंड से वेंटिलेटर, एचएफएनसी, ऑक्सीजन प्लांट समेत जीवनरक्षक उपकरण लगे, पर मानव संसाधन के अभाव में वे चार साल से धूल फांक रहे हैं। बीते दिनों भारतीय लेखा परीक्षक ने भी पत्र भेजकर सीएमओ से करोड़ों की लागत से बने भवन और उपकरणों को अलाभकारी बताते हुए आपत्तियों पर जवाब मांगा है।
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सोमवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक हुई। बताया कि पिछले माह शहर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने 300 बेड अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा था। साथ ही, अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित कराने के निर्देश दिए थे। मंडलायुक्त ने अन्य जिलों में पीपीपी मॉडल पर संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की तर्ज पर तीन सौ बेड अस्पताल के संचालन का सुझाव दिया। साथ ही, दूसरे जिले में इसके लिए नियम और शर्तों की जानकारी करने के लिए कहा।
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आईएमए प्रतिनिधि डॉ. एसके सिंह ने उत्तराखंड में सीएचसी, पीएचसी के पीपीपी मॉडल पर संचालन की जानकारी दी। मंडलायुक्त ने उत्तराखंड से भी नियम-शर्तों की प्रति मंगाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए। साथ ही, नियमानुसार आईएमए से भी प्रस्ताव लिए जाने की बात कही। ब्यूरो
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अस्पताल, मेडिकल कॉलेज संचालक समेत एनजीओ भी दे सकते हैं प्रस्ताव
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, फिलहाल आईएमए से प्रस्ताव मांगा गया है। निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज संचालकों समेत एनजीओ भी तीन सौ बेड अस्पताल के संचालन संबंधी प्रस्ताव दे सकते हैं। बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए., सीडीओ देवयानी, एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा व अन्य अफसर मौजूद रहे।
धूल फांक रहे जीवनरक्षक उपकरण
300 बेड अस्पताल का संचालन कोरोना महामारी के दौरान हुआ था। पीएम केयर फंड से वेंटिलेटर, एचएफएनसी, ऑक्सीजन प्लांट समेत जीवनरक्षक उपकरण लगे, पर मानव संसाधन के अभाव में वे चार साल से धूल फांक रहे हैं। बीते दिनों भारतीय लेखा परीक्षक ने भी पत्र भेजकर सीएमओ से करोड़ों की लागत से बने भवन और उपकरणों को अलाभकारी बताते हुए आपत्तियों पर जवाब मांगा है।