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Bareilly News: शिविर में नहीं पहुंचे 250 प्रधानाचार्य, निराश लौटे विद्यार्थी

Wed, 14 Jun 2023 02:58 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Wed, 14 Jun 2023 02:58 AM IST
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250 principals did not reach the camp, students returned disappointed
बरेली। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्रों में संशोधन के लिए यूपी बोर्ड की ओर से दूसरे दिन भी राजकीय इंटर कॉलेज में शिविर लगाया गया। इसमें अव्यवस्थाएं हावी रहीं। 250 प्रधानाचार्यों के नहीं पहुंचने से ज्यादातर लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
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दरअसल, अंकपत्रों में संशोधन की प्रक्रिया में प्रधानाचार्य की संस्तुति अनिवार्य है। इसके चलते प्रधानाचार्यों को शिविर में तैनात रहने को कहा गया था। उनकी अनुपस्थिति की वजह से तेज धूप और भीषण गर्मी में दिन भर इंतजार करने के बाद भी लोगों को निराशा हाथ लगी।
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जन्म तिथि में संशोधन के सर्वाधिक मामले
शिविर में जन्म तिथि में संशोधन के ज्यादातर मामले सामने आए। इनमें अधिकतर लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव ने कहा कि अंकपत्र जारी होने के बाद महज तीन साल तक ही जन्म तिथि में संशोधन कराया जा सकता है। इसके बाद जन्म तिथि में संशोधन की कोई प्रक्रिया नहीं है।
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केस-1
संशोधन के लिए लेकर गायब कर दिया अंकपत्र
चांद अल्पसंख्यक हायर सेकेंड्री स्कूल की छात्रा प्रियंका पाल ने बताया कि हाईस्कूल के अंकपत्र में प्रैक्टिकल के नंबर ही नहीं चढ़ाए गए हैं। संशोधन के लिए स्कूल में अंकपत्र जमा कराया था जो गुम हो गया। बाद में दूसरा अंकपत्र जाी कराया। आज संशोधन का मौका था तो प्रिंसिपल नहीं आईं। इसलिए निराश लौटना पड़ रहा है।
केस- 2
गुड्डी को बना दिया गीता
पांच साल से भटक रहीं देवचरा के सिरोही की रीता का कहना है कि उनकी मां का नाम गुड्डी देवी है। इंटरमीडिएट के अंक पत्र में इसे बदलकर गीता कर दिया गया है। श्रीमती कृष्णा मेमोरियल जूनियर हायर सेकेंड्री स्कूल से पढ़ाई की है। संशोधन के लिए प्रधानाचार्य की संस्तुति कराकर बाद में बोर्ड कार्यालय आने को कहा गया। सारी दौड़ बेकार हो गई।
केस- 3
जन्म तिथि में नहीं हुआ सुधार
स्प्रिंग डेल स्कूल की छात्रा मुस्कान का कहना है कि उन्होंने 2014 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। उस वक्त स्कूल की लापरवाही से ही फीडिंग के दौरान जन्म तिथि में गड़बड़ी हुई थी। इसके बाद स्कूल से कई बार संपर्क किया, लेकिन सुधार नहीं हो सका। शिविर में बोर्ड के अधिकारियों ने भी संशोधन से इन्कार कर दिया।
केस- 4
नाम में संशोधन के लिए जमा किया अंकपत्र
भवन नाम के अभिभावक का नाम बदलकर भुवन कर दिया गया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में नाम अलग-अलग होने की वजह से विद्यार्थी हरदीप को काफी दिक्कतें आ रही थीं। समाधान के लिए बोर्ड ने अंकपत्र जमा कराया है। बोर्ड का कहना है कि संशोधन के बाद 10 से 15 दिन में नया अंकपत्र जारी कर दिया जाएगा।

बोर्ड कार्यालय में भी कराए जा सकेंगे संशोधन
सचिव नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि शिविर में जिन लोगों का संशोधन नहीं हो पाया है, वे बाद में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में आकर भी संशोधन करा सकते हैं। इस प्रक्रिया में प्रधानाचार्य की संस्तुति अहम है, बिना संस्तुति के कई संशोधन नहीं हो सके हैं।
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