फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   वित्तमंत्री ने बनाया प्याऊ बन गया ‘शौचालय’

वित्तमंत्री ने बनाया प्याऊ बन गया ‘शौचालय’

Sun, 30 Dec 2018 01:52 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 30 Dec 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
वित्तमंत्री ने बनाया प्याऊ बन गया ‘शौचालय’
बरेली। कैंट बोर्ड के सदर बाजार में करीब ढाई वर्ष पहले वित्तमंत्री ने कांवड़ियों और राहगीरों के लिए प्याऊ का निर्माण शुरू कराया था लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही ठप हो गया। निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो प्याऊ के लिए बनाया गया कमरा शौचालय के रूप में इस्तेमाल होने लगा। मामले पर कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने पार्षदों को पत्र लिख मंत्री जी से संबंधित निर्माण कार्य ध्वस्त कराने को कहा है।
विज्ञापन

बता दें कि विधायक निधि से वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने करीब ढाई लाख रुपये का बजट कैंट बोर्ड में प्याऊ निर्माण के लिए स्वीकृत किए थे। कैंट के सदर बाजार और बीआई बाजार में निर्माण की योजना बनाई गई। शुरूआत सदर केगोल बाजार से हुई। यहां प्याऊ के लिए बोरिंग कराया गया। कमरा भी बन गया। कैंट में ईंटें पहुंचीं, लेकिन निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ। पार्षद अब्दुल हमीद व अन्य ने बताया कि सदर बाजार में बोरिंग के बाद चारदीवारी बनाकर छोड़ दी गई। काफी दिनों के इंतजार के बाद भी जब निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो लोग इसे शौचालय के रूप में इस्तेमाल करने लगे। हालात यह हैं कि बदबू होने से इधर से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्याऊ के लिए बनाए गए कमरे को ध्वस्त करने पर सहमति जताई है।
विज्ञापन


वित्त मंत्री के आदेश पर होगा ध्वस्त
कैंट बोर्ड अधिकारी एई आरके माहेश्वरी ने बताया कि प्याऊ का निर्माण विधायक निधि से हुआ है, इसलिए बगैर विधायक की स्वीकृति के ध्वस्तीकरण कराना संभव नहीं है। वित्तमंत्री की सहमति के लिए कई बार पत्र लिखा है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिल सका है। अब पार्षदों को पत्र लिखकर संबंधित मामले पर आपसी सहमति से निर्माण कार्य को ध्वस्त कराने को लिखा है। ताकि क्षेत्र से गंदगी और बदबू साफ हो सके। इसका उपयोग न हो सके इसलिए कमरे में कंटीली झाड़ियां भर दी हैं। अब लोग दीवार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब कौन पिएगा इस प्याऊ का पानी
सफाई निरीक्षक मनोज तिवारी ने बताया कि अब अगर यहां प्याऊ का निर्माण करा भी दिया जाए तो कोई इसका पानी नहीं पिएगा, क्योंकि दो वर्षों से यह शौचालय के रूप में इस्तेमाल हो रहा। अगर, बोरिंग कराई भी जाए तो अन्य कहीं नई सिरे से बोरिंग हो तभी प्याऊ लगाने का प्रयास सफल होगा। अन्यथा सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed