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मालगाड़ियों की वजह से लगा लाल फाटक पर जाम
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:45 AM IST
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बरेली। दिवाली की छुट्टियां खत्म होने पर सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की आशंका रविवार को सच साबित हुई। वाहनों के संख्या में इजाफे से गड़बड़ाई ट्रैफिक व्यवस्था देर शाम तक दुरुस्त नहीं हो सकी। मालगाड़ियों के अनियमित संचालन की वजह से लाल फाटक पर घंटों जाम के हालात बने रहे। क्रासिंग पर सैकड़ों वाहन फंस गए जो बाद में रेंग रेंगकर गुजरे। यात्रियों खासकर त्योहार करके लौट रहे लोगों को इससे काफी परेशानी हुई।
आमतौर पर रविवार के दिन वाहनों का दबाव कम होने से सड़कें खाली रहती हैं और जाम के हालात नहीं बनते, लेकिन आज हाल जुदा था। दिवाली और भैयादूज के बाद छुट्टी के अंतिम दिन लोग वापस लौट रहे थे तो सड़कों पर वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई। ऐसे में रेलवे की नई व्यवस्था ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी। रेलवे ने डीजल बचाने के लिहाज से दो से ज्यादा मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर चलाना शुरू किया है। ऐसे ही मालगाड़ी जब रविवार शाम साढ़े चार बजे के करीब बेहद धीमी गति से लाल फाटक से निकली तो क्रासिंग काफी देर तक बंद रहा। मालगाड़ी जाने के बाद एक यात्री ट्रेन भी इसी समय गुजार दी गई तो वाहनों की संख्या और ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में क्रासिंग खुलने पर पहले से तंग रास्ते पर जब आड़े तिरछे वाहन सामने आए तो भयंकर जाम लग गया। जाम साढ़े छह बजे के बाद कम हो सका। ऐसे में वाहनों में बैठे लोग काफी मायूस दिखे। इनमें से कई ने तो काफी दूर तक पैदल चलकर क्रासिंग पार की और दूसरी दिशा के ऑटो में बैठकर शहर की ओर निकले। मालगाड़ियों के इसी अनियमित संचालन का सीधा असर महेशपुरा क्रासिंग और चौपुला दिशा से आना जाने वाले वाहनों पर पड़ा। यहां भी शाम ढले खासा जाम लग गया।
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आमतौर पर रविवार के दिन वाहनों का दबाव कम होने से सड़कें खाली रहती हैं और जाम के हालात नहीं बनते, लेकिन आज हाल जुदा था। दिवाली और भैयादूज के बाद छुट्टी के अंतिम दिन लोग वापस लौट रहे थे तो सड़कों पर वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई। ऐसे में रेलवे की नई व्यवस्था ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी। रेलवे ने डीजल बचाने के लिहाज से दो से ज्यादा मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर चलाना शुरू किया है। ऐसे ही मालगाड़ी जब रविवार शाम साढ़े चार बजे के करीब बेहद धीमी गति से लाल फाटक से निकली तो क्रासिंग काफी देर तक बंद रहा। मालगाड़ी जाने के बाद एक यात्री ट्रेन भी इसी समय गुजार दी गई तो वाहनों की संख्या और ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में क्रासिंग खुलने पर पहले से तंग रास्ते पर जब आड़े तिरछे वाहन सामने आए तो भयंकर जाम लग गया। जाम साढ़े छह बजे के बाद कम हो सका। ऐसे में वाहनों में बैठे लोग काफी मायूस दिखे। इनमें से कई ने तो काफी दूर तक पैदल चलकर क्रासिंग पार की और दूसरी दिशा के ऑटो में बैठकर शहर की ओर निकले। मालगाड़ियों के इसी अनियमित संचालन का सीधा असर महेशपुरा क्रासिंग और चौपुला दिशा से आना जाने वाले वाहनों पर पड़ा। यहां भी शाम ढले खासा जाम लग गया।
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