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सिविल सर्विसेज में आशुतोष को मिली 208वीं रैंक
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 14 May 2016 01:33 AM IST
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सिविल सर्विसेज 2015 की परीक्षा में आशुतोष द्विवेदी ने 208वीं रैक हासिल की है। उनकी सफलता का मंत्र सतत परिश्रम हैं। वह मूल रूप से रायबरेली के नया पुरवा निराला नगर के रहने वाले हैं। वर्तमान में इफ्को परिसर में रहते हुए वरिष्ठ अभियंता के रूप में गेल इंडिया को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 2014 में आरपीएफ सिक्योरिटी कमिश्नर के पद पर भी चयनित हुए थे। दसवीं की पढ़ाई लालगंज प्रतापगढ़ के अवधेश विद्या मंदिर और 12वीं की शिक्षा दीनदयाल विद्यालय कानपुर से हुई। एचबीटीआई कानपुर से बीटेक करने के बाद इसरों में 2009 में वैज्ञानिक के रूप में नियुक्त हुए थे। 2009 के अंत में ही गेल इंडिया में नियुक्ति हो गए। 2012 में गेल इंडिया में वरिष्ठ अभियंता के रूप में ट्रांसफर होकर बरेली आ गए।
सरकारी तंत्र का लाभ आम लोगों तक पहुंचाएंगे
सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफल होने वाले आशुतोष द्विवेदी अपनी सफलता का श्रेय मां विमला देवी और बहन अर्चना मिश्र को देते हैं। कहते हैं कि पिता डॉ. एमपी द्विवेदी पशु चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवा निवृत्त हुए। उन्होंने हमेशा घर में शिक्षा का माहौल बनाया। उसी का नतीजा रहा कि वे सुचारु रूप से अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा पाए। प्राथमिकता गिनाते हुए आशुतोष कहते हैं कि उनका प्रयास रहेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचे। लोगों की मदद और सेवा के भाव से ही उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल की है।
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सरकारी तंत्र का लाभ आम लोगों तक पहुंचाएंगे
सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफल होने वाले आशुतोष द्विवेदी अपनी सफलता का श्रेय मां विमला देवी और बहन अर्चना मिश्र को देते हैं। कहते हैं कि पिता डॉ. एमपी द्विवेदी पशु चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवा निवृत्त हुए। उन्होंने हमेशा घर में शिक्षा का माहौल बनाया। उसी का नतीजा रहा कि वे सुचारु रूप से अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा पाए। प्राथमिकता गिनाते हुए आशुतोष कहते हैं कि उनका प्रयास रहेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचे। लोगों की मदद और सेवा के भाव से ही उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल की है।
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