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अभी आचार संहिता और बाद में बारिश लगाएगी अड़ंगा
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बरेली। आचार संहिता की वजह से अभी कई काम अटक गए हैं। बाद में काम शुरू भी होंगे तो आगे बारिश का सीजन इसमें अड़ंगा लग जाएगा। इसलिए कुछ कामों के लिए निर्वाचन आयोग से भी मंजूरी मांगने की कोशिश की जा रही है।
आचार संहिता मई के अंत में हटेगी। तब तक कई महत्वपूर्ण कामों के लिए भी ई-टेडरिंग की प्रक्रिया रुकी हुई है। लंबे वक्त से बरेली-सीतापुर फोरलेन का काम लटका हुआ है। इससे यह हाईवे काफी खराब हालत में पहुंच गया है। तमाम फ्लाईओवर और ओवरब्रिज के काम भी आधे-अधूरे पड़े हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि एनएचएआई के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अरबों का कर्ज देने वाली बैंकों को काम पूरा कराने का मौका दिया था, लेकिन कांट्रेक्टर ही तय नहीं हो सका। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारी इस हाईवे का काम अब खुद ही पूरा कराने की कोशिश में लगे हैं। इसका ई-टेंडर होना है, लेकिन आचार संहिता की वजह से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। मई के बाद अगर ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को शुरू भी किया जाता है तो आगे मानसून सीजन शुरू जाने से काम पूरा कराने में अड़ंगा लगेगा। यही दिक्कत एयर टर्मिनल में कई कामों को पूरा कराने में आ रही है। यहां जल निकासी के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये पास हुआ है। जल निगम को इसे पूरा कराना है, लेकिन यह प्रक्रिया ई-टेंडरिंग की वजह से लटक गई है। हालांकि जल निगम के अधिकारियों ने शासन से इस काम को शुरू करने के लिए निर्वाचन आयोग से स्वीकृति दिलाए जाने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता के बाद मंजूरी मिली तो बारिश शुरू हो जाने के बाद इस काम को पूरा कराने में परेशानी होगी। इधर, बरेली से सितारगंज के बीच भारतमाला परियोजना के तहत सड़क को फोरलेन बनाने का काम भी शुरू होना है। करीब पांच सौ करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए भी टेंडर की प्रक्रिया न हो पाने की वजह से आचार संहिता बताई जा रही है।
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आचार संहिता मई के अंत में हटेगी। तब तक कई महत्वपूर्ण कामों के लिए भी ई-टेडरिंग की प्रक्रिया रुकी हुई है। लंबे वक्त से बरेली-सीतापुर फोरलेन का काम लटका हुआ है। इससे यह हाईवे काफी खराब हालत में पहुंच गया है। तमाम फ्लाईओवर और ओवरब्रिज के काम भी आधे-अधूरे पड़े हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि एनएचएआई के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अरबों का कर्ज देने वाली बैंकों को काम पूरा कराने का मौका दिया था, लेकिन कांट्रेक्टर ही तय नहीं हो सका। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारी इस हाईवे का काम अब खुद ही पूरा कराने की कोशिश में लगे हैं। इसका ई-टेंडर होना है, लेकिन आचार संहिता की वजह से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। मई के बाद अगर ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को शुरू भी किया जाता है तो आगे मानसून सीजन शुरू जाने से काम पूरा कराने में अड़ंगा लगेगा। यही दिक्कत एयर टर्मिनल में कई कामों को पूरा कराने में आ रही है। यहां जल निकासी के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये पास हुआ है। जल निगम को इसे पूरा कराना है, लेकिन यह प्रक्रिया ई-टेंडरिंग की वजह से लटक गई है। हालांकि जल निगम के अधिकारियों ने शासन से इस काम को शुरू करने के लिए निर्वाचन आयोग से स्वीकृति दिलाए जाने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता के बाद मंजूरी मिली तो बारिश शुरू हो जाने के बाद इस काम को पूरा कराने में परेशानी होगी। इधर, बरेली से सितारगंज के बीच भारतमाला परियोजना के तहत सड़क को फोरलेन बनाने का काम भी शुरू होना है। करीब पांच सौ करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए भी टेंडर की प्रक्रिया न हो पाने की वजह से आचार संहिता बताई जा रही है।
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