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Bareilly News: नहीं मिले 200 करोड़, सेटेलाइट से पीलीभीत बाइपास मार्ग का चौड़ीकरण फिर अटका

Tue, 25 Mar 2025 02:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Mar 2025 02:14 AM IST
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200 crores not received, widening of Pilibhit bypass road from Satellite stuck again
बरेली। सेटेलाइट से पीलीभीत बाइपास मार्ग का चौड़ीकरण फिर अटक गया है। वित्तीय वर्ष में सिर्फ सात दिन बाकी हैं। सिक्सलेन के लिए लोक निर्माण विभाग ने 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, पर वित्तीय स्वीकृति न मिलने से अटक गया। इससे रोज इस सड़क पर 25 हजार से अधिक वाहन हिचकोले खा रहे हैं।
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सेटेलाइट से बड़ा बाइपास तक 11.320 किलोमीटर लंबी सड़क है। पीलीभीत रोड स्थित बैरियर टू पुलिस चौकी से विलय धाम (बड़ा बाइपास) तक टू-लेन सड़क को बीडीए सिक्सलेन करा रहा है। सेटेलाइट से बैरियर टू पुलिस चौकी तक करीब 7.4 किलोमीटर हिस्से की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास है। इसे फोर से सिक्सलेन कराने की जरूरत है। लोक निर्माण विभाग ने इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा था जो अटक गया है।
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इस मार्ग को सिक्सलेन करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2023-24 में भी 301 करोड़ रुपये का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा था। तब बजट अधिक बताकर इसे खारिज कर दिया गया था। मंडलायुक्त के हस्तक्षेप पर बीडीए ने एक हिस्से को अपनाया और चौड़ीकरण का टेंडर निकाला। दूसरा हिस्सा अब भी लोक निर्माण विभाग में अटका है। इससे हादसों का खतरा है, क्योंकि मार्ग पर कई जगह अतिक्रमण है। कहीं सड़क किनारे निर्माण सामग्री के ढेर लगे हैं तो कहीं वाहनों का बाजार सज रहा है। जब तक मार्ग सिक्सलेन नहीं हो जाता, तब तक राहगीरों को मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
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इसलिए जरूरी है सिक्सलेन
यही मार्ग बरेली के लोगों को पीलीभीत और इसके बाद टकनकपुर उत्तराखंड से जोड़ता है। मार्ग पर एयरफोर्स स्टेशन और हवाई अड्डा है। कई व्यापारिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान हैं। दिनभर हजारों लोगों का आवागमन रहता है। मंडलायुक्त ने यही उल्लेख करते हुए सिक्सलेन की पैरवी की थी, लेकिन बजट जारी नहीं हो सका।

सुरक्षित सफर पर अतिक्रमण का ग्रहण
वाहनों की बढ़ती संख्या के हिसाब से सड़क चौड़ी नहीं है। इसके दोनों ओर अतिक्रमण ने सुरक्षित सफर पर ग्रहण लगा दिया है। - रमेश चंद्र अग्रवाल, सिविल लाइंस

दो साल से लोक निर्माण विभाग सिर्फ एस्टीमेट बना रहा है। रोज वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। चौड़ीकरण को अब और न टाला जाए। - अनुज गुप्ता, कर्मचारीनगर
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बढ़ते यातायात को देखते हुए सेटेलाइट से बड़ा बाइपास तक सिक्सलेन की जरूरत है। इसके एक हिस्से को बीडीए बनवा रहा है। दूसरे हिस्से के लिए एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर काम शुरू होगा। - अजय कुमार, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
ब्यूरो
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