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चचेरी बहन से दुष्कर्म पर बीस साल कैद
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बरेली। चचेरी बहन से दुष्कर्म करने के आरोपी को अदालत ने दोषी पाते हुए बीस साल कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल सेठ ने किया।
घटना थाना सुभाषनगर क्षेत्र की है। इसकी रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी बारह साल की बेटी 30 नवंबर, 2018 की शाम दुकान से कुछ सामान लेने जा रही थी तभी उसका तहेरा भाई उसे हाथ पकड़कर गांव से बाहर ले गया और खेत में दुष्कर्म किया। जब काफी देर तक बेटी घर नहीं लौटी तो पिता ने उसकी तलाश की। रात आठ बजे वह घर आई और घटना की जानकारी दी। पिता ने घटना की शिकायत अपने बड़े भाई से की तो वह और उसकी पत्नी झगड़ा करने लगे।
घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने जाने पर ग्राम प्रधान और पुलिस उस पर समझौता करने का दबाव डालने लगे। मना करने पर पुलिस वालों ने लड़की के माता-पिता के एक कागज पर अंगूठा निशानी लगवा लीं और कार्रवाई करने की बात कहकर घर भेज दिया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की और न ही लड़की का मेडिकल कराया। पिता ने इसकी एसएसपी से शिकायत की तब कहीं रिपोर्ट दर्ज की गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील हरेंद्र पाल सिंह राठौर ने कुल सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त तहेरे भाई को दोषी ठहराते हुए बीस साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माने की रकम पीड़िता को देने का आदेश किया है।
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घटना थाना सुभाषनगर क्षेत्र की है। इसकी रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी बारह साल की बेटी 30 नवंबर, 2018 की शाम दुकान से कुछ सामान लेने जा रही थी तभी उसका तहेरा भाई उसे हाथ पकड़कर गांव से बाहर ले गया और खेत में दुष्कर्म किया। जब काफी देर तक बेटी घर नहीं लौटी तो पिता ने उसकी तलाश की। रात आठ बजे वह घर आई और घटना की जानकारी दी। पिता ने घटना की शिकायत अपने बड़े भाई से की तो वह और उसकी पत्नी झगड़ा करने लगे।
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घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने जाने पर ग्राम प्रधान और पुलिस उस पर समझौता करने का दबाव डालने लगे। मना करने पर पुलिस वालों ने लड़की के माता-पिता के एक कागज पर अंगूठा निशानी लगवा लीं और कार्रवाई करने की बात कहकर घर भेज दिया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की और न ही लड़की का मेडिकल कराया। पिता ने इसकी एसएसपी से शिकायत की तब कहीं रिपोर्ट दर्ज की गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील हरेंद्र पाल सिंह राठौर ने कुल सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त तहेरे भाई को दोषी ठहराते हुए बीस साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माने की रकम पीड़िता को देने का आदेश किया है।
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