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बदायूं पुलिस की शर्मनाक करतूत, फिर कूड़े के ढेर पर फूंक दिया लावारिस शव

Fri, 15 Mar 2019 01:11 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Fri, 15 Mar 2019 01:11 AM IST
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बदायूं पुलिस की शर्मनाक करतूत, फिर कूड़े के ढेर पर फूंक दिया लावारिस शव
बदायूं पुलिस की शर्मनाक करतूत, फिर कूड़े के ढेर पर फूंक दिया लावारिस शव - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बदायूं। अभी 14 दिन ही तो गुजरे थे, फिर पुलिस वालों ने एक लावारिस व्यक्ति का शव कूड़े के ढेर पर फूंक दिया। पोस्टमार्टम हाउस के पीछे सुनसान सी रहने वाली इस जगह पर लकड़ियों और उपले के बीच शव जलाते वक्त मोहल्ले वालों ने एतराज किया तो मौके पर मौजूद सिपाही अधजला शव छोड़कर चले गए।
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इस अज्ञात व्यक्ति का शव तीन दिन पहले उझानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अचौरा के जंगल में पेड़ पर लटका मिला था। उस दिन शिनाख्त न होने के कारण पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखवा दिया था। गुरुवार शाम शव को रखे 72 घंटे पूरे हो गए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे पुलिस वालों ने इस अज्ञात शव का उसी जगह अंतिम संस्कार किया गया, जहां एक मार्च को कूड़े के ढेर पर ही एक अज्ञात दिव्यांग युवक के शव को जलवाया था। तब इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा, जिस पर एसपी सिटी ने जांच भी की थी लेकिन मामला जहां का तहां दबा दिया गया। परिणाम यह रहा कि शहर में तीन श्मशान घाट होने के बावजूद उस जगह पर अज्ञात शव जलाने बंद नहीं हुए।
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गुरुवार शाम जिस वक्त दो पुलिस कर्मी अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे, उसी समय चित्रांश नगर के कुछ लोग धुआं उठता देख मौके पर पहुंच गए और विरोध किया। कहा भी कि लाश को लालपुल स्थित श्मशान भूमि ले जाया जा सकता था। उन्होंने एसएसपी से शिकायत करने की बात कही तो दोनों पुलिस कर्मी जलती चिता छोड़कर वहां से चले गए। फिर मोहल्ले के लोग पार्थिव शरीर पूरा जलने तक वहीं जमे रहे।
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एसएसपी ने कहा-चुनाव बाद देखेंगे मामला
पिछली बार शव इस तरह फूंके जाने पर एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने माना था कि यह गलत है। उन्होंने कहा था कि शासन के निर्देश हैं कि विधि विधान से श्मशान घाट में ही शव जलाया जाए। इसके लिए शासन से धन भी मिलता है। वहीं गुरुवार को फिर मामला सामने आने पर उन्होंने चुनाव की व्यस्तता का हवाला दिया। एसएसपी ने कहा कि चुनाव बाद नगर पालिका से बात करेंगे, तभी कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।
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