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कान्हा उपवनः शासन ने गाय की डाइट पर चलाई कैंची
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बरेली। शासन ने कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह में पलने वाली गायों की डाइट पर कैंची चला दी है। नगर निगम ने प्रतिदिन 80 रुपये प्रति जानवर की दर से चारा-दाना उपलब्ध कराने का बजट शासन से मांगा था लेकिन इसे काटकर 30 रुपये कर दिया गया है।
सीबीगंज के गांव खड़ौआ में बने कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह की गायों के चारा एवं उपचार के लिए नगर निगम ने शासन से एक करोड़ पांच लाख 48 हजार 960 रुपये का बजट मांगा था। यह बजट छह महीने के लिए था, जिसमें चारा के लिए प्रति जानवर प्रतिदिन 80 रुपये निर्धारित किए थे। इसमें छह किलो भूसा, तीन किलो हरा चारा और दो किलो दाना दिया जाना था। मगर शासन ने इस पर कैंची चला दी है। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि शासन 80 रुपये के बजाय 30 रुपये प्रति जानवर प्रतिदिन की दर से भुगतान किया है। इस तरह नगर निगम को 50 लाख रुपये से अधिक का बजट शासन से मिला है, जिसमें दवा एवं वैक्सीनेशन खर्च शामिल नहीं है। यह राशि किस तरह खर्च की जाएगी, इस पर अभी निर्णय नहीं हो सका है। क्योंकि कान्हा पशु आश्रय गृह का संचालन एक गोशाला ट्रस्ट को दिया गया है। इसको लेकर शासन से दिशानिर्देश प्राप्त किया जाएगा कि यह राशि ट्रस्ट को दी जाएगी या निगम चारा उपलब्ध कराएगा।
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सीबीगंज के गांव खड़ौआ में बने कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह की गायों के चारा एवं उपचार के लिए नगर निगम ने शासन से एक करोड़ पांच लाख 48 हजार 960 रुपये का बजट मांगा था। यह बजट छह महीने के लिए था, जिसमें चारा के लिए प्रति जानवर प्रतिदिन 80 रुपये निर्धारित किए थे। इसमें छह किलो भूसा, तीन किलो हरा चारा और दो किलो दाना दिया जाना था। मगर शासन ने इस पर कैंची चला दी है। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि शासन 80 रुपये के बजाय 30 रुपये प्रति जानवर प्रतिदिन की दर से भुगतान किया है। इस तरह नगर निगम को 50 लाख रुपये से अधिक का बजट शासन से मिला है, जिसमें दवा एवं वैक्सीनेशन खर्च शामिल नहीं है। यह राशि किस तरह खर्च की जाएगी, इस पर अभी निर्णय नहीं हो सका है। क्योंकि कान्हा पशु आश्रय गृह का संचालन एक गोशाला ट्रस्ट को दिया गया है। इसको लेकर शासन से दिशानिर्देश प्राप्त किया जाएगा कि यह राशि ट्रस्ट को दी जाएगी या निगम चारा उपलब्ध कराएगा।
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