फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   अगर, ऑडिट ‘सही’ हो गया, समझो ‘सब’ हो गया

अगर, ऑडिट ‘सही’ हो गया, समझो ‘सब’ हो गया

Sat, 09 Feb 2019 01:28 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sat, 09 Feb 2019 01:28 AM IST
विज्ञापन
अगर, ऑडिट ‘सही’ हो गया, समझो ‘सब’ हो गया
बरेली। अफसरों का रवैया भी बहुत कुछ बयान करता है। दो दिन पहले बरेली आए नगर विकास विभाग के राज्यमंत्री को उनके महकमे को अफसरों ने चाय तक के लिए नहीं पूछा, लेकिन इसी दौरान विधायक- सांसद निधि समेत तमाम विकास योजनाओं का ऑडिट करने लखनऊ से आई टीम की आवभगत में पलकें बिछा दीं। ‘आवभगत’ ऐसी हुई कि सांसद निधि के अधिकांश काम अधूरे पड़े होने के बावजूद रिपोर्ट में ‘ओके’ हो गए। जिन योजनाओं में घोटालों और घपलों का साल भर हल्ला मचता रहा, ऑडिट टीम को उनमें भी कोई गड़बड़ नहीं मिली।
विज्ञापन

पांच फरवरी को लखनऊ से आई ऑडिट टीम विकास भवन और उससे जुड़े सरकारी विभागों के साथ 15 ब्लाकों का ऑडिट करने आई थी। तीन दिन ऑडिट के दौरान टीम के सदस्य जेपी वर्मा और देवेंद्रनाथ आर्य जंक्शन रोड पर एक होटल में ठहरे। सांसद निधि, विधायक निधि, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास, रूर्बन मिशन जैसी तमाम सरकारी योजनाओं के साथ आरईएस जैसे विभागों में ऑडिट किया। पहले दिन सांसद और विधायक निधि का ऑडिट किया गया। विधायक निधि का पटल देखने वाले बाबू ऑडिट टीम की सेवा में जुट गए। चाय-पानी, नाश्ते-खाने से लेकर कोई भी कसर नहीं छोड़ी जो ऑडिट टीम को नागवार महसूस हो। नतीजा यह हुआ कि एक ही दिन में सांसद और विधायक निधि के ऑडिट का काम पूरा हो गया जबकि सांसद निधि के अधिकांश काम अधूरे हैं।
विज्ञापन


सांसद और विधायक निधि
पांच साल में सांसद निधि के ज्यादातर काम कभी समय पर पूरे नहीं हुए। हर साल सांसदों को पांच करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए मिलते हैं। कितना बजट कहां खर्च हुआ और बजट के सब काम पूरे हो गए या नहीं, यह तो नहीं पता, मगर बरेली और आंवला सांसद निधि का ऑडिट बहुत जल्दी निपट गया। विधायक निधि से स्वीकृत तमाम कामों में अनियमितताओं के चर्चे हमेशा रहे। घपला करने वाली प्रतापगढ़ की फर्म की लंबे समय तक चर्चा रही। विधायक निधि से आंवला के एक स्कूल को जमीन न होने के बावजूद पैसा देने की जांच अब भी चल रही है। मगर, सांसद और विधायक निधि का ऑडिट ओके पाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मनरेगा 
15 ब्लाकों की 1193 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कागजों पर पौधरोपण कराए गए। एक ही दिन में 5.5 लाख पौधे लगाने का काम पूरा होने में अभी भी संदेह है। ब्लाकों में 600 रुपये के कूड़ेदान 2500 से 3000 में खरीदने का घपला भी चर्चा में रहा। तालाब की खुदाई से लेकर पौधरोपण समेत तमाम कामों में भले ही घपले का हल्ला पूरे साल मचा रहा हो, मगर, ऑडिट में सब कुछ ‘ओके’ पाया गया।

पीएम आवास 
प्रधानमंत्री आवास योजना में भोजीपुरा में अपात्रों को आवास देने की विभिन्न स्तरों पर जांच हुई। इनमें तमाम पंचायतों में अमीरों के आवास आवंटन की बात सामने आ चुकी है। पीएम आवास अपात्रों को देने की कुछ जांचें अभी भी चल रही हैं। एक विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास अपात्रों को देने का मामला विधानसभा तक में उठा चुके हैं। मगर, ऑडिट में सब ठीक मिला।

एनआरएलएम
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में 2016 से अब तक जो स्वयं सहायता समूह बनाए गए। उनमें करीब 400 से ज्यादा समूहों का बैंक खाता संचालन बैंक ने भारी वित्तीय अनियमितताओं के चलते रोक दिया है। बैंक सूत्रों की मानें तो इनमें से अधिकांश स्वयं सहायता समूह डीआरडीए के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के नाम से दो या तीन एनजीओ खोलकर उसके आधीन फर्जी नामों से बना लिए। इन समूहों को फर्जी ट्रेेनिंग देना भी दर्शाया गया। खास बात यह कि रामनगर, क्यारा, आलमपुर जाफराबाद, भोजीपुरा और मीरगंज में तमाम स्वयं सहायता समूह फर्जी हैं। पहले यही समूह स्वर्ण जयंती ग्रामीण स्वरोजगार योजना (एसजीएसवाई) में एनजीओ ने गठित कराए। नाबार्ड में करोड़ों का अनुदान दिलाकर यह समूह निष्क्रिय दिखाकर बंद हो गए। फिर इनको एनआरएलएम ने बदलकर नया समूह बनाना दर्शाकर बजट का गोलमाल किया गया। मगर, ऑडिट में सब ठीक था।


विभिन्न विभागों के ऑडिट का काम पूरा कर लिया गया है। आरईएस में छोटी मोटी कमियां पायी गईं। मगर, कोई बड़ा घोटाला नहीं मिला। ऑडिट में सब कुछ सही पाया गया। एक सीनियर ऑडिटर (ऑडिट टीम लखनऊ)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed