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ओबीसी के छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ रही सबसे ज्यादा दिक्कत
Updated Sun, 01 Apr 2018 01:33 AM IST
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बरेली।
कड़ी मशक्कत के बावजूद करीब 16 हजार ओबीसी वर्ग के स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप रिजेक्ट हो गई है। इसमें ऑनलाइन डाटा में खामी बड़ी वजह बताई जा रही है। हालांकि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ऑनलाइन सूची में किसी भी तरह की छेड़छाड़ मुमकिन न होने की बात कह रहा है। स्कॉलरशिप न मिलने से छात्र परेशान हैं लेकिन कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने स्कॉलरशिप के लिए करीब 25 हजार छात्रों की ऑनलाइन लिस्ट भेजी थी। सूची भेजने में काफी हीलाहवाली की गई। इससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं पहले से ही परेशान थे। इस बीच शासन ने लिस्ट से 15767 छात्रों के नाम रिजेक्ट कर दिए हैं। स्कॉलरशिप न मिलने से परेशान छात्र विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। उनकी शिकायत है कि विभागीय लिस्ट में तमाम खामियां हैं। साथ ही डाटा सही होने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं दी गई है। इधर, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड हो चुके डाटा में अब किसी तरह का संशोधन हो पाना संभव नहीं है। हालांकि इस दिक्कत से शासन को अवगत कराया जा रहा है।
सामान्य और एससी वर्ग के छात्र भी परेशान
समाज कल्याण विभाग से जुड़े सामान्य और एससी वर्ग के छात्र भी परेशान हैं। उनके डाटा में भी तमाम त्रुटियां हैं। इन्हें अब तक दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। समाज कल्याण विभाग इस दिक्कत का समाधान करने के बजाय इसके लिए छात्रों को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है। समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित का कहना है कि ज्यादातर गलतियां छात्रों के नाम और अकाउंट की हैं। कई मामलों में छात्रों ने पूरे डॉक्यूमेंट नहीं लगाए हैं। इससे उनकी छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी है।
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कड़ी मशक्कत के बावजूद करीब 16 हजार ओबीसी वर्ग के स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप रिजेक्ट हो गई है। इसमें ऑनलाइन डाटा में खामी बड़ी वजह बताई जा रही है। हालांकि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ऑनलाइन सूची में किसी भी तरह की छेड़छाड़ मुमकिन न होने की बात कह रहा है। स्कॉलरशिप न मिलने से छात्र परेशान हैं लेकिन कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने स्कॉलरशिप के लिए करीब 25 हजार छात्रों की ऑनलाइन लिस्ट भेजी थी। सूची भेजने में काफी हीलाहवाली की गई। इससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं पहले से ही परेशान थे। इस बीच शासन ने लिस्ट से 15767 छात्रों के नाम रिजेक्ट कर दिए हैं। स्कॉलरशिप न मिलने से परेशान छात्र विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। उनकी शिकायत है कि विभागीय लिस्ट में तमाम खामियां हैं। साथ ही डाटा सही होने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं दी गई है। इधर, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड हो चुके डाटा में अब किसी तरह का संशोधन हो पाना संभव नहीं है। हालांकि इस दिक्कत से शासन को अवगत कराया जा रहा है।
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सामान्य और एससी वर्ग के छात्र भी परेशान
समाज कल्याण विभाग से जुड़े सामान्य और एससी वर्ग के छात्र भी परेशान हैं। उनके डाटा में भी तमाम त्रुटियां हैं। इन्हें अब तक दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। समाज कल्याण विभाग इस दिक्कत का समाधान करने के बजाय इसके लिए छात्रों को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है। समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित का कहना है कि ज्यादातर गलतियां छात्रों के नाम और अकाउंट की हैं। कई मामलों में छात्रों ने पूरे डॉक्यूमेंट नहीं लगाए हैं। इससे उनकी छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी है।
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