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Bareilly News: सोने-चांदी पर 160 करोड़ खर्च, वजन के लिहाज से रही कसक
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बरेली। पंच दीपोत्सव पर शहरवासियों ने सोने-चांदी की खरीदारी पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च किए। सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश अग्रवाल के मुताबिक, बीते वर्ष शहरवासियों ने इस मद में 125 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस बार 35 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च किए, पर वजन के लिहाज से कसक रह गई। बीते साल 110 किलो सोना और 3500 किलो चांदी की बिक्री हुई थी। इस साल यह 100 और 2500 किलो पर सिमट गया। कारोबारी सोने-चांदी के अस्थिर भाव को इसकी वजह मान रहे हैं।
दिवाली के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई हैं। कारोबारियों के अनुसार, धनतेरस और दिवाली के दौरान कीमतों में उछाल के बाद यह गिरावट देखी गई है। व्यापारी सुदेश अग्रवाल बताते हैं कि वैश्विक तनाव कम होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण यह गिरावट आई।
व्यापारियों का कहना है कि अगस्त व सितंबर में जब सोने के दाम नीचे आए थे, तब भी लोगों ने आगामी सहालग व त्योहारी सीजन के लिए खरीदारी की थी। दिवाली पर दाम बढ़ने से रुपये में तो कारोबार अधिक हुआ, लेकिन वजन में कम रह गया।
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घट गया गहनों का वजन
कारोबारियों ने बताया कि सोना-चांदी महंगा होने के कारण इस बार हल्के वजन के जेवरों की बिक्री अधिक हुई। व्यापारियों ने भी इस बार कम कीमत व कम वजन के आकर्षक दिखने वाले गहने अधिक बनावा रखे थे, जिसे ग्राहक ने पसंद किया। इस वजह से सोने-चांदी की कुल बिक्री बीते साल के आंकड़े से पीछे रह गई। संवाद
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दिवाली के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई हैं। कारोबारियों के अनुसार, धनतेरस और दिवाली के दौरान कीमतों में उछाल के बाद यह गिरावट देखी गई है। व्यापारी सुदेश अग्रवाल बताते हैं कि वैश्विक तनाव कम होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण यह गिरावट आई।
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व्यापारियों का कहना है कि अगस्त व सितंबर में जब सोने के दाम नीचे आए थे, तब भी लोगों ने आगामी सहालग व त्योहारी सीजन के लिए खरीदारी की थी। दिवाली पर दाम बढ़ने से रुपये में तो कारोबार अधिक हुआ, लेकिन वजन में कम रह गया।
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घट गया गहनों का वजन
कारोबारियों ने बताया कि सोना-चांदी महंगा होने के कारण इस बार हल्के वजन के जेवरों की बिक्री अधिक हुई। व्यापारियों ने भी इस बार कम कीमत व कम वजन के आकर्षक दिखने वाले गहने अधिक बनावा रखे थे, जिसे ग्राहक ने पसंद किया। इस वजह से सोने-चांदी की कुल बिक्री बीते साल के आंकड़े से पीछे रह गई। संवाद