{"_id":"5d2383628ebc3e6c97360c3e","slug":"15626084558-bareilly-news23","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसर बताएं - हाथी कब, कहां, कैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसर बताएं - हाथी कब, कहां, कैसे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। नेपाल के जंगलों से निकलकर टाइगर रिजर्व के रास्ते बरेली क्षेत्र में पहुंचे हाथियों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाथियों को सुरक्षित इलाके तक कैसे पहुंचाया जाए, इसके लिए असम और बंगाल तक के एक्सपर्ट बरेली पहुंच गए हैं। हाथियों की स्थिति पर शासन स्तर से भी नजर रखी जा रही है, जिसके चलते प्रधान वन संरक्षक ने आदेश जारी कर हाथियों के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में प्रवेश करने के साथ उनकी लोकेशन से संबंधित रिपोर्ट तलब की है।
नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी से निकलकर जनपद सीमा के लग्गा भग्गा जंगल क्षेत्र में पहुंचे हाथी पिछले दिनों टाइगर रिजर्व के रास्ते अमरिया तहसील क्षेत्र से होकर आगे की ओर निकल गए थे। इसके बाद हाथियों ने चार जिलों की सीमा में चहलकदमी कर खूब उत्पात मचाया। निगरानी टीम में शामिल एक वनरक्षक और तीन ग्रामीणों की मौत हाथियों के हमले में हो गई। इधर हाथियों की मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है। जिसके बाद प्रधान वन संरक्षक भी हाथियों की हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने टाइगर रिजर्व प्रशासन से हाथियों के प्रवेश करने वाले रास्ते, जनपद सीमा तक की लोकेशन और निगरानी में जुटी टीम ने क्या प्रयास किए इसकी रिपोर्ट मांगी है। आदेश मिलने के बाद से ही टाइगर रिजर्व के अफसर मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
अब असलहों से लैस होकर हाथियों की निगरानी करेंगे वनकर्मी
पीलीभीत। बरेली की सीमा में पहुंचे दो नेपाली हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए निगरानी के लिए वनकर्मियों की संख्या को बढ़ाया गया है। अफसरों के निर्देश पर सोमवार को टाइगर रिजर्व से दस वनकर्मियों को बरेली रवाना किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से वनकर्मियों के पास असलहा अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन
जोड़े के रूप में घूम रहे हाथियों का उत्पात जारी है। बरेली क्षेत्र की सीमा में हाथी अपनी मौजूदगी दर्ज कराए हुए हैं। आबादी क्षेत्र के निकट हाथियों की दस्तक के चलते विभागीय अफसरों की चिंता बढ़ रही हैं। जिसके बाद वन संरक्षक बरेली ने मंडल की सभी डिवीजनों में आदेश जारी कर स्टाफ की मांग की है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से असलहा को भी अनिवार्य किया गया है। सोमवार को फील्ड डायरेक्टर के निर्देश पर टाइगर रिजर्व की चार रेंजों से दस वनकर्मियों को बरेली रवाना किया गया। सभी को सरकारी असलहों के साथ भेजा गया है।
विज्ञापन
नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी से निकलकर जनपद सीमा के लग्गा भग्गा जंगल क्षेत्र में पहुंचे हाथी पिछले दिनों टाइगर रिजर्व के रास्ते अमरिया तहसील क्षेत्र से होकर आगे की ओर निकल गए थे। इसके बाद हाथियों ने चार जिलों की सीमा में चहलकदमी कर खूब उत्पात मचाया। निगरानी टीम में शामिल एक वनरक्षक और तीन ग्रामीणों की मौत हाथियों के हमले में हो गई। इधर हाथियों की मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है। जिसके बाद प्रधान वन संरक्षक भी हाथियों की हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने टाइगर रिजर्व प्रशासन से हाथियों के प्रवेश करने वाले रास्ते, जनपद सीमा तक की लोकेशन और निगरानी में जुटी टीम ने क्या प्रयास किए इसकी रिपोर्ट मांगी है। आदेश मिलने के बाद से ही टाइगर रिजर्व के अफसर मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
विज्ञापन
अब असलहों से लैस होकर हाथियों की निगरानी करेंगे वनकर्मी
पीलीभीत। बरेली की सीमा में पहुंचे दो नेपाली हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए निगरानी के लिए वनकर्मियों की संख्या को बढ़ाया गया है। अफसरों के निर्देश पर सोमवार को टाइगर रिजर्व से दस वनकर्मियों को बरेली रवाना किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से वनकर्मियों के पास असलहा अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन
जोड़े के रूप में घूम रहे हाथियों का उत्पात जारी है। बरेली क्षेत्र की सीमा में हाथी अपनी मौजूदगी दर्ज कराए हुए हैं। आबादी क्षेत्र के निकट हाथियों की दस्तक के चलते विभागीय अफसरों की चिंता बढ़ रही हैं। जिसके बाद वन संरक्षक बरेली ने मंडल की सभी डिवीजनों में आदेश जारी कर स्टाफ की मांग की है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से असलहा को भी अनिवार्य किया गया है। सोमवार को फील्ड डायरेक्टर के निर्देश पर टाइगर रिजर्व की चार रेंजों से दस वनकर्मियों को बरेली रवाना किया गया। सभी को सरकारी असलहों के साथ भेजा गया है।