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कैसे जमे हैं 20 साल से डाक्टर, प्रभारी अधिकारी करेंगे समीक्षा
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बरेली। सीएमएस डा. केएस गुप्ता के अलावा कुछ और डाक्टर हैं जो जिले में लंबे से समय से जमे हैं। अस्पताल में निरीक्षण को पहुंचे जिले के प्रभारी अधिकारी पी गुरु प्रसाद के सामने मीडियाकर्मियों ने जब यह सवाल उठाया तो उन्होंने कहा कि वह इसे गंभीरता से देखेंगे। इसके बाद यदि नियमविरुद्ध ढंग से कोई डाक्टर लंबे समय से यहां डटा है तो उसे हटाया जाएगा।
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिले के प्रभारी अधिकारी पी गुरु प्रसाद ने कहा कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कुछ दवाओं की कमी पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से उन दवाओं की सूची तैयार कर भिजवाने को कहा गया है ताकि शासन से उसे भिजवाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में मौजूद जीवन रक्षक उपकरणों का इस्तेमाल न किया जाना पाया गया है। इस संबंध में बताया गया कि उसके लिए प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं हैं। उनके प्रशिक्षण की शीघ्र व्यवस्था की जाएगी। जिससे उन उपकरणों का भी इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर हो सके। उन्होंने कहा कि मंडल में दो-तीन दशक से जमे डाक्टरों की जानकारी अभी तक उन्हें नहीं थी। मीडिया ने इसे उनके संज्ञान में लाया है तो वह इसकी विभागीय अधिकारियों से पूरी पड़ताल कराने के बाद समीक्षा करेंगे। यदि कोई डाक्टर नियमविरुद्ध तरीके से जमा है तो उसे हटाने की कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बच्ची की मौत मामले में डीएम ने जांच करा ली है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने कार्रवाई की है। इसकी विस्तृत जांच भी होगी। दोषी लोग बख्शे नहीं जाएंगे।
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जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिले के प्रभारी अधिकारी पी गुरु प्रसाद ने कहा कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कुछ दवाओं की कमी पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से उन दवाओं की सूची तैयार कर भिजवाने को कहा गया है ताकि शासन से उसे भिजवाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में मौजूद जीवन रक्षक उपकरणों का इस्तेमाल न किया जाना पाया गया है। इस संबंध में बताया गया कि उसके लिए प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं हैं। उनके प्रशिक्षण की शीघ्र व्यवस्था की जाएगी। जिससे उन उपकरणों का भी इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर हो सके। उन्होंने कहा कि मंडल में दो-तीन दशक से जमे डाक्टरों की जानकारी अभी तक उन्हें नहीं थी। मीडिया ने इसे उनके संज्ञान में लाया है तो वह इसकी विभागीय अधिकारियों से पूरी पड़ताल कराने के बाद समीक्षा करेंगे। यदि कोई डाक्टर नियमविरुद्ध तरीके से जमा है तो उसे हटाने की कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बच्ची की मौत मामले में डीएम ने जांच करा ली है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने कार्रवाई की है। इसकी विस्तृत जांच भी होगी। दोषी लोग बख्शे नहीं जाएंगे।
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