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दोनों सीएमएस और चिकित्सकों पर कार्रवाई के लिए शासन को भेजी रिपोर्ट
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बरेली। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से पांच साल की बच्ची की मौत के मामले की रिपोर्ट डीएम ने देर रात ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डॉ. प्रशांत त्रिवेदी को भेज दी है। इसमें जिला और महिला अस्पताल के दोनों सीएमएस और दो बाल रोग विशेषज्ञों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
इस घटना का संज्ञान सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लेने बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह इस मामले की जांच फौरन एडीएम सिटी महेंद्र कुमार को सौंप दी थी। कलक्ट्रेट में रात में ही एडीएम ने चिकित्सकों को बुलाकर बयान लिए थे। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि जब बच्ची का पिता जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस चौहान के पास पहुंचा तो उसका इलाज करने के बजाय उसे महिला अस्पताल में भेज दिया। इस मामले में सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई। जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. चौहान जिला मुख्यालय पर रुकने के बजाय अप-डाउन करते हैं। डीएम ने इन्हें सीधे तौर से बच्ची की मौत का जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए आदेश प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेज दिए हैं। इन दोनों के अलावा इस पूरे मामले में महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ ने भी बच्ची का इलाज यह कहते हुए नहीं किया कि हॉस्पिटल में मरीज के लिए कोई बेड नहीं है। इस मामले में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। डीएम ने इन दोनों पर भी विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट देर रात भेज दी है।
यह मामला बहुत ही गंभीर है। इसमें डॉ. केएस गुप्ता और डॉ. केएस चौहान सीधे तौर से जिम्मेदार है। इनके अलावा डॉ. अलका शर्मा और डॉ. सौरभ ने भी बच्चे के इलाज न करके संवेदनहीनता दिखाई है। इस संबंध में रिपोर्ट प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेज दी गई है।- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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इस घटना का संज्ञान सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लेने बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह इस मामले की जांच फौरन एडीएम सिटी महेंद्र कुमार को सौंप दी थी। कलक्ट्रेट में रात में ही एडीएम ने चिकित्सकों को बुलाकर बयान लिए थे। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि जब बच्ची का पिता जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस चौहान के पास पहुंचा तो उसका इलाज करने के बजाय उसे महिला अस्पताल में भेज दिया। इस मामले में सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई। जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. चौहान जिला मुख्यालय पर रुकने के बजाय अप-डाउन करते हैं। डीएम ने इन्हें सीधे तौर से बच्ची की मौत का जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए आदेश प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेज दिए हैं। इन दोनों के अलावा इस पूरे मामले में महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ ने भी बच्ची का इलाज यह कहते हुए नहीं किया कि हॉस्पिटल में मरीज के लिए कोई बेड नहीं है। इस मामले में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। डीएम ने इन दोनों पर भी विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट देर रात भेज दी है।
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यह मामला बहुत ही गंभीर है। इसमें डॉ. केएस गुप्ता और डॉ. केएस चौहान सीधे तौर से जिम्मेदार है। इनके अलावा डॉ. अलका शर्मा और डॉ. सौरभ ने भी बच्चे के इलाज न करके संवेदनहीनता दिखाई है। इस संबंध में रिपोर्ट प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेज दी गई है।- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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