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भाजपा जिलाध्यक्ष के भाई ने डिप्टी कलेक्टर पर लगे दाग को धोया
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बरेली। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर के भाई नीरेंद्र सिंह राठौर ने चेयरमैन के चुनाव के दौरान एसडीएम नवाबगंज रहे राजेश कुमार पर बसपा एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत शासन तक भेजी थी। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने मामले की जांच अपर आयुक्त अरुण कुमार से कराई थी। मौजूदा समय में संभल के डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार से स्पष्टीकरण भी लिया गया था। हालांकि शिकायतकर्ता ने बाद में एसडीएम पर लगाए गए आरोपों का वापस ले लिया है। नीरेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि कुछ गलत फहमियों की वजह से शिकायत हो गई थी और अब वह मामले में कोई जांच नहीं चाहते हैं।
नवाबगंज नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ रहीं भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता राठौर के चुनाव के दौरान उनके पति नीरेंद्र सिंह राठौर ने तत्कालीन एसडीएम और आरओ रहे राजेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि वह बसपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी और भी कई गतिविधियां संदिग्ध रही हैं। शासन तक यह मामला पहुंचने के बाद कमिश्नर ने इसकी जांच अपर आयुक्त को सौंपी थी। संभल में तैनात डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार से इसके लिए स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। हालांकि डिप्टी कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया था कि उन्होंने चुनाव में किसी तरह गड़बड़ी या धांधली नहीं की थी। मामले में शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को एसडीएम की शिकायत वापस लेते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान कुछ भ्रांतियों की वजह से उन्होंने राजेश कुमार की शिकायत कर दी थी। इसका उन्हें खेद है। वह एसडीएम के खिलाफ किसी तरह की जांच नहीं चाहते हैं। अपर आयुक्त अरुण कुमार ने मामले में राजेश कुमार को क्लीन चिट देते हुए रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी है।
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नवाबगंज नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ रहीं भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता राठौर के चुनाव के दौरान उनके पति नीरेंद्र सिंह राठौर ने तत्कालीन एसडीएम और आरओ रहे राजेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि वह बसपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी और भी कई गतिविधियां संदिग्ध रही हैं। शासन तक यह मामला पहुंचने के बाद कमिश्नर ने इसकी जांच अपर आयुक्त को सौंपी थी। संभल में तैनात डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार से इसके लिए स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। हालांकि डिप्टी कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया था कि उन्होंने चुनाव में किसी तरह गड़बड़ी या धांधली नहीं की थी। मामले में शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को एसडीएम की शिकायत वापस लेते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान कुछ भ्रांतियों की वजह से उन्होंने राजेश कुमार की शिकायत कर दी थी। इसका उन्हें खेद है। वह एसडीएम के खिलाफ किसी तरह की जांच नहीं चाहते हैं। अपर आयुक्त अरुण कुमार ने मामले में राजेश कुमार को क्लीन चिट देते हुए रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी है।
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