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लेखपाल बन गया कानूनगो तो मुकदमे की मंजूरी कैसे दें साहब
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बरेली। पीलीभीत बाईपास जमीन घोटाले में एसडीएम सदर ने आरोपी लेखपाल अमर सिंह पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने में असमर्थता जता दी है। एसडीएम का कहना है कि आरोपी लेखपाल प्रमोशन पाकर कानूनगो हो चुका है इसलिए अब उसके नियुक्ति प्राधिकारी डीएम हैं और वही उस पर मुकदमा चलाने की अनुमति दे सकते हैं। हालांकि उन्होंने तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
सराफ की जमीन पर कब्जा कराने के आरोपी तत्कालीन लेखपाल अमर सिंह और तहसीलदार गिरीश झा के खिलाफ मुकदमा चलाने को प्रशासन ने शासन से अनुमति मांगी थी। शासन ने लेखपाल पर मुकदमे के लिए उसके नियुक्ति प्राधिकारी से अनुमति लेने को कहा तो एडीएम सिटी महेंद्र कुमार ने एसडीएम सदर अमरेंद्र कुमार को अनुमति देने को लिखा लेकिन एसडीएम का कहना है कि लेखपाल पदोन्नत होकर कानूनगो बन गया है। इसलिए उस पर मुकदमा चलाने की अनुमति डीएम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि तहसीलदार को निर्देश दिया गया है कि वह डीएम को भेजने के लिए पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर लें।
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सराफ की जमीन पर कब्जा कराने के आरोपी तत्कालीन लेखपाल अमर सिंह और तहसीलदार गिरीश झा के खिलाफ मुकदमा चलाने को प्रशासन ने शासन से अनुमति मांगी थी। शासन ने लेखपाल पर मुकदमे के लिए उसके नियुक्ति प्राधिकारी से अनुमति लेने को कहा तो एडीएम सिटी महेंद्र कुमार ने एसडीएम सदर अमरेंद्र कुमार को अनुमति देने को लिखा लेकिन एसडीएम का कहना है कि लेखपाल पदोन्नत होकर कानूनगो बन गया है। इसलिए उस पर मुकदमा चलाने की अनुमति डीएम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि तहसीलदार को निर्देश दिया गया है कि वह डीएम को भेजने के लिए पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर लें।
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