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जिला महिला अस्पताल- बिना टांके काटे कर दी छुट्टी.., हालत बिगड़ी तो नहीं किया भर्ती
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बरेली। जिला महिला अस्पताल में मरीजों को टरकाने का एक और मामला सामने आया है। एक प्रसूता को पूरी तरह स्वस्थ हुए बिना डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पहुंचकर महिला की हालत फिर खराब हो गई। उसके टांके टूट गए। परिजन दोबारा जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो स्टाफ ने भर्ती करने से तो इंकार किया ही, उल्टे सलाह भी दे डाली कि जिला अस्पताल ले जाओ।
सोमवार को थाना विशारतगंज क्षेत्र के ग्राम अक्खा निवासी इंद्रजीत की पत्नी राखी को दो जून को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छोटा आपरेशन के द्वारा राखी ने एक बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि अभी उसके टांके काटे भी नहीं गए थे कि डाक्टर-स्टाफ ने उसकी छुट्टी कर दी। छह जून को वह घर चली गई। पीड़िता के परिवार वालों ने बताया कि घर पर उसके टांके टूट गए, जिससे हालत खराब होने लगी। परिवार के लोग सोमवार को राखी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां तैनात महिला चिकित्सक और अन्य स्टाफ ने उसका उपचार नहीं किया, बल्कि यह कह कर टरका दिया कि टूटे टांके के इलाज के लिए वह जिला अस्पताल जाए। परिवार वाले महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां भी चिकित्सकों ने महिला चिकित्सक का हवाला देते हुए उसे जिला महिला अस्पताल भेजना चाहा, लेकिन बाद में सीएमएस तक बात पहुंच जाने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने प्रसूता को भर्ती कर उसका प्राथमिक उपचार भी शुरू किया। सीएमएस डा. केएस गुप्ता ने बताया कि प्रसूता को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है साथ ही जिला महिला अस्पताल से महिला रोग विशेषज्ञ को उसका इलाज करने को पत्र भेजा गया है। ब्यूरो
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सोमवार को थाना विशारतगंज क्षेत्र के ग्राम अक्खा निवासी इंद्रजीत की पत्नी राखी को दो जून को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छोटा आपरेशन के द्वारा राखी ने एक बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि अभी उसके टांके काटे भी नहीं गए थे कि डाक्टर-स्टाफ ने उसकी छुट्टी कर दी। छह जून को वह घर चली गई। पीड़िता के परिवार वालों ने बताया कि घर पर उसके टांके टूट गए, जिससे हालत खराब होने लगी। परिवार के लोग सोमवार को राखी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां तैनात महिला चिकित्सक और अन्य स्टाफ ने उसका उपचार नहीं किया, बल्कि यह कह कर टरका दिया कि टूटे टांके के इलाज के लिए वह जिला अस्पताल जाए। परिवार वाले महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां भी चिकित्सकों ने महिला चिकित्सक का हवाला देते हुए उसे जिला महिला अस्पताल भेजना चाहा, लेकिन बाद में सीएमएस तक बात पहुंच जाने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने प्रसूता को भर्ती कर उसका प्राथमिक उपचार भी शुरू किया। सीएमएस डा. केएस गुप्ता ने बताया कि प्रसूता को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है साथ ही जिला महिला अस्पताल से महिला रोग विशेषज्ञ को उसका इलाज करने को पत्र भेजा गया है। ब्यूरो
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