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ट्रेन में क्यूआर कोड स्कैन करें और जानें टीटीई असली या नकली
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बरेली। ट्रेन में यात्रा करते हुए टीटीई की असली पहचान आप जान सकें इसके लिए सेंट्रल रेलवे ने टीटीई को ऐसे आईकार्ड बांटने शुरू किए हैं, जिन पर बने क्यूआर कोड को स्कैन करके आप जान सकते हैं कि टीटीई असली है या नकली।
कई बार ट्रेनों में नकली टीटीई (ट्रेन टिकट परीक्षक) द्वारा यात्रियों से पैसे वसूलने या उन्हें परेशान करने के मामले सामने आए हैं। अब सेंट्रल रेलवे ने इस समस्या का तोड़ निकालने के लिए टेक्नॉलजी का सहयोग लेना शुरू किया है। अब एक क्यूआर कोड को स्कैन करके आप जान सकेंगे कि टीटीई असली है या नकली। इस नई टेक्नोलॉजी की शुरुआत फिलहाल सेंट्रल रेलवे ने की है। यहां जोन में 1400 टीटीई में से 18 को ऐसे कार्ड दिए गए है, जिन पर क्यूआर कोड छपे हुए हैं।
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक हर महीने नकली टीटीई से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। उम्मीद है कि इस नई टेक्नोलॉजी से फायदा होगा। अधिकारी के मुताबिक यात्री अपने स्मार्ट फोन से टीटीई के आईकार्ड पर बने क्यूआर कोड को स्कैन जैसे ही करेगा वैसे ही टीटीई का नाम, उसका फोटो और अन्य डिलेट यात्री के मोबाइल पर दिखने लगेगी।
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कई बार ट्रेनों में नकली टीटीई (ट्रेन टिकट परीक्षक) द्वारा यात्रियों से पैसे वसूलने या उन्हें परेशान करने के मामले सामने आए हैं। अब सेंट्रल रेलवे ने इस समस्या का तोड़ निकालने के लिए टेक्नॉलजी का सहयोग लेना शुरू किया है। अब एक क्यूआर कोड को स्कैन करके आप जान सकेंगे कि टीटीई असली है या नकली। इस नई टेक्नोलॉजी की शुरुआत फिलहाल सेंट्रल रेलवे ने की है। यहां जोन में 1400 टीटीई में से 18 को ऐसे कार्ड दिए गए है, जिन पर क्यूआर कोड छपे हुए हैं।
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रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक हर महीने नकली टीटीई से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। उम्मीद है कि इस नई टेक्नोलॉजी से फायदा होगा। अधिकारी के मुताबिक यात्री अपने स्मार्ट फोन से टीटीई के आईकार्ड पर बने क्यूआर कोड को स्कैन जैसे ही करेगा वैसे ही टीटीई का नाम, उसका फोटो और अन्य डिलेट यात्री के मोबाइल पर दिखने लगेगी।
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