फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   12 मीटर घिसटती चली गई त्रिवेणी एक्सप्रेस

12 मीटर घिसटती चली गई त्रिवेणी एक्सप्रेस

Mon, 26 Mar 2018 10:50 AM IST
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:50 AM IST
विज्ञापन
12 मीटर घिसटती चली गई त्रिवेणी एक्सप्रेस
बरेली।
विज्ञापन

पटरी से इंजन उतरने के बाद त्रिवेणी एक्सप्रेस करीब 12 मीटर तक आगे घिसटती चली गई। इसी बीच ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया तो पटरी के बोल्ट तक टूट गए। साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद इंजन को जैसे-तैसे उठाकर ट्रैक पर रखा गया और फिर जंक्शन लाया गया। शाम 5:25 बजे हुए इस हादसे के बाद 9:05 बजे ट्रैक को ओके किया गया।
आम लोगों के लिए तो जंक्शन पर त्रिवेणी एक्सप्रेस के इंजन का पटरी से उतरना रेलवे में आमतौर पर होने वाले हादसों की तरह था, लेकिन इस हादसे की गंभीरता को समझने वाले रेलवे के अधिकारियों के इस घटना के बाद पसीने छूट रहे हैं। रेलवे अधिकारी यह सोचकर परेशान हैं कि अगर कोई रनथ्रू ट्रेन इस ट्रैक से गुजरी होती तो क्या होता। जंक्शन पर डिरेलमेंट के बाद शाहजहांपुर दिशा से आने वाली जननायक, सियालदह, राज्यरानी, किसान एक्सप्रेस और जनता एक्सप्रेस को रास्ते में ही रोक दिया गया। ट्रैक ओके होने के बाद जंक्शन पर सबसे पहले मालगाड़ी पहुंची। उधर, हादसे के बाद काफी देर तक जब ट्रेन नहीं चली तो त्रिवेणी के यात्री पैदल ही जंक्शन की ओर चल दिए। मुरादाबाद से रिलीफ ट्रेन जब पहुंची, तब तक सभी यात्री जंक्शन पहुंच चुके थे। मुरादाबाद से डीआरएम एके सिंघल के साथ सीनियर डीएसओ वीके चड्डा सीनियर डीएसओ जितेंद्र सिंह, सीनियर डीइएन दीपक कुमार, सीनियर डीओएम जनरल अंबर प्रसाद सिंह आदि अधिकारी मौका मुआयना करने बरेली जंक्शन पहुंचे।
विज्ञापन


वाशिंग लाइन के पास है तीन डिग्री का कर्व
प्रारंभिक जांच में हादसे के लिए इंजीनियरिंग विभाग को जिम्मेदार माना जा रहा है। इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रैक पर काम करने के बाद उसे भगवान भरोसे छोड़ दिया। गर्मी में फैलकर करीब सौ मीटर का ट्रैक हल्का सर्पाकार हो गया था। जगह-जगह पत्थर धंसने से गड्ढे भी हो गए थे। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ऐसी स्थिति में अधिकतम दस किमी का कॉशन होना चाहिए था। हालांकि डीआरएम ने इस मामले में बचाव करते हुए कहा कि घटनास्थल पर तीन डिग्री का कर्व है, पटरी झुकी हुई है ताकि आसानी से ट्रेन मुड़ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना ब्लॉक लिए बदल रहे थे स्लीपर
जंक्शन से चनेहटी तक पांच सौ मीटर तक स्लीपर बदले जा रहे हैं। करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह काम बिना ब्लॉक लिए कराया जा रहा था। इसके बाद 20 किलोमीटर प्रति घंटा का कॉशन लगा दिया गया। त्रिवेणी एक्सप्रेस यहां से दस किमी की स्पीड से गुजरी मगर फिर भी उसका इंजन पटरी से उतर गया।

ड्राइवर की सतर्कता से टला हादसा (फोटो सिंगल)
लखनऊ से त्रिवेणी एक्सप्रेस चला कर आ रहे ड्राइवर एके बडोला ने बताया कि जैसे ही खट की आवाज हुई वह समझ गए कि इंजन पटरी से उतर गया, उन्होंने तुरंत ही इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। इससे पहले उन्होंने आउटर के पास ट्रेन को रोका था। हादसे के बाद ट्रेन रुकते ही गार्ड उदय शंकर यादव भी इंजन के पास पहुंचे और घटना की जानकारी ली।


शाहजहांपुर-बरेली के बीच खड़ी हुईं पांच ट्रेनें
डाउन लाइन पर यातायात बाधित होने के बाद शाहजहांपुर दिशा से आने वाली जनता एक्सप्रेस को रामप्रसाद बिस्मिल स्टेशन, जननायक एक्सप्रेस और राज्यरानी एक्सप्रेस को रोजा, किसान एक्सप्रेस को शाहजहांपुर, सियालदह एक्सप्रेस को तिलहर स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया। किसान और जनता एक्सप्रेस राइट टाइम थी जबकि जननायक एक्सप्रेस सात घंटे और सियालदह एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से चल रही थीं। ट्रेनों के घंटों खड़े होने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। जंक्शन की इंक्वायरी पर यात्रियों ने अचानक लेट हुई ट्रेनों को लेकर हंगामा किया।

हादसे के कारणों की जांच के लिए ज्वाइंट कमेटी बना दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -एके सिंघल, डीआरएम मुरादाबाद डिवीजन
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed