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बदायूं रोड बाईपास हुआ 3.5 किलोमीटर छोटा
Updated Mon, 12 Jun 2017 10:45 PM IST
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बरेली।
बदायूं रोड बाईपास की लागत कम करने की कोशिश चल रही है। पीडब्ल्यूडी ने रोड की लंबाई 11 किलोमीटर से घटाकर अब 7.5 किलोमीटर कर दी है। दो पुलों के बजाय अब केवल नकटिया नदी पर एक पुल एस्टीमेट में शामिल किया गया है। पीडब्ल्यूडी की टीम अपने एस्टीमेट को अंतिम रूप देने के लिए बदायूं रोड से रजऊ परसपुर तक दोबारा सर्वे करेगी। इसके बाद एस्टीमेट अगले माह तक शासन को भेजा जाएगा।
डेढ़ साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बदायूं रोड से रजऊ परसपुर तक बाईपास बनाने की घोषणा की थी। तब पीडब्ल्यूडी ने 11 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने के लिए 257 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। शासन से उस एस्टीमेट को स्वीकृति नहीं मिल पाई क्योंकि दस गांवों के सौ से ज्यादा किसानों की जमीन रोड के बीच में आ रही थीं। जमीन अधिग्रहण की कठिन प्रक्रिया के चलते पीडब्ल्यूडी को अपना प्रोजेक्ट स्थगित करना पड़ा। भाजपा सरकार बनने के बाद पीडब्ल्यूडी ने बदायूं रोड बाईपास के निर्माण की कवायद फिर शुरू की है। अब बाईपास की लंबाई घटाकर 7.5 किलोमीटर कर दी है। बदायूं रोड बाईपास रजऊ परसपुर, सैदपुर, धारूपुर ठाकुरान, गोपालपुर, परगवां, उमरसिया और लखौरा से होकर निकलेगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की टीम 15 जून के बाद दोबारा सर्वे करेगी। बाईपास के बीच में दो पुल बनाने का प्रस्ताव है। एक पुल रेलवे बनाएगा जिसकी लागत 49 करोड़ होगी जबकि दूसरा पुल नकटिया नदी पर बनाने का प्रस्ताव है जिसकी अनुमानित लागत 20 करोड़ रखी गई है। पूरे बाईपास की लागत 121 करोड़ प्रस्तावित है। एस्टीमेट को फाइनल टच देने से पहले पीडब्ल्यूडी लागत को इससे भी कम करने की कोशिश कर रहा है क्योंकि शासन से कम से कम लागत में बाईपास बनाने को कहा गया है। जून तक बदायूं रोड बाईपास का एस्टीमेट शासन को भेजा जा सकता है।
बदायूं रोड बाईपास के पुराने एस्टीमेट लागत ज्यादा थी। अब इसकी लागत कम कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी की टीम जल्द ही एक बार फिर से पूरे रोड का सर्वे करेगी। इसके बाद एस्टीमेट को अंतिम रूप देकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। बीएन शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
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बदायूं रोड बाईपास की लागत कम करने की कोशिश चल रही है। पीडब्ल्यूडी ने रोड की लंबाई 11 किलोमीटर से घटाकर अब 7.5 किलोमीटर कर दी है। दो पुलों के बजाय अब केवल नकटिया नदी पर एक पुल एस्टीमेट में शामिल किया गया है। पीडब्ल्यूडी की टीम अपने एस्टीमेट को अंतिम रूप देने के लिए बदायूं रोड से रजऊ परसपुर तक दोबारा सर्वे करेगी। इसके बाद एस्टीमेट अगले माह तक शासन को भेजा जाएगा।
डेढ़ साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बदायूं रोड से रजऊ परसपुर तक बाईपास बनाने की घोषणा की थी। तब पीडब्ल्यूडी ने 11 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने के लिए 257 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। शासन से उस एस्टीमेट को स्वीकृति नहीं मिल पाई क्योंकि दस गांवों के सौ से ज्यादा किसानों की जमीन रोड के बीच में आ रही थीं। जमीन अधिग्रहण की कठिन प्रक्रिया के चलते पीडब्ल्यूडी को अपना प्रोजेक्ट स्थगित करना पड़ा। भाजपा सरकार बनने के बाद पीडब्ल्यूडी ने बदायूं रोड बाईपास के निर्माण की कवायद फिर शुरू की है। अब बाईपास की लंबाई घटाकर 7.5 किलोमीटर कर दी है। बदायूं रोड बाईपास रजऊ परसपुर, सैदपुर, धारूपुर ठाकुरान, गोपालपुर, परगवां, उमरसिया और लखौरा से होकर निकलेगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की टीम 15 जून के बाद दोबारा सर्वे करेगी। बाईपास के बीच में दो पुल बनाने का प्रस्ताव है। एक पुल रेलवे बनाएगा जिसकी लागत 49 करोड़ होगी जबकि दूसरा पुल नकटिया नदी पर बनाने का प्रस्ताव है जिसकी अनुमानित लागत 20 करोड़ रखी गई है। पूरे बाईपास की लागत 121 करोड़ प्रस्तावित है। एस्टीमेट को फाइनल टच देने से पहले पीडब्ल्यूडी लागत को इससे भी कम करने की कोशिश कर रहा है क्योंकि शासन से कम से कम लागत में बाईपास बनाने को कहा गया है। जून तक बदायूं रोड बाईपास का एस्टीमेट शासन को भेजा जा सकता है।
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बदायूं रोड बाईपास के पुराने एस्टीमेट लागत ज्यादा थी। अब इसकी लागत कम कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी की टीम जल्द ही एक बार फिर से पूरे रोड का सर्वे करेगी। इसके बाद एस्टीमेट को अंतिम रूप देकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। बीएन शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
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