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घर से बाहर दौड़ा पति तो लोग समझे, हो गई कोई अनहोनी
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बदायूं। कांकसी गांव में रविवार सुबह भी लोग समझे थे कि सुआपाल पत्नी के साथ सिर्फ मारपीट करेगा और बाद में उसे छोड़ देगा, लेकिन सुआपाल को जब लोगों ने बदहवास हालत में घर से भागते देखा तो कई लोग समझ गए कि कोई जरूर अनहोनी हो गई।
ग्रामीणों की माने तो जरीफनगर के कांकसी निवासी सुआपाल पुत्र सिपट्टर शराबी था। उसके पास 20-25 बीघा जमीन है। खेतीबाड़ी करता है लेकिन शराब का आदी है। वह कभी सुबह से ही शराब पीने लगता है तो कभी सुबह शाम शराब में ही डूबा रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक सुआपाल का पत्नी से मारपीट करने का मामला कोई नया नहीं था। वह अक्सर रेनू के साथ मारपीट करता था। इससे मोहल्ले के लोग उसके पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे। यही वजह रही कि रविवार सुबह जब सुआपाल रेनू को पीट रहा था तो उस समय कोई बचाने नहीं पहुंचा। लोग समझे कि ऐसा तो रोज होता रहता है, बाद में खुद ही शांत हो जाएगा लेकिन मोहल्ले के लोग उस वक्त दंग रह गए, जब सुआपाल अपने घर से निकलकर बदहवास हालत में भाग रहा था। उसका चेहरा देखकर लोगों को अनहोनी समझने में देर नहीं लगी। तब तक मोहल्ले के लोग और उसके परिवार वाले घर पहुंचे, जहां बेड पर रेनू पड़ी थी। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
टूटी चूड़ियां और बेल्ट दे गईं बर्बरता की गवाही
बदायूं। रेनू की हत्या के पीछे चाहे कोई वजह रही हो लेकिन मौके पर जो टूटी बेल्ट और चूड़ियां मिलीं हैं, उन्हें देखकर लग रहा है कि सुआपाल ने बर्बरता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। यह टूटी चूड़ियां घर के आंगन से लेकर अंदर कमरे तक इधर-उधर फैली थीं। चमड़े की बेल्ट का तो यह हाल हो गया था कि वह पीटते-पीटते दो हिस्सों में हो गई थी। इसके बावजूद सुआपाल नहीं माना था। पुलिस ने चूड़ियां और बेल्ट सुबूत के तौर पर कब्जे में ले ली हैं।
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दहशत में उखड़ गए परिजनों के पैर
-बेड पर पड़ी रेनू की लाश देखकर सुआपाल के परिवार वालों के पैर उखड़ गए। शुरुआत में उनके अलावा मोहल्ले के कुछ लोग थे। कोई और लोग मौके पर पहुंचते, उससे पहले सुआपाल के भाई और परिवार के अन्य सदस्य घर से फरार हो गए। मौके पर सिर्फ मोहल्ले के लोग ही रह गए और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी थी।
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ग्रामीणों की माने तो जरीफनगर के कांकसी निवासी सुआपाल पुत्र सिपट्टर शराबी था। उसके पास 20-25 बीघा जमीन है। खेतीबाड़ी करता है लेकिन शराब का आदी है। वह कभी सुबह से ही शराब पीने लगता है तो कभी सुबह शाम शराब में ही डूबा रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक सुआपाल का पत्नी से मारपीट करने का मामला कोई नया नहीं था। वह अक्सर रेनू के साथ मारपीट करता था। इससे मोहल्ले के लोग उसके पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे। यही वजह रही कि रविवार सुबह जब सुआपाल रेनू को पीट रहा था तो उस समय कोई बचाने नहीं पहुंचा। लोग समझे कि ऐसा तो रोज होता रहता है, बाद में खुद ही शांत हो जाएगा लेकिन मोहल्ले के लोग उस वक्त दंग रह गए, जब सुआपाल अपने घर से निकलकर बदहवास हालत में भाग रहा था। उसका चेहरा देखकर लोगों को अनहोनी समझने में देर नहीं लगी। तब तक मोहल्ले के लोग और उसके परिवार वाले घर पहुंचे, जहां बेड पर रेनू पड़ी थी। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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टूटी चूड़ियां और बेल्ट दे गईं बर्बरता की गवाही
बदायूं। रेनू की हत्या के पीछे चाहे कोई वजह रही हो लेकिन मौके पर जो टूटी बेल्ट और चूड़ियां मिलीं हैं, उन्हें देखकर लग रहा है कि सुआपाल ने बर्बरता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। यह टूटी चूड़ियां घर के आंगन से लेकर अंदर कमरे तक इधर-उधर फैली थीं। चमड़े की बेल्ट का तो यह हाल हो गया था कि वह पीटते-पीटते दो हिस्सों में हो गई थी। इसके बावजूद सुआपाल नहीं माना था। पुलिस ने चूड़ियां और बेल्ट सुबूत के तौर पर कब्जे में ले ली हैं।
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दहशत में उखड़ गए परिजनों के पैर
-बेड पर पड़ी रेनू की लाश देखकर सुआपाल के परिवार वालों के पैर उखड़ गए। शुरुआत में उनके अलावा मोहल्ले के कुछ लोग थे। कोई और लोग मौके पर पहुंचते, उससे पहले सुआपाल के भाई और परिवार के अन्य सदस्य घर से फरार हो गए। मौके पर सिर्फ मोहल्ले के लोग ही रह गए और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी थी।