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वर्चुुअल दुनिया में भी कुल शरीफ में शामिल हुए जायरीन
Updated Tue, 06 Nov 2018 02:37 AM IST
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बरेली। आला हजरत के 100वें कुल शरीफ में देश-विदेश के लाखों जायरीन के साथ वर्चुअल दुनिया में विश्व के कोने-कोने में बसे आला हजरत को मानने वाले कुल की रस्म में शामिल हुए। दरगाह की तरफ से उर्स को विश्व भर के जायरीन तक पहुंचाने के लिए लाइव ऑडियो की व्यवस्था की गई थी तो सोशल मीडिया के जरिये लाइव वीडियो भी जायरीन तक पहुंचे। अकीदतमंदों ने कमेंट करके अपनी अकीदत का नजराना भी पेश किया।
दरगाह प्रमुख मौलाना मोहम्मद सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां ने उन जायरीन के लिए लाइव ऑडियो की व्यवस्था कराई थी जो किसी न किसी कारण से उर्स में शिरकत नहीं कर सके। जुबैर रजा कादरी की अध्यक्षता में एक आईटी सेल बनाया गया था। जुबैर रजा ने बताया कि तीनों दिन लाइव ऑडियो अकीदतमंदों तक पहुंचाया गया। हिंदुस्तान के अलावा मॉरिशस, इंग्लैंड, अमेरिका, दुबई, सऊदी अरब, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, ईराक, ईरान समेत कई मुल्कों में बसे आला हजरत के मानने वालों ने कमेंट करके अपनी अकीदत का नजराना भी पेश किया। उनको आईटी सेल की तरफ से जवाब भी दिए गए। मॉरिशस के नौशाद जवैटा ने फोन करके आला हजरत के प्रति अपनी मोहब्बत बयां की। उन्होंने बताया कि इस बार वह भले ही कुल शरीफ में शिरकत न कर सकें हो लेकिन लाइव प्रसारण से जुड़कर लग रहा कि उनकी तरह कई देशों के जायरीन लाइव जुड़े। इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिये लाइव वीडियो भी जारी किए गए। कुल शरीफ में शामिल होने पहुंचे जायरीन भी अपने मोबाइल से भी फेसबुक पर लाइव हुए। कुल शरीफ के मौके पर कई हजार जायरीन अपने फेसबुक पेज पर लाइव थे जिससे देश-विदेश के जायरीन जुड़े हुए थे। हालांकि नेटवर्क जाम होने से इसमें थोड़ी दिक्कत जरूरत हुई।
कुछ पलों के लिए जाम हो गया मोबाइल नेटवर्क
जायरीन की बेशुमार भीड़ उमड़ने का असर मोबाइल नेटवर्क पर भी पड़ा। करीब आधा घंटे से ज्यादा मोबाइल का नेटवर्क जाम हो गया। उर्स स्थल के आसपास न तो कॉल लग पा रही थी और न ही इंटरनेट सेवा ठीक से चल रही थी। इसको लेकर जायरीन और उस क्षेत्र के लोग भी परेशान हुए। भीड़ छटने के बाद मोबाइल नेटवर्क सामान्य हो सका।
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दरगाह प्रमुख मौलाना मोहम्मद सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां ने उन जायरीन के लिए लाइव ऑडियो की व्यवस्था कराई थी जो किसी न किसी कारण से उर्स में शिरकत नहीं कर सके। जुबैर रजा कादरी की अध्यक्षता में एक आईटी सेल बनाया गया था। जुबैर रजा ने बताया कि तीनों दिन लाइव ऑडियो अकीदतमंदों तक पहुंचाया गया। हिंदुस्तान के अलावा मॉरिशस, इंग्लैंड, अमेरिका, दुबई, सऊदी अरब, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, ईराक, ईरान समेत कई मुल्कों में बसे आला हजरत के मानने वालों ने कमेंट करके अपनी अकीदत का नजराना भी पेश किया। उनको आईटी सेल की तरफ से जवाब भी दिए गए। मॉरिशस के नौशाद जवैटा ने फोन करके आला हजरत के प्रति अपनी मोहब्बत बयां की। उन्होंने बताया कि इस बार वह भले ही कुल शरीफ में शिरकत न कर सकें हो लेकिन लाइव प्रसारण से जुड़कर लग रहा कि उनकी तरह कई देशों के जायरीन लाइव जुड़े। इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिये लाइव वीडियो भी जारी किए गए। कुल शरीफ में शामिल होने पहुंचे जायरीन भी अपने मोबाइल से भी फेसबुक पर लाइव हुए। कुल शरीफ के मौके पर कई हजार जायरीन अपने फेसबुक पेज पर लाइव थे जिससे देश-विदेश के जायरीन जुड़े हुए थे। हालांकि नेटवर्क जाम होने से इसमें थोड़ी दिक्कत जरूरत हुई।
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कुछ पलों के लिए जाम हो गया मोबाइल नेटवर्क
जायरीन की बेशुमार भीड़ उमड़ने का असर मोबाइल नेटवर्क पर भी पड़ा। करीब आधा घंटे से ज्यादा मोबाइल का नेटवर्क जाम हो गया। उर्स स्थल के आसपास न तो कॉल लग पा रही थी और न ही इंटरनेट सेवा ठीक से चल रही थी। इसको लेकर जायरीन और उस क्षेत्र के लोग भी परेशान हुए। भीड़ छटने के बाद मोबाइल नेटवर्क सामान्य हो सका।
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