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लाल फाटक पर भारी ट्रैफिक के बीच खंभों का काम और तेज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:04 AM IST
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लाल फाटक ओवरब्रिज का निर्माण और तेज होने के साथ यहां हादसे का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। बदायूं की ओर आने-जाने वाले ट्रैफिक के बीच रेलवे क्रॉसिंग अक्सर बंद होने से यहां जिस वक्त लंबा जाम लगा होता है, उस दौरान भी फ्लाईओवर का निर्माण जारी होता है। इसके चलते यहां किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है। सेतु निगम के अफसर कई बार प्रशासन और पुलिस के अफसरों को ट्रैफिक डायवर्ट करने के लिए पत्र लिख चुके हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन इस तरफ से बेपरवाह बना हुआ है। कुछ ही समय पहले बनारस में फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान हुए बड़े हादसे से भी यहां के आला अफसर कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
बरेली-बदायूं रोड पर लालफाटक क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज कारपोरेशन 923.20 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है। यह फ्लाईओवर लखनऊ-बरेली और बदायूं-बरेली रेलवे ट्रैक की दो दो रेलवे क्रासिंग को कवर करेगा। इन क्रॉसिंग के बंद रहने से दोनों तरफ लंबा जाम रहना आम बात है। इस वजह से ओवरब्रिज का निर्माण तो प्रभावित ही हो रहा है, साथ ही निर्माण स्थल के पास से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों के हादसे का शिकार होने का खतरा भी बना हुआ है। निर्माण करा रही सेतु निगम की टीम ने रेलवे क्रॉसिंग से बदायूं रोड की तरफ पिलर संख्या नौ से 16 तक का निर्माण पूरा कर लिया है। अब इधर कैंट की सीमा में रेलवे क्रॉसिंग से सटकर पीडब्ल्यूडी की जमीन पर भी पिलर नंबर तीन, चार और पांच का निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। रेलवे लाइन के पास ही तीन और पिलर भी बनाए जाने हैं। यहां रोड भी संकरी है, जिस पर जब जाम लगता है तो अच्छीखासी भीड़भाड़ रहती है। इस दौरान फ्लाईओवर के लिए भारी गार्डरों और पिलर बनाने के लिए भारी-भरकम निर्माण सामग्री को इधर से उधर ले जाने के दौरान हादसे की आशंका और ज्यादा बढ़ रही है। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि इसके लिए वह काफी वक्त से पुलिस-प्रशासन के साथ लिखापढ़ी कर रहे हैं, लेकिन रूट डायवर्जन पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
एक ही तरफ निर्माण होने से बढ़ी समस्या
करीब 82 करोड़ के इस फ्लाईओवर निर्माण के प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा कैंट एरिया में आ रहा है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय को एनओसी देनी हैं जो अभी तक न मिल पाने से इंजीनियरों को ब्रिज निर्माण पूरा करने में लगातार देरी हो रही है। ऐसे में जनवरी 2017 के बाद से अब तक पुल निर्माण के एक हिस्से का ही निर्माण हो सका है। कैंट की तरफ पुल निर्माण शुरू करने में लगातार देरी हो रही है। इसे पब्लिक की समस्या लगातार बढ़ रही है।
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लाल फाटक की तरफ रूट डायवर्ट कराने का काम जल्द ही होगा। इसके लिए एडीएम सिटी को संबंधित अफसरों के साथ मिलकर इस दिक्कत का समाधान करने के लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
यातायात न बंद होने से पुल का निर्माण कार्य तो प्रभावित ही हो रहा है। साथ ही निर्माण के दौरान राहगीरों की भीड़ से हादसे का खतरा भी है। इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन को लेटर भेजे जा चुके हैं। - नवाब सिंह, उप परियोजना अधिकारी, सेतु निगम
लाल फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण को देखते हुए बुखारा होते हुए फरीदपुर की तरफ ट्रैफिक डायवर्ट करने प्लानिंग चल रही है। इसके अलावा रास्तों को लेकर अन्य विकल्प भी तलाश किए जा रहे हैं। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी ट्रैफिक
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बरेली-बदायूं रोड पर लालफाटक क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज कारपोरेशन 923.20 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है। यह फ्लाईओवर लखनऊ-बरेली और बदायूं-बरेली रेलवे ट्रैक की दो दो रेलवे क्रासिंग को कवर करेगा। इन क्रॉसिंग के बंद रहने से दोनों तरफ लंबा जाम रहना आम बात है। इस वजह से ओवरब्रिज का निर्माण तो प्रभावित ही हो रहा है, साथ ही निर्माण स्थल के पास से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों के हादसे का शिकार होने का खतरा भी बना हुआ है। निर्माण करा रही सेतु निगम की टीम ने रेलवे क्रॉसिंग से बदायूं रोड की तरफ पिलर संख्या नौ से 16 तक का निर्माण पूरा कर लिया है। अब इधर कैंट की सीमा में रेलवे क्रॉसिंग से सटकर पीडब्ल्यूडी की जमीन पर भी पिलर नंबर तीन, चार और पांच का निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। रेलवे लाइन के पास ही तीन और पिलर भी बनाए जाने हैं। यहां रोड भी संकरी है, जिस पर जब जाम लगता है तो अच्छीखासी भीड़भाड़ रहती है। इस दौरान फ्लाईओवर के लिए भारी गार्डरों और पिलर बनाने के लिए भारी-भरकम निर्माण सामग्री को इधर से उधर ले जाने के दौरान हादसे की आशंका और ज्यादा बढ़ रही है। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि इसके लिए वह काफी वक्त से पुलिस-प्रशासन के साथ लिखापढ़ी कर रहे हैं, लेकिन रूट डायवर्जन पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
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एक ही तरफ निर्माण होने से बढ़ी समस्या
करीब 82 करोड़ के इस फ्लाईओवर निर्माण के प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा कैंट एरिया में आ रहा है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय को एनओसी देनी हैं जो अभी तक न मिल पाने से इंजीनियरों को ब्रिज निर्माण पूरा करने में लगातार देरी हो रही है। ऐसे में जनवरी 2017 के बाद से अब तक पुल निर्माण के एक हिस्से का ही निर्माण हो सका है। कैंट की तरफ पुल निर्माण शुरू करने में लगातार देरी हो रही है। इसे पब्लिक की समस्या लगातार बढ़ रही है।
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लाल फाटक की तरफ रूट डायवर्ट कराने का काम जल्द ही होगा। इसके लिए एडीएम सिटी को संबंधित अफसरों के साथ मिलकर इस दिक्कत का समाधान करने के लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
यातायात न बंद होने से पुल का निर्माण कार्य तो प्रभावित ही हो रहा है। साथ ही निर्माण के दौरान राहगीरों की भीड़ से हादसे का खतरा भी है। इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन को लेटर भेजे जा चुके हैं। - नवाब सिंह, उप परियोजना अधिकारी, सेतु निगम
लाल फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण को देखते हुए बुखारा होते हुए फरीदपुर की तरफ ट्रैफिक डायवर्ट करने प्लानिंग चल रही है। इसके अलावा रास्तों को लेकर अन्य विकल्प भी तलाश किए जा रहे हैं। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी ट्रैफिक