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ये तो लटकाते जा रहे टीपीनगर का मामला
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:59 AM IST
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बरेली।
ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के मामले में एक बार फिर पेंच फंसता नजर आ रहा है। योगी सरकार आने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर बसाने में तेजी दिखाने वाला प्रशासन अब ढीला पड़ चुका है। तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने सरकार बदलते ही ट्रांसपोर्ट नगर बसाने में तेजी दिखाई थी। उनके जाने के बाद नवागत कमिश्नर और डीएम ने 31 मई तक ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की समय सीमा भी तय कर दी। उस समय ऐसा लगने लगा कि इस बार ट्रांसपोर्ट नगर बस जाएगा। मगर, अब ये मामला फिर जहां का तहां लटक कर रह गया है। मैकेनिकों को सस्ते प्लाट देने का मामला भी अटका हुआ है। इस मुद्दे पर बीडीए बोर्ड की 21 जून को होने वाली बैठक भी टल गई है।
कमिश्नर की सख्ती के बाद बीडीए भी हरकत में आया। ताबड़तोड़ मीटिंगों का दौर चला। मैकेनिकों को सस्ते प्लाट देने के लिए उनसे सहमति पत्र लिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर की सफाई की जाने लगी तो सबने महसूस किया कि अब ट्रांसपोर्ट नगर बसने वाला है। इसी बीच मैकेनिकों को सस्ते प्लाट देने का प्रस्ताव बोर्ड में लाया जाना तय हुआ। बीडीए ने पांच जून को बोर्ड की मीटिंग बुलाई। इस दिन जिलाधिकारी के शहर में न होने से ये बैठक नहीं हो सकी। फिर बैठक की तारीख आगे बढ़ाकर 21 जून हुई। बीडीए को ये बात पहले से पता थी कि इस दिन ‘योग दिवस’ है। अब बीडीए बोर्ड बैठक की तारीख बढ़ाकर 28 हो गई है। इसमें मैकेनिकों को सस्ती दरों पर प्लाट देने का प्रस्ताव पारित होगा। ट्रांसपोर्ट नगर बसाने का मामला प्रशासन और बीडीए एक दूसरे पर टाल रहे हैं। न तो शहर के सभी ट्रांसपोर्टर वहां गए हैं और न ही ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्थाएं ठीक हो पाई हैं। इसी ढिलाई के चलते 17 साल से ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बस पाया।
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ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के मामले में एक बार फिर पेंच फंसता नजर आ रहा है। योगी सरकार आने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर बसाने में तेजी दिखाने वाला प्रशासन अब ढीला पड़ चुका है। तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने सरकार बदलते ही ट्रांसपोर्ट नगर बसाने में तेजी दिखाई थी। उनके जाने के बाद नवागत कमिश्नर और डीएम ने 31 मई तक ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की समय सीमा भी तय कर दी। उस समय ऐसा लगने लगा कि इस बार ट्रांसपोर्ट नगर बस जाएगा। मगर, अब ये मामला फिर जहां का तहां लटक कर रह गया है। मैकेनिकों को सस्ते प्लाट देने का मामला भी अटका हुआ है। इस मुद्दे पर बीडीए बोर्ड की 21 जून को होने वाली बैठक भी टल गई है।
कमिश्नर की सख्ती के बाद बीडीए भी हरकत में आया। ताबड़तोड़ मीटिंगों का दौर चला। मैकेनिकों को सस्ते प्लाट देने के लिए उनसे सहमति पत्र लिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर की सफाई की जाने लगी तो सबने महसूस किया कि अब ट्रांसपोर्ट नगर बसने वाला है। इसी बीच मैकेनिकों को सस्ते प्लाट देने का प्रस्ताव बोर्ड में लाया जाना तय हुआ। बीडीए ने पांच जून को बोर्ड की मीटिंग बुलाई। इस दिन जिलाधिकारी के शहर में न होने से ये बैठक नहीं हो सकी। फिर बैठक की तारीख आगे बढ़ाकर 21 जून हुई। बीडीए को ये बात पहले से पता थी कि इस दिन ‘योग दिवस’ है। अब बीडीए बोर्ड बैठक की तारीख बढ़ाकर 28 हो गई है। इसमें मैकेनिकों को सस्ती दरों पर प्लाट देने का प्रस्ताव पारित होगा। ट्रांसपोर्ट नगर बसाने का मामला प्रशासन और बीडीए एक दूसरे पर टाल रहे हैं। न तो शहर के सभी ट्रांसपोर्टर वहां गए हैं और न ही ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्थाएं ठीक हो पाई हैं। इसी ढिलाई के चलते 17 साल से ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बस पाया।
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