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Bareilly News: शिकायतों का कागजी समाधान कर रहे 13 विभाग
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बरेली। सरकारी विभागों की ओर से शिकायतों के निस्तारण का दावे और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के आंकड़े अलग-अलग तस्वीर दिखा रहे हैं। पिछले माह के आंकड़ों के अनुसार 13 विभागों और अधिकारियों की ओर से जिन शिकायतों का निस्तारण किया गया, आधे से ज्यादा फरियादियों ने उससे असंतुष्टि जाजिर की। 7,971 में से 2,456 फरियादियों ने असंतुष्टि जाहिर की, जबकि 1423 ने बताया कि उनसे किसी ने संपर्क ही नहीं किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, नगर आयुक्त की ओर से निस्तारित जिन 58 मामलों में फीडबैक लिया गया, उसमें से 38 फरियादी असंतुष्ट रहे। यहां असंतुष्टि का फीडबैक 65.52 फीसदी रहा। अपर नगर आयुक्त के मामले में 263 में से 143 फरियादी असंतुष्ट मिले। उप निदेशक कृषि की ओर से निस्तारित 106 मामलों में फीडबैक लिए गए। 62 फरियादी असंतुष्ट मिले।
तहसीलदार, राजस्व एवं आपदा विभाग के 108 मामलों में से 55 फरियादियों ने असंतुष्टि जाहिर की। औषधि निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा विभाग, सेवायोजन, अधीक्षण अभियंता पंचम मंडल सिंचाई कार्य, बीईओ दमखोदा की ओर से निस्तारित सभी मामलों में फरियादियों ने असंतोष जाहिर किया। हालांकि, इन विभागों में शिकायतें महज एक से तीन के बीच रहीं।
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शिकायतों के निस्तारण के बाद फीडबैक जुटाने की प्रक्रिया में भी सभी मामले शामिल नहीं हो सके। रिपोर्ट में 1,423 मामलों में शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं किए जाने का ब्योरा दर्ज है। 2,070 मामलों में सर्वे नहीं हुआ। संपर्क का प्रतिशत 82.15 और सर्वे का प्रतिशत 74.03 दर्ज है। फीडबैक रिपोर्ट में 5,515 फरियादियों ने संतुष्टि और 2,456 ने असंतुष्टि जाहिर की है। इससे जाहिर है कि समाधान के बाद भी शिकायतकर्ताओं में असंतुष्टि बनी हुई है।
रंजिश में कई लोग नाम-पता बदलकर करते हैं शिकायत
एक अधिकारी ने बताया कि कुछ शिकायतकर्ता आपसी रंजिश निपटाने के लिए शिकायत करते हैं। दो से तीन ऐसे मामले सामने आए हैं। जांच कराने पर पता चला कि शिकायत निस्तारण का मेसेज जारी होने के दो से तीन घंटे बाद संबंधित व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के नाम-पते से शिकायतें कर रहा था। मोबाइल नंबर अपने करीबियों के देता था। उसे समझाया गया।
कोर्ट में विचाराधीन मामले की शिकायत
सदर तहसील के धनेती खरगपुर में एक व्यक्ति ने रास्ते पर कब्जे की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि विपक्षी ने आवासीय भूखंड खरीदा था। हालांकि, बिक्री के दौरान रास्ता देने पर सहमति बनी थी, पर बाद में क्रेता मुकर गए। मामला कोर्ट में विचाराधीन पाए जाने पर जांच अधिकारी ने हस्तक्षेप में असमर्थता जता दी। फीडबैक में शिकायतकर्ता ने असंतुष्टि जताई।
मोबाइल नंबर दर्ज नहीं, शिकायतकर्ता लापता
भोजीपुरा की ग्राम पंचायत कासमपुर की ऊषा ने आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की थी। शिकायती पत्र में महिला का मोबाइल नंबर नहीं था। संबंधित महिला के बारे में प्रधान समेत अन्य प्रमुख लोगों से पूछताछ की गई, पर कोई जानकारी नहीं मिली। आईजीआरएस पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो संबंधित व्यक्ति ने ऐसी किसी शिकायत से इन्कार कर दिया।
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रिपोर्ट के मुताबिक, नगर आयुक्त की ओर से निस्तारित जिन 58 मामलों में फीडबैक लिया गया, उसमें से 38 फरियादी असंतुष्ट रहे। यहां असंतुष्टि का फीडबैक 65.52 फीसदी रहा। अपर नगर आयुक्त के मामले में 263 में से 143 फरियादी असंतुष्ट मिले। उप निदेशक कृषि की ओर से निस्तारित 106 मामलों में फीडबैक लिए गए। 62 फरियादी असंतुष्ट मिले।
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तहसीलदार, राजस्व एवं आपदा विभाग के 108 मामलों में से 55 फरियादियों ने असंतुष्टि जाहिर की। औषधि निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा विभाग, सेवायोजन, अधीक्षण अभियंता पंचम मंडल सिंचाई कार्य, बीईओ दमखोदा की ओर से निस्तारित सभी मामलों में फरियादियों ने असंतोष जाहिर किया। हालांकि, इन विभागों में शिकायतें महज एक से तीन के बीच रहीं।
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शिकायतों के निस्तारण के बाद फीडबैक जुटाने की प्रक्रिया में भी सभी मामले शामिल नहीं हो सके। रिपोर्ट में 1,423 मामलों में शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं किए जाने का ब्योरा दर्ज है। 2,070 मामलों में सर्वे नहीं हुआ। संपर्क का प्रतिशत 82.15 और सर्वे का प्रतिशत 74.03 दर्ज है। फीडबैक रिपोर्ट में 5,515 फरियादियों ने संतुष्टि और 2,456 ने असंतुष्टि जाहिर की है। इससे जाहिर है कि समाधान के बाद भी शिकायतकर्ताओं में असंतुष्टि बनी हुई है।
रंजिश में कई लोग नाम-पता बदलकर करते हैं शिकायत
एक अधिकारी ने बताया कि कुछ शिकायतकर्ता आपसी रंजिश निपटाने के लिए शिकायत करते हैं। दो से तीन ऐसे मामले सामने आए हैं। जांच कराने पर पता चला कि शिकायत निस्तारण का मेसेज जारी होने के दो से तीन घंटे बाद संबंधित व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के नाम-पते से शिकायतें कर रहा था। मोबाइल नंबर अपने करीबियों के देता था। उसे समझाया गया।
कोर्ट में विचाराधीन मामले की शिकायत
सदर तहसील के धनेती खरगपुर में एक व्यक्ति ने रास्ते पर कब्जे की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि विपक्षी ने आवासीय भूखंड खरीदा था। हालांकि, बिक्री के दौरान रास्ता देने पर सहमति बनी थी, पर बाद में क्रेता मुकर गए। मामला कोर्ट में विचाराधीन पाए जाने पर जांच अधिकारी ने हस्तक्षेप में असमर्थता जता दी। फीडबैक में शिकायतकर्ता ने असंतुष्टि जताई।
मोबाइल नंबर दर्ज नहीं, शिकायतकर्ता लापता
भोजीपुरा की ग्राम पंचायत कासमपुर की ऊषा ने आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की थी। शिकायती पत्र में महिला का मोबाइल नंबर नहीं था। संबंधित महिला के बारे में प्रधान समेत अन्य प्रमुख लोगों से पूछताछ की गई, पर कोई जानकारी नहीं मिली। आईजीआरएस पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो संबंधित व्यक्ति ने ऐसी किसी शिकायत से इन्कार कर दिया।