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रिफ्लेक्टर नहीं तो कहीं रेडियम सिग्नल गायब
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बरेली। पीडब्ल्यूडी ने लंबे समय से डिवाइडर और रोड सिग्नल दुरुस्त नहीं कराए हैं। शहर के तमाम चौराहों पर रोटरी के चारों तरफ न रेडियम लाइट लगी हैं और न ही डिवाइडर और सफेद पट्टी को दोबारा पेंट किया गया है। तमाम जगहों पर डिवाइडर के कट के पास रिफलेक्टर नहीं लगाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि बजट शासन से मांगा गया है। जल्द ही सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों को कराया जाएगा।
शहर की व्यस्ततम रोड चौपुला-किला रोड पर सिग्नल तमाम जगहों पर या तो हैं नहीं या फिर टूट गए हैं। चौपुला चौराहा की रोटरी के चारों तरफ तरफ पहले रेडियम लाइट के खंभे लगाए गए थे। वाहनों की टक्कर से ज्यादातर खंभे टूट गए हैं। रात में ड्राइवरों को वाहन मोड़ने में दिक्कत हो रही है। इसके आगे चौपुला पुल के स्लोप होने पर ट्रैफिक के डायवर्जन के लिए सिटी स्टेशन की तरफ सड़क के बीचोंबीच एक रोटरी तो बना दी गई, लेकिन उसके चारों तरफ न तो सफेद पट्टी बनाई गई और न ही रिफलेक्टर हैं। इससे रात में पुल से सड़क पर आने-जाने के दौरान इस रोटरी से वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा किला पुल की तरफ भी डिवाइडर पर सड़क संकेतक तमाम जगहों पर क्षतिग्रस्त है। डिवाइडर के रंग भी उतर चुके हैं। इससे वाहनों चालकों को रात में वह स्पष्ट नहीं दिखाई देते। किला पुल पार करने करते ही पीडब्ल्यूडी ने एक और रोटरी बनाई है, जो काफी खस्ताहाल है। यहां भी पूर्व में लगे रेडियम खंभे पूरी तरह टूट चुके हैं। उसके आगे भी डिवाइडर कई जगहों पर टूटे हैं। इधर, चौपुला से अयूब खां चौराहा के पास भी डिवाइडर के कट के पहले रिफलेक्टर नहीं लगाए गए हैं। पीलीभीत बाईपास रोड पर बीसलपुर चौराहा, यूनिवर्सिटी के पास सहित कई जगहों पर रोड सिग्नल टूटे हुए हैं।
किला पुल की रोड नहीं बनी
किला पुल पर कई जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। पिछली बरसात में इस पुल की सड़क काफी खस्ताहाल हो गई थी। इस पर पैच वर्क कराने के बाद पुल की सड़क को उसके हाल पर छोड़ दिया गया। इससे इस पुल पर गुजरते वक्त हादसे का खतरा बना हुआ है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि रोड पर तारकोल की नई सड़क बिछाने के लिए जल्द ही बजट मांगा जाएगा।
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‘एक-एक करके शहर की तमाम सड़कों की हालत सुधार दी गई है। सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए भी बजट शासन से मांगा गया है। कोशिश है कि बरसात शुरू होने से पहले रोड सिग्नल दुरुस्त करा दिए जाएं।’
- राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
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शहर की व्यस्ततम रोड चौपुला-किला रोड पर सिग्नल तमाम जगहों पर या तो हैं नहीं या फिर टूट गए हैं। चौपुला चौराहा की रोटरी के चारों तरफ तरफ पहले रेडियम लाइट के खंभे लगाए गए थे। वाहनों की टक्कर से ज्यादातर खंभे टूट गए हैं। रात में ड्राइवरों को वाहन मोड़ने में दिक्कत हो रही है। इसके आगे चौपुला पुल के स्लोप होने पर ट्रैफिक के डायवर्जन के लिए सिटी स्टेशन की तरफ सड़क के बीचोंबीच एक रोटरी तो बना दी गई, लेकिन उसके चारों तरफ न तो सफेद पट्टी बनाई गई और न ही रिफलेक्टर हैं। इससे रात में पुल से सड़क पर आने-जाने के दौरान इस रोटरी से वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा किला पुल की तरफ भी डिवाइडर पर सड़क संकेतक तमाम जगहों पर क्षतिग्रस्त है। डिवाइडर के रंग भी उतर चुके हैं। इससे वाहनों चालकों को रात में वह स्पष्ट नहीं दिखाई देते। किला पुल पार करने करते ही पीडब्ल्यूडी ने एक और रोटरी बनाई है, जो काफी खस्ताहाल है। यहां भी पूर्व में लगे रेडियम खंभे पूरी तरह टूट चुके हैं। उसके आगे भी डिवाइडर कई जगहों पर टूटे हैं। इधर, चौपुला से अयूब खां चौराहा के पास भी डिवाइडर के कट के पहले रिफलेक्टर नहीं लगाए गए हैं। पीलीभीत बाईपास रोड पर बीसलपुर चौराहा, यूनिवर्सिटी के पास सहित कई जगहों पर रोड सिग्नल टूटे हुए हैं।
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किला पुल की रोड नहीं बनी
किला पुल पर कई जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। पिछली बरसात में इस पुल की सड़क काफी खस्ताहाल हो गई थी। इस पर पैच वर्क कराने के बाद पुल की सड़क को उसके हाल पर छोड़ दिया गया। इससे इस पुल पर गुजरते वक्त हादसे का खतरा बना हुआ है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि रोड पर तारकोल की नई सड़क बिछाने के लिए जल्द ही बजट मांगा जाएगा।
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‘एक-एक करके शहर की तमाम सड़कों की हालत सुधार दी गई है। सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए भी बजट शासन से मांगा गया है। कोशिश है कि बरसात शुरू होने से पहले रोड सिग्नल दुरुस्त करा दिए जाएं।’
- राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी