फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   ‘समय पर सही उपचार न मिलने से दम तोड़ रहीं प्रसूताएं’

‘समय पर सही उपचार न मिलने से दम तोड़ रहीं प्रसूताएं’

Sat, 13 Apr 2019 02:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 02:10 AM IST
विज्ञापन
‘समय पर सही उपचार न मिलने से दम तोड़ रहीं प्रसूताएं’
बरेली। समय पर सही उपचार न मिलने से भारत में आज भी बड़ी संख्या में प्रसूताएं दम तोड़ रही हैं। इसका आंकड़ा विकासशील देशों की तुलना में भारत में सबसे ज्यादा है। प्रत्येक एक लाख पर भारत में हर साल 130 प्रसूताएं मौत का शिकार होती हैं। श्रीलंका जैसे देश में इसका अनुपात महज 30 है। अन्य विकासशील देशों में इसका आंकड़ा 30-40 के बीच है। मौत का कारण खून की कमी और समय पर जांच और इलाज की सुविधा न मिलना होता है।
विज्ञापन

शुक्रवार को आईएमए में हुई प्रेसवार्ता में स्त्री रोग विशेषज्ञों ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। बताया कि बरेली ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी और यूपी ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी की ओर से स्त्री रोग पर शनिवार से शुरू हो रही नेशनल कान्फ्रेंस में देश की प्रमुख महिला चिकित्सक इन्हीं मुद्दों पर मंथन करेंगी। आईएमए में होने वाली कांफ्रेंस में पहले दिन अल्ट्रासाउंड के महत्व पर वर्कशॉप होगी। साइंटिफिक चेयरपर्सन डॉ. भारती सरन ने बताया कि कुछ वर्ष पहले भारत में प्रति लाख प्रसूता की मौत का आंकड़ा 400 से ज्यादा था। बेहतर चिकित्सा सुविधाएं होने से इसमें काफी सुधार हुआ है। उन्हाेंने बताया कि शहर और गांव की तुलना में शहर की प्रसूता में खून की ज्यादा कमी पाई जाती है। गांव में आंकड़ा 50 फीसदी तो शहर में 60 फीसदी तक प्रसूताएं एनीमिया की शिकार होती हैं। आयोजन चेयरपर्सन लता अग्रवाल ने फास्ट फूड इसका सबसे बड़ा कारण बताया। बताया कि सही खानपान हो तो ऐसी दिक्कत से बचा जा सकता है। डॉ. नीरा अग्रवाल, मृदुला शर्मा और लतिका अग्रवाल ने बताया कि महिलाएं रसौलिया, सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारी का भी शिकार हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed