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Bareilly News: मजदूरी के लिए दरभंगा से पंजाब ले जाए जा रहे 12 किशोरों को जननायक एक्सप्रेस से उतारा
Thu, 07 May 2026 01:32 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 07 May 2026 01:32 AM IST
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मजदूरी के लिए बिहार के दरभंगा से पंजाब ले जाए जा रहे 12 किशोरों को मानव तस्करी के शक में बदायूं की एक संस्था ने जीआरपी के सहयोग से बुधवार दोपहर 15211 जननायक एक्सप्रेस से जंक्शन पर उतार लिया। इस बारे में चाइल्ड लाइन को भी सूचना नहीं दी गई। बाद में चाइल्ड लाइन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया है। इनकी आयु 15 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
चाइल्ड लाइन के प्रोजेक्ट कोऑडिनेटर सोनू सिंह ने बताया कि दोपहर में उनको सूचना मिली कि बदायूं की काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान की सचिव मीना सिंह ने जीआरपी को मानव तस्करी कर किशोरों को पंजाब ले जाए जाने की सूचना दी। इसके बाद वह जंक्शन पहुंचे। ट्रेन दोपहर 1:50 बजे जंक्शन पर आई। यहां 12 किशोरों को ट्रेन से उतार लिया गया। किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया है। उनको परिवार वालों के सुपुर्द किया जाएगा। अब तक मानव तस्करी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
इंस्पेक्टर जीआरपी एसके वर्मा ने बताया कि मानव तस्करी के शक के किशोरों को ट्रेन से उतारा गया था, पर पूछताछ में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। किशोरों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर जांच की जा रही है।
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संस्था सचिव ने लगाए आरोप
संस्था की सचिव मीना सिंह का कहना है कि रेस्क्यू के बाद किशोरों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने में संस्था के लोगों को काफी दिक्कत हुई। उन्हें तत्काल कोई सहयोग नहीं मिल सका। इस कारण किशोरों को देर शाम तक मेडिकल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। चाइल्ड लाइन को सूचना देने पर एक बीमार महिला को भेज दिया गया। डीपीओ कार्यालय से भी उन्हें सहयोग नहीं मिला।
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चाइल्ड लाइन के प्रोजेक्ट कोऑडिनेटर सोनू सिंह ने बताया कि दोपहर में उनको सूचना मिली कि बदायूं की काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान की सचिव मीना सिंह ने जीआरपी को मानव तस्करी कर किशोरों को पंजाब ले जाए जाने की सूचना दी। इसके बाद वह जंक्शन पहुंचे। ट्रेन दोपहर 1:50 बजे जंक्शन पर आई। यहां 12 किशोरों को ट्रेन से उतार लिया गया। किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया है। उनको परिवार वालों के सुपुर्द किया जाएगा। अब तक मानव तस्करी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
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इंस्पेक्टर जीआरपी एसके वर्मा ने बताया कि मानव तस्करी के शक के किशोरों को ट्रेन से उतारा गया था, पर पूछताछ में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। किशोरों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर जांच की जा रही है।
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संस्था सचिव ने लगाए आरोप
संस्था की सचिव मीना सिंह का कहना है कि रेस्क्यू के बाद किशोरों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने में संस्था के लोगों को काफी दिक्कत हुई। उन्हें तत्काल कोई सहयोग नहीं मिल सका। इस कारण किशोरों को देर शाम तक मेडिकल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। चाइल्ड लाइन को सूचना देने पर एक बीमार महिला को भेज दिया गया। डीपीओ कार्यालय से भी उन्हें सहयोग नहीं मिला।