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नकल पर नकेल कसी तो छात्रों का याद आई पढ़ाई
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बरेली। बोर्ड परीक्षा में पिछले साल हुई सख्ती के नतीजे इस बार मूल्यांकन में दिख रहे हैं। इस बार पिछले साल के मुकाबले बेहतर कॉपियां आ रही हैं। छात्रों को औसत नंबर भी अच्छे मिल रहे हैं। इससे रिजल्ट भी अच्छा रहेगा।
पिछले साल मूल्यांकन के दौरान ही परीक्षक कहने लगे थे कि इस बार रिजल्ट 30 से 40 फीसदी ही रहेगा। हालांकि मॉडरेशन पॉलिसी से रिजल्ट बेहतर रहा। इस बार मूल्यांकन से परिणाम अच्छा निकल रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कर रहे एक शिक्षक ने बताया कि पिछले साल इंटरमीडिएट में अधिकतर कॉपी आधी लिखी मिल रही थीं। कई कॉपियां तो कोरी निकली थीं। उनका कहना है कि पिछले साल सख्ती हुई तो छात्र पढ़ाई के प्रति गंभीर हुए। उनको पता था कि इस बार भी सख्ती होगी तो पास होने के लिए पढ़ना ही पढ़ेगा। एफआर इस्लामिया में मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार काफी सुधार दिख रहा है। छात्रों के औसत अंक भी बेहतर आ रहे हैं।
छात्रों की गुजारिश, गुरुजी पास कर दीजिए..
मूल्यांकन में भले ही कॉपियां पिछले साल से बेहतर आ रही हों, लेकिन पास करने की दुहाई देने वाले तमाम मामले भी सामने आ रहे हैं। हाईस्कूल के एक छात्र ने अंग्रेजी की कॉपी में लिखा कि, गुरुजी मुझे बहुत अच्छी अंग्रेजी नहीं आती, प्लीज पास कर दीजिए। इंटरमीडिएट के एक छात्र ने लिखा कि इसी साल शादी होनी है, पास नहीं हुआ तो शादी नहीं हो पाएगी, घर में खाने को नहीं मिलेगा। कुछ कॉपियों में पचास और सौ के नोट भी निकल रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि कॉपी के आखिर में कई छात्रों ने मोबाइल नंबर लिख दिए। कई छात्रों ने लिखा कि कॉल करके खाता नंबर बता दीजिए पैसे डाल देंगे, पास होने भर के नंबर दे दीजिए। मंगलवार को मूल्यांकन के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए।
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पिछले साल मूल्यांकन के दौरान ही परीक्षक कहने लगे थे कि इस बार रिजल्ट 30 से 40 फीसदी ही रहेगा। हालांकि मॉडरेशन पॉलिसी से रिजल्ट बेहतर रहा। इस बार मूल्यांकन से परिणाम अच्छा निकल रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कर रहे एक शिक्षक ने बताया कि पिछले साल इंटरमीडिएट में अधिकतर कॉपी आधी लिखी मिल रही थीं। कई कॉपियां तो कोरी निकली थीं। उनका कहना है कि पिछले साल सख्ती हुई तो छात्र पढ़ाई के प्रति गंभीर हुए। उनको पता था कि इस बार भी सख्ती होगी तो पास होने के लिए पढ़ना ही पढ़ेगा। एफआर इस्लामिया में मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार काफी सुधार दिख रहा है। छात्रों के औसत अंक भी बेहतर आ रहे हैं।
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छात्रों की गुजारिश, गुरुजी पास कर दीजिए..
मूल्यांकन में भले ही कॉपियां पिछले साल से बेहतर आ रही हों, लेकिन पास करने की दुहाई देने वाले तमाम मामले भी सामने आ रहे हैं। हाईस्कूल के एक छात्र ने अंग्रेजी की कॉपी में लिखा कि, गुरुजी मुझे बहुत अच्छी अंग्रेजी नहीं आती, प्लीज पास कर दीजिए। इंटरमीडिएट के एक छात्र ने लिखा कि इसी साल शादी होनी है, पास नहीं हुआ तो शादी नहीं हो पाएगी, घर में खाने को नहीं मिलेगा। कुछ कॉपियों में पचास और सौ के नोट भी निकल रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि कॉपी के आखिर में कई छात्रों ने मोबाइल नंबर लिख दिए। कई छात्रों ने लिखा कि कॉल करके खाता नंबर बता दीजिए पैसे डाल देंगे, पास होने भर के नंबर दे दीजिए। मंगलवार को मूल्यांकन के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए।
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