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एक सुई से कई मरीजों के ब्लड नमूना लेकर घिरा मेडिकल स्टाफ
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:00 AM IST
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देहात की सीएचसी और पीएचसी में मलेरिया की जांच में गड़बड़ियों पर मेडिकल स्टाफ घिरता नजर आ रहा है। ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. एसपी अग्रवाल ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में जिक्र किया कि मेडिकल स्टाफ एक ही सुई से एक से अधिक लोगों के ब्लड नमूना लेने में इस्तेमाल करता देखा गया। यह लापरवाही उजागर होने के बाद एडी हेल्थ डॉ. प्रमिला गौड़ ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर ऐसा हो रहा था तो यह अक्षम्य अपराध है। लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
जेडी डॉ. एसपी अग्रवाल ने बहेड़ी की सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण किया था। उन्होंने आरडीटी किट के इस्तेमाल में गड़बड़ियां पकड़ी थीं। इसपर स्टाफ को उसका सही इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया था। जांच में सामने आया कि यह आरडीटी किट 2012 की निर्मित थी। इनकी तीन हजार की खेप मंगाई थी। इसका कुछ हिस्सा बहेड़ी सीएचसी और पीएचसी पर भेजा गया था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरडीटी किट में ब्लड और बफर (केमिकल) लगाने में गड़बड़ी हुई थी। इस मामले में कमिश्नर राजवीर प्रसाद ने एडी हेल्थ को मेसेज किया था। इसके बाद सभी सीएचसी और पीएचसी पर जांच प्रक्रिया में सावधानी बरती जाने लगी है। वहीं अब सभी सीएचसी और पीएचसी में हुईं जांच में सवालों में घिर गई हैं।
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जेडी डॉ. एसपी अग्रवाल ने बहेड़ी की सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण किया था। उन्होंने आरडीटी किट के इस्तेमाल में गड़बड़ियां पकड़ी थीं। इसपर स्टाफ को उसका सही इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया था। जांच में सामने आया कि यह आरडीटी किट 2012 की निर्मित थी। इनकी तीन हजार की खेप मंगाई थी। इसका कुछ हिस्सा बहेड़ी सीएचसी और पीएचसी पर भेजा गया था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरडीटी किट में ब्लड और बफर (केमिकल) लगाने में गड़बड़ी हुई थी। इस मामले में कमिश्नर राजवीर प्रसाद ने एडी हेल्थ को मेसेज किया था। इसके बाद सभी सीएचसी और पीएचसी पर जांच प्रक्रिया में सावधानी बरती जाने लगी है। वहीं अब सभी सीएचसी और पीएचसी में हुईं जांच में सवालों में घिर गई हैं।
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