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गड़बड़ी से भरे रैपिड सर्वे को किया रद, अब फिर होगा सर्वे
Updated Fri, 16 Jun 2017 09:22 PM IST
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बरेली।
निकाय चुनाव से पहले जल्दबाजी में कराए गए रैपिड सर्वे पर सवाल उठने के बाद इसे फिर से कराया जाएगा। पिछली बार 8 दिन में सर्वे किया गया था, इस बार इसे 45 दिन में करने के लिए कहा गया है। सर्वे के लिए 800 कर्मचारी लगाए जाएंगे। नगर आयुक्त की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। सर्वे में लगे कर्मियाें को जल्द ही ट्रेनिंग देकर घर- घर भेजा जाएगा।
अमर उजाला ने पड़ताल में रैपिड सर्वे की तमाम गलतियों को पकड़ा था। सौदागरान में सामान्य जाति की करीब 80 फीसदी आबादी है। ओबीसी जातियां यहां 15 फीसदी से अधिक नहीं है। लेकिन रैपिड सर्वे में 30.93 फीसदी बताया गया है। पड़ताल के दौरान यहां के लोगों ने बताया था कि उनके यहां कोई सर्वे के लिए नहीं आया। इसी तरह खन्नू मोहल्ला वार्ड में भी रस्तोगी 50 से 55 फीसदी है। सर्वे में 26.43 फीसदी है। ओबीसी घराें के बाहर ‘प’ लिखा जाना था जो लिखा ही नहीं गया। 1894 ब्लाक में 632 लोगों की टीम लगाई गई थी। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने बताया कि आठ दिन में हुआ सर्वे का कोई औचित्य ही नहीं है। इसलिए इतनी गड़बड़ियां हुई हैं। अब 45 दिन में सभी कर्मचारी घर- घर जाकर सर्वे करेंगे। सर्वे के बाद जो रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी उस पर 50 से अधिक आपत्तियां आई थीं।
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निकाय चुनाव से पहले जल्दबाजी में कराए गए रैपिड सर्वे पर सवाल उठने के बाद इसे फिर से कराया जाएगा। पिछली बार 8 दिन में सर्वे किया गया था, इस बार इसे 45 दिन में करने के लिए कहा गया है। सर्वे के लिए 800 कर्मचारी लगाए जाएंगे। नगर आयुक्त की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। सर्वे में लगे कर्मियाें को जल्द ही ट्रेनिंग देकर घर- घर भेजा जाएगा।
अमर उजाला ने पड़ताल में रैपिड सर्वे की तमाम गलतियों को पकड़ा था। सौदागरान में सामान्य जाति की करीब 80 फीसदी आबादी है। ओबीसी जातियां यहां 15 फीसदी से अधिक नहीं है। लेकिन रैपिड सर्वे में 30.93 फीसदी बताया गया है। पड़ताल के दौरान यहां के लोगों ने बताया था कि उनके यहां कोई सर्वे के लिए नहीं आया। इसी तरह खन्नू मोहल्ला वार्ड में भी रस्तोगी 50 से 55 फीसदी है। सर्वे में 26.43 फीसदी है। ओबीसी घराें के बाहर ‘प’ लिखा जाना था जो लिखा ही नहीं गया। 1894 ब्लाक में 632 लोगों की टीम लगाई गई थी। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने बताया कि आठ दिन में हुआ सर्वे का कोई औचित्य ही नहीं है। इसलिए इतनी गड़बड़ियां हुई हैं। अब 45 दिन में सभी कर्मचारी घर- घर जाकर सर्वे करेंगे। सर्वे के बाद जो रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी उस पर 50 से अधिक आपत्तियां आई थीं।
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