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मृदा हेल्थ कार्ड
Updated Mon, 05 Mar 2018 07:32 PM IST
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किसानों को बंटेंगे सात लाख मृदा हेल्थ कार्ड
दो साल के पेेंडिंग 2.81 लाख मिट्टी के नमूने जांचे गए
1.60 से ज्यादा नए नमूनों का परीक्षण भी अंतिम दौर में
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। रुहेलखंड मंडल में दो साल से लंबित 2.81 लाख मिट्टी के नमूनों का परीक्षण पूरा कर लिया गया है। इसके लिए चारों जिलों में अलग-अलग मशीनें मंगाकर लैब की स्थापना की गई। ज्यादा क्षमता वाली दो प्राइवेट लैब ने मृदा नमूना परीक्षण का काम तेजी से निपटाया। इस साल 1.60 लाख से ज्यादा नए मिट्टी के नमूने भी परीक्षण के लिए आए। उनका परीक्षण भी अंतिम दौर में है। जिन किसानों के मिट्टी के नमूनों का परीक्षण पूरा हो चुका है, उन्हें 31 मार्च तक सात लाख मृदा हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे।
पिछले साल साल जुलाई-अगस्त में अमर उजाला ने ‘2.81 लाख मृदा नमूनों के परीक्षण न होने’ का मामला उठाया था। इसके बाद हरकत में आए कृषि विभाग ने शासन से संपर्क कर बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत में लैब की स्थापना कराई। बरेली के रजऊ परसपुर में ज्यादा क्षमता की प्राइवेट लैब मंगवाकर दो साल से लंबित मृदा नमूनों का परीक्षण कराया। इनके परीक्षण का काम पूरा होने के बाद नए आए 1.60 लाख मृदा नमूनों का भी परीक्षण प्रारंभ किया गया। प्राइवेट लैब एक दिन में 10 हजार से ज्यादा नमूनों का परीक्षण करती है, जबकि बाकी लैब की क्षमता एक हजार से दो हजार परीक्षण प्रतिदिन की ही है। फिलहाल, 31 मार्च से पहले मंडल में पुराने लंबित मृदा नमूनों के साथ नए 1.60 लाख मृदा नमूनों का परीक्षण भी पूरा होने वाला है। जिन किसानों ने अपने खेत की मिट्टी का 12 बिंदुओं पर परीक्षण करा लिया है, उनको मृदा हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। मृदा हेल्थ विभाग ने सात लाख हेल्थ कार्ड तैयार कर लिए हैं। पांच मार्च के बाद इनका वितरण कभी भी प्रारंभ कराया जा सकता है। नौ और 10 मार्च को अभियान चलाकर हेल्थ कार्ड वितरित किए जाएंगे। इसके बाद मार्च तक हेल्थ कार्ड वितरण का काम चलता रहेगा।
कोट--
रुहेलखंड मंडल में पहले एक ही मशीन से मृदा नमूने टेस्ट होते थे। बाद में चारो जिलों में अलग-अलग मशीन मंगवाकर लैब बनवाया गया। बरेली में प्राइवेट मृदा लैब की स्थापना की गई, जिसकी क्षमता कई गुना ज्यादा है। मृदा परीक्षण के बाद अब किसानों को सात लाख हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे।
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- संजीव कुमार, सहायक निदेशक मृदा परीक्षण बरेली मंडल
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किसानों को बंटेंगे सात लाख मृदा हेल्थ कार्ड
दो साल के पेेंडिंग 2.81 लाख मिट्टी के नमूने जांचे गए
1.60 से ज्यादा नए नमूनों का परीक्षण भी अंतिम दौर में
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। रुहेलखंड मंडल में दो साल से लंबित 2.81 लाख मिट्टी के नमूनों का परीक्षण पूरा कर लिया गया है। इसके लिए चारों जिलों में अलग-अलग मशीनें मंगाकर लैब की स्थापना की गई। ज्यादा क्षमता वाली दो प्राइवेट लैब ने मृदा नमूना परीक्षण का काम तेजी से निपटाया। इस साल 1.60 लाख से ज्यादा नए मिट्टी के नमूने भी परीक्षण के लिए आए। उनका परीक्षण भी अंतिम दौर में है। जिन किसानों के मिट्टी के नमूनों का परीक्षण पूरा हो चुका है, उन्हें 31 मार्च तक सात लाख मृदा हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे।
पिछले साल साल जुलाई-अगस्त में अमर उजाला ने ‘2.81 लाख मृदा नमूनों के परीक्षण न होने’ का मामला उठाया था। इसके बाद हरकत में आए कृषि विभाग ने शासन से संपर्क कर बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत में लैब की स्थापना कराई। बरेली के रजऊ परसपुर में ज्यादा क्षमता की प्राइवेट लैब मंगवाकर दो साल से लंबित मृदा नमूनों का परीक्षण कराया। इनके परीक्षण का काम पूरा होने के बाद नए आए 1.60 लाख मृदा नमूनों का भी परीक्षण प्रारंभ किया गया। प्राइवेट लैब एक दिन में 10 हजार से ज्यादा नमूनों का परीक्षण करती है, जबकि बाकी लैब की क्षमता एक हजार से दो हजार परीक्षण प्रतिदिन की ही है। फिलहाल, 31 मार्च से पहले मंडल में पुराने लंबित मृदा नमूनों के साथ नए 1.60 लाख मृदा नमूनों का परीक्षण भी पूरा होने वाला है। जिन किसानों ने अपने खेत की मिट्टी का 12 बिंदुओं पर परीक्षण करा लिया है, उनको मृदा हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। मृदा हेल्थ विभाग ने सात लाख हेल्थ कार्ड तैयार कर लिए हैं। पांच मार्च के बाद इनका वितरण कभी भी प्रारंभ कराया जा सकता है। नौ और 10 मार्च को अभियान चलाकर हेल्थ कार्ड वितरित किए जाएंगे। इसके बाद मार्च तक हेल्थ कार्ड वितरण का काम चलता रहेगा।
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कोट--
रुहेलखंड मंडल में पहले एक ही मशीन से मृदा नमूने टेस्ट होते थे। बाद में चारो जिलों में अलग-अलग मशीन मंगवाकर लैब बनवाया गया। बरेली में प्राइवेट मृदा लैब की स्थापना की गई, जिसकी क्षमता कई गुना ज्यादा है। मृदा परीक्षण के बाद अब किसानों को सात लाख हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे।
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- संजीव कुमार, सहायक निदेशक मृदा परीक्षण बरेली मंडल