{"_id":"5b8d7f5642c7927c4532fab4","slug":"101535999830-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"85 मलेरिया और दर्जनों टाइफाइड के नये मरीज मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
85 मलेरिया और दर्जनों टाइफाइड के नये मरीज मिले
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश के बाद जलभराव और गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है। बीते आठ दिनों मेंबुखार से 48 और डायरिया से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को सीएमओ कार्यालय ने अलर्ट बुलेटिन जारी करके मलेरिया और टाइफाइड के नए मरीजों की जानकारी दी। वहीं देहात क्षेत्रों में करीब तीन हजार मलेरिया के मरीजों की स्लाइड बनाई गईं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जापानी एनसेफेलिटिस (जेई) की पुष्टि किसी भी मरीज में नहीं हुई।
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला के मुताबिक देहात क्षेत्रों में करीब तीन हजार मलेरिया स्लाइड बनाई गई हैं, जिसमें 85 मलेरिया के नए मरीज मिले। वहीं जांच में दर्जनों मरीजों को टाइफाइड होने की पुष्टि भी हुई। कुछ मरीजों के खून की जांच में हीमोग्लोबिन एवं प्लेटलेट्स कम पाए गए। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मझगवां ब्लॉक में सात और फरीदपुर में दो मरीजों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि मीरगंज, फरीदपुर, कुआंटाडा, नवाबगंज, फतेहगंज, सीबीगंज समेत अन्य प्रभावित एरिया में लारबी साइडल का स्प्रे एवं फॉगिंग भी कराई गई। डॉक्टरों ने मरीजों के घरों में जाकर उनका हालचाल भी जाना।
ब्लॉक मझगवां, रामनगर, भमोरा और फरीदपुर के गांवों में संक्रामक बीमारियों के मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निसोई, बेहटा बुजुर्ग, जैतपुर, हैलम, बीबनी, भिंडौरा, मडौरा, पटपड़ गंज, रामपुर खुर्द, ढाका, आखा, बलेई, मुश्राकपुर, ढकोरा, बिहारीपुर, फुलासी, महोलिया, राजपुर कला, रजऊ परसपुर, पीतमपुर, ब्योधनखुर्द, आमलपुर कोट, लीलौर सासा, मनौना और भानसी गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगाकर दवाएं बांटी गईं।
विज्ञापन
मेटरनिटी विंग, आई विभाग के वार्ड में भर्ती होंगे मरीज
बरेली। जिला अस्पताल में कृष्ण जन्माष्टमी के चलते सिर्फ 12 बजे तक ओपीडी में मरीजों को इलाज मुहैया कराया गया। महज कुछ घंटों में इमरजेंसी में 48 बुखार और डायरिया के मरीज सामने आए। अधिकांश को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉ. केएस गुप्ता ने बताया कि फिलहाल आई विभाग के वार्ड को खोलकर मरीजों को उसमें शिफ्ट किया गया। सुबह ही यह वार्ड पूरी तरह से भर चुका था। यह तय हो गया कि महिला जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग के प्रथम तल में संक्रामक बीमारियों के मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा। ताकि एक बेड पर कई मरीजों को भर्ती करके इलाज की समस्या खत्म किया जा सके। अब जिला अस्पताल प्रशासन निजी अस्पताल संचालकों से भी देहात क्षेत्रों में मेडिकल कैंप कराने के लिए पत्र लिख रहा है। नए सिरे से फीवर रेस्पांस टीमों का गठन भी किया गया है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला के मुताबिक देहात क्षेत्रों में करीब तीन हजार मलेरिया स्लाइड बनाई गई हैं, जिसमें 85 मलेरिया के नए मरीज मिले। वहीं जांच में दर्जनों मरीजों को टाइफाइड होने की पुष्टि भी हुई। कुछ मरीजों के खून की जांच में हीमोग्लोबिन एवं प्लेटलेट्स कम पाए गए। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मझगवां ब्लॉक में सात और फरीदपुर में दो मरीजों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि मीरगंज, फरीदपुर, कुआंटाडा, नवाबगंज, फतेहगंज, सीबीगंज समेत अन्य प्रभावित एरिया में लारबी साइडल का स्प्रे एवं फॉगिंग भी कराई गई। डॉक्टरों ने मरीजों के घरों में जाकर उनका हालचाल भी जाना।
विज्ञापन
ब्लॉक मझगवां, रामनगर, भमोरा और फरीदपुर के गांवों में संक्रामक बीमारियों के मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निसोई, बेहटा बुजुर्ग, जैतपुर, हैलम, बीबनी, भिंडौरा, मडौरा, पटपड़ गंज, रामपुर खुर्द, ढाका, आखा, बलेई, मुश्राकपुर, ढकोरा, बिहारीपुर, फुलासी, महोलिया, राजपुर कला, रजऊ परसपुर, पीतमपुर, ब्योधनखुर्द, आमलपुर कोट, लीलौर सासा, मनौना और भानसी गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगाकर दवाएं बांटी गईं।
विज्ञापन
मेटरनिटी विंग, आई विभाग के वार्ड में भर्ती होंगे मरीज
बरेली। जिला अस्पताल में कृष्ण जन्माष्टमी के चलते सिर्फ 12 बजे तक ओपीडी में मरीजों को इलाज मुहैया कराया गया। महज कुछ घंटों में इमरजेंसी में 48 बुखार और डायरिया के मरीज सामने आए। अधिकांश को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉ. केएस गुप्ता ने बताया कि फिलहाल आई विभाग के वार्ड को खोलकर मरीजों को उसमें शिफ्ट किया गया। सुबह ही यह वार्ड पूरी तरह से भर चुका था। यह तय हो गया कि महिला जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग के प्रथम तल में संक्रामक बीमारियों के मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा। ताकि एक बेड पर कई मरीजों को भर्ती करके इलाज की समस्या खत्म किया जा सके। अब जिला अस्पताल प्रशासन निजी अस्पताल संचालकों से भी देहात क्षेत्रों में मेडिकल कैंप कराने के लिए पत्र लिख रहा है। नए सिरे से फीवर रेस्पांस टीमों का गठन भी किया गया है।